
उत्तर प्रदेश के संभल जिले के धनारी थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव धनारी पट्टी बालूशंकर से ‘लुटेरी दुल्हन’ का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। एक महिला बिचौलिए (दलाल) ने शादी कराने का झांसा देकर पीड़ित पिता से सवा लाख रुपये की ठगी की। शादी के महज पंद्रह दिन बाद ही नई-नवेली दुल्हन घर में रखे लाखों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण और नकदी समेटकर अपने दूसरे पति के साथ रफूचक्कर हो गई। ठगी और विश्वासघात के शिकार पीड़ित परिवार ने धनारी थाने में लिखित तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई है।
महिला दलाल का बुना हुआ जाल और झूठी कहानी
धनारी पट्टी बालूशंकर निवासी पीड़ित हरपाल ने पुलिस को दी शिकायत में पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। हरपाल के अनुसार, 10 जुलाई को मुरादाबाद जनपद के मैनाठेर थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव नरोदा निवासी एक महिला उनके घर आई। महिला ने सहानुभूति बटोरने के लिए झूठी कहानी गढ़ी कि उसके संरक्षण में एक युवती रहती है, जिसके पति का निधन हो चुका है और उसका सात साल का एक मासूम बेटा भी है। महिला दलाल ने दावा किया कि वह खुद ही उस बेसहारा युवती का कन्यादान और शादी का पूरा खर्च वहन करेगी, लेकिन इसके एवज में उसे एक लाख रुपये की मदद देनी होगी।
50 हजार एडवांस दिए, पंजाब बुलाकर रचाई शादी
महिला की चिकनी-चुपड़ी बातों और दावों पर भरोसा करते हुए हरपाल ने 50 हजार रुपये नकद एडवांस देकर अपने बेटे गुलशन के लिए रिश्ता तय कर लिया। इसके बाद महिला के कहे अनुसार हरपाल 75 हजार रुपये नकद और शादी के कपड़े-गहने लेकर पंजाब पहुंचे। वहां आगामी दो अगस्त को राखी नाम की युवती के साथ गुलशन का विधिवत विवाह संपन्न कराया गया। शादी के दौरान उसी महिला दलाल ने खुद आगे बढ़कर कन्यादान की रस्में भी पूरी कीं। विवाह संपन्न होने के बाद हरपाल अपने बेटे और नई बहू को लेकर हंसी-खुशी अपने पैतृक गांव लौट आए।
चाचा बनकर पहुंचा दूसरा पति, लाखों के गहने और नकदी लेकर फरार
विवाह के बमुश्किल 15 दिन ही बीते थे कि गिरोह ने अपनी पूर्व नियोजित साजिश को अंजाम देना शुरू कर दिया। 17 अगस्त को महिला दलाल ने हरपाल को फोन कर सूचना दी कि लड़की के चाचा उसे मायके लिवाने आ रहे हैं, इसलिए उसे उनके साथ विदा कर दिया जाए। इसके बाद 19 अगस्त को नरोदा निवासी एक युवक हरपाल के घर पहुंचा और खुद को लड़की का चाचा बताते हुए बहू राखी को अपने साथ विदा करा ले गया।
जाते वक्त राखी ने ससुराल के लॉकर में रखे सोने के कुंडल, मंगलसूत्र का गिट्टा, चांदी की भारी पायल, चांदी के कड़े और चांदी का कमरगुच्छा चुपके से अपने बैग में भर लिया। इतना ही नहीं, उसने मायके से भैंस खरीदकर लाने का बहाना बनाकर ससुर से 25 हजार रुपये नकद भी ऐंठ लिए। बाद में जब दुल्हन वापस नहीं लौटी और खोजबीन की गई, तो चौंकाने वाला सच सामने आया कि जो व्यक्ति खुद को चाचा बताकर ले गया था, वह असल में उसका दूसरा पति था और यह गिरोह संगठित रूप से युवकों को शादी का झांसा देकर लूटने का काम करता है। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस अब मामले की तहकीकात और आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
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