
न्यूयॉर्क। व्हाइट हाउस में इस सप्ताह होने वाली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बहुप्रतीक्षित शिखर वार्ता से ठीक पहले दोनों महाशक्तियों के बीच तकनीकी और व्यापारिक मोर्चे पर अहम प्रगति हुई है। न्यूयॉर्क स्थित जेपी मॉर्गन चेज के मुख्यालय में दोनों देशों के शीर्ष आर्थिक एवं व्यापारिक प्रतिनिधियों के बीच मैराथन बैठक संपन्न हुई। इस वार्ता में अमेरिका ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़े गंभीर सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए एक द्विपक्षीय ‘नोटिफिकेशन मैकेनिज्म’ (सूचना व्यवस्था) स्थापित करने का औपचारिक प्रस्ताव रखा है, ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने वाली एआई घटनाओं की तुरंत जानकारी साझा की जा सके।
दुनिया की शीर्ष दो एआई महाशक्तियों के बीच पारदर्शिता पर जोर
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने चीन के उपप्रधानमंत्री हे लिफेंग के साथ गहन चर्चा के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि अमेरिका और चीन को साझा लक्ष्यों और साझा खतरों को लेकर एक समान नजरिया अपनाना होगा। बेसेंट ने जोर देकर कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय गतिविधि की तरह दुनिया की नंबर एक (अमेरिका) और नंबर दो (चीन) एआई ताकतों के बीच अपारदर्शिता खत्म कर अधिक से अधिक पारदर्शिता लाना बेहद आवश्यक है। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप पूर्व में एआई के विकास को धीमा करने संबंधी अंतरराष्ट्रीय दबावों का विरोध करते रहे हैं; उनका स्पष्ट रुख रहा है कि विकास धीमा करने से चीनी कंपनियों को अमेरिकी टेक कंपनियों की बराबरी करने या उनसे आगे निकलने का अनुचित अवसर मिल सकता है।
ट्रंप-शी शिखर बैठक से पहले द्विपक्षीय ‘व्यापार परिषद’ पर मुहर
रविवार देर रात वार्ता संपन्न होने के बाद अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर ने पुष्टि की कि गुरुवार को वाशिंगटन में ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच होने वाले ऐतिहासिक संवाद के लिए मजबूत आधारशिला तैयार कर ली गई है। दोनों देशों ने औपचारिक रूप से एक नई द्विपक्षीय ‘व्यापार परिषद’ (Board of Trade / Trade Council) को सक्रिय करने पर सहमति जताई है। उल्लेखनीय है कि इस व्यवस्था पर मई माह में बीजिंग में ट्रंप और शी की आमने-सामने की बैठक के दौरान प्राथमिक चर्चा हुई थी। ग्रीर ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि मई में बने वे विचार अब जमीनी स्तर पर वास्तविकता का रूप ले चुके हैं।
गैर-संवेदनशील सामानों पर टैरिफ कटौती की कवायद तेज
व्यापार मोर्चे पर अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर ने संकेत दिया कि दोनों पक्ष उन ‘गैर-संवेदनशील’ वस्तुओं की सूची को अंतिम रूप देने पर लगातार विचार-विमर्श कर रहे हैं, जिन पर सीमा शुल्क (टैरिफ) घटाया जा सकता है। इस संभावित रियायती सूची में दोनों ओर से उपभोक्ता उत्पाद, कृषि जिंस, ऊर्जा संसाधन और जीवनरक्षक चिकित्सा उपकरण शामिल किए जा सकते हैं। दोनों देशों के बीच यह उच्चस्तरीय संवाद ऐसे निर्णायक मोड़ पर हुआ है जब वाशिंगटन और बीजिंग एआई रेगुलेशन, आपूर्ति श्रृंखला, रणनीतिक खनिजों और राष्ट्रीय सुरक्षा के जटिल समीकरणों के बीच अपने द्विपक्षीय संबंधों को संतुलित करने की कोशिश में जुटे हैं।
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