
उत्तर प्रदेश के आगरा में शुक्रवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नियमों और किसान नेताओं को नजरबंद किए जाने के खिलाफ सवर्ण समाज के युवाओं का आक्रोश सड़कों पर फूट पड़ा। करीब 1200 युवा 100 ट्रैक्टरों के विशाल काफिले के साथ जिला कलेक्ट्रेट का घेराव करने के लिए कूच कर गए। हालात की गंभीरता को भांपते हुए एत्मादपुर क्षेत्र के संवई गांव से 200 मीटर पहले पुलिस और पीएसी ने चार क्रेन और सात बुलडोजर अड़ाकर भारी-भरकम बैरिकेडिंग कर दी। कलेक्ट्रेट जाने की जिद पर अड़े प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच इस दौरान जोरदार नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई, जिससे इलाके में भारी तनाव फैल गया।
बैरियर तोड़ हाईवे की ओर दौड़े प्रदर्शनकारी, लगा भीषण जाम
स्थिति बिगड़ती देख मौके पर मुस्तैद दो कंपनी पीएसी और करीब 300 पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को पीछे खदेड़ने का प्रयास किया। दोपहर करीब 3 बजे आक्रोशित युवाओं ने पुलिस की घेराबंदी तोड़ दी और तेजी से आगरा-फिरोजाबाद नेशनल हाईवे की तरफ दौड़ लगा दी। पुलिसकर्मी भी उन्हें रोकने के लिए पीछे भागे। आखिरकार युवा हाईवे पर ही धरने पर बैठ गए और सड़क पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया। हाईवे पर अचानक लगे इस जाम के चलते दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह चरमरा गया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने ड्रोन से निगरानी शुरू की और 10 प्रमुख प्रदर्शनकारियों को एहतियातन हिरासत में ले लिया।
चूहे-बिल्ली का खेल: कुबेरपुर में लाठियां फटकार कर रोका
कलेक्ट्रेट की दूरी करीब 25 किलोमीटर थी, जिसे तय करने के लिए प्रदर्शनकारी कई बार पुलिस को चकमा देकर आगे निकले। संवई गांव से निकलने के बाद प्रदर्शनकारियों को तीन किलोमीटर आगे भगवान पेट्रोल पंप के पास घेरा गया। वहां से बचकर निकले युवाओं को आखिरकार कलेक्ट्रेट से 20 किलोमीटर पहले कुबेरपुर जीरो पॉइंट पर पुलिस ने सख्त घेराबंदी कर रोक लिया। कुबेरपुर में जब प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने पर अड़ गए और नारेबाजी तेज हो गई, तो पुलिस ने लाठियां फटकार कर भीड़ को तितर-बितर किया। इस आंदोलन की कमान सिस्टम सुधार संगठन के अध्यक्ष और सवर्ण नेता अंशुमान ठाकुर के हाथ में थी, जिनके साथ करणी सेना के जिलाध्यक्ष प्रतीक चौहान और सपा नेता मनोज शर्मा भी मौजूद रहे।
डिप्टी सीएम से वार्ता के बाद संवई गांव में अनिश्चितकालीन धरना
करीब सात से आठ घंटे तक चले इस जबरदस्त गतिरोध के बाद प्रशासन और प्रदर्शनकारी नेताओं के बीच सुलह की बातचीत हुई। कमिश्नर दीपक कुमार ने प्रदर्शनकारी नेताओं की उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से फोन पर वार्ता कराई। प्रदर्शनकारी नेता अंशुमान ठाकुर ने बताया कि सरकार और प्रशासन ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए चार दिनों के भीतर यूजीसी मामले को लेकर केंद्रीय मंत्रिमंडल से बातचीत कराने का ठोस आश्वासन दिया है। इसके बाद कलेक्ट्रेट मार्च को स्थगित कर दिया गया। हालांकि, युवाओं ने साफ किया कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक संवई गांव में शांतिपूर्ण अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। अगर चार दिन में बात नहीं बनी, तो दोबारा बड़ा ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा। वर्तमान में संवई गांव में धरना स्थल पर सुरक्षा के मद्देनजर 100 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं।
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