Tuesday , 22 September 2026

दिल्ली में रूह कंपा देने वाली वारदात: कालकाजी मंदिर के पास फर्जी पुलिसकर्मी बन नाबालिग से गैंगरेप, मुठभेड़ के बाद एक दरिंदा गिरफ्तार

नई दिल्ली ब्यूरो। देश की राजधानी दिल्ली में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के ऐतिहासिक कालकाजी मंदिर के समीप स्थित एक पार्क में तीन युवकों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर 17 वर्षीय एक नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। सनसनीखेज घटना की सूचना मिलते ही हरकत में आई दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए देर रात हुई संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद एक मुख्य आरोपी को दबोच लिया है, जबकि फरार दो अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं।

मंदिर में दर्शन के बाद पार्क में बैठी थीं सहेलियां, खाकी की धौंस दिखाकर बनाया शिकार

दिल्ली पुलिस द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, दिल दहला देने वाली यह वारदात 21 सितंबर की शाम को घटी। 17 वर्षीय पीड़िता अपनी हमउम्र सहेली के साथ शाम करीब 7:00 बजे कालकाजी मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंची थी। दर्शन के उपरांत दोनों किशोरियां मंदिर परिसर से निकलकर पास ही कालकाजी और इस्कॉन मंदिर के मध्य स्थित एक सार्वजनिक पार्क में करीब 7:30 बजे जाकर बैठ गईं।

पीड़िता के अनुसार, इसी दौरान करीब 25 से 30 वर्ष की आयु के तीन अज्ञात युवक उनके पास पहुंचे। आरोपियों ने खुद को दिल्ली पुलिस का कर्मचारी बताते हुए रौब झाड़ना शुरू कर दिया। दोनों सहेलियों को डरा-धमकाकर पार्क में अलग-थलग ले जाया गया, जहां तीनों दरिंदों ने नाबालिग लड़की के साथ जबरन सामूहिक दुष्कर्म किया और वारदात के बाद मौके से फरार हो गए।

रात 8:45 बजे पीसीआर कॉल से मचा हड़कंप, अस्पताल में कराया गया मेडिकल

वारदात के फौरन बाद किसी तरह मामले की सूचना पुलिस नियंत्रण कक्ष (PCR) को दी गई। रात करीब 8:45 बजे पार्क से आई कॉल के बाद स्थानीय थाने और पीसीआर की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। पुलिस टीम ने बदहवास हालत में मिली पीड़िता को फौरन अपने संरक्षण में लिया और प्राथमिक चिकित्सीय सहायता व फॉरेंसिक जांच के लिए तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल भिजवाया। चिकित्सकों द्वारा पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और उसकी काउंसलिंग की जा रही है।

मुठभेड़ के बाद एक आरोपी दबोचा, पॉक्सो और BNS की गंभीर धाराओं में केस

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीड़िता के विस्तृत बयानों के आधार पर संबंधित थाने में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संगीन धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।

आरोपियों की पहचान और धरपकड़ के लिए पुलिस ने कालकाजी मंदिर, इस्कॉन मंदिर और पार्क के प्रवेश व निकास द्वारों पर लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालना शुरू किया। तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र की सूचना के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की घेराबंदी की। इस दौरान पुलिस टीम और आरोपियों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद एक आरोपी को धर दबोचा गया। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, पकड़े गए आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है और फरार दो अन्य आरोपियों को भी जल्द सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।

 

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