Tuesday , 1 September 2026

कौशांबी पटाखा फैक्ट्री धमाका: मुख्य आरोपी नौशाद मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार, पैर में लगी गोली; 11 की मौत के बाद पुलिसकर्मियों पर भी गिरी गाज

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट कांड के मुख्य आरोपी नौशाद को पुलिस ने देर रात मुठभेड़ के दौरान धर दबोचा। शहर छोड़कर भागने की फिराक में जुटे आरोपी की घेराबंदी करने पर हुई फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी है। घायल आरोपी को सुरक्षा घेरे में उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

घेराबंदी के दौरान भागने का प्रयास, जवाबी फायरिंग में घायल

पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत के मुताबिक, हादसे के बाद से ही फरार चल रहे मुख्य आरोपी की तलाश में पुलिस की विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही थीं। सटीक इनपुट मिलने पर जब पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की, तो नौशाद ने भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में लगी गोली से वह घायल हो गया और उसे हिरासत में ले लिया गया। पुलिस का कहना है कि स्वास्थ्य में सुधार होते ही आरोपी से इस अवैध कारोबार के पूरे नेटवर्क को लेकर गहन पूछताछ की जाएगी।

दो साल पहले रद्द हुआ था लाइसेंस, नामजद महिलाएं पहले ही गिरफ्तार

प्राथमिक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी नौशाद के पास पहले पटाखा बनाने का वैध लाइसेंस था, लेकिन नियमों के उल्लंघन के चलते प्रशासन ने करीब दो साल पहले ही इसे निलंबित कर दिया था। इसके बावजूद वह घनी आबादी के बीच अवैध रूप से विस्फोटक सामग्री का भंडारण और निर्माण कर रहा था। पुलिस इस प्रकरण में नामजद शबाना और उसकी बेटी साइना को पहले ही जेल भेज चुकी है।

धमाके में 8 मासूमों समेत 11 की जान गई, 3 वेंटिलेटर पर

मनोरी क्षेत्र की घनी बस्ती में सोमवार को हुए इस जोरदार धमाके ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया था। इस दर्दनाक हादसे में अब तक कुल 11 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें आठ बच्चे, दो पुरुष और एक महिला शामिल हैं। मृतकों में कई लोग एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं। हादसे में 20 से अधिक लोग झुलसे हैं, जिनमें से तीन की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है।

लापरवाही बरतने पर एसओ समेत पांच पुलिसकर्मियों पर सख्त एक्शन

इतने बड़े स्तर पर चल रहे अवैध निर्माण पर स्थानीय पुलिस की लापरवाही सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर कड़ा एक्शन लिया गया है। पिपरी थानाध्यक्ष विकास सिंह, चायल चौकी इंचार्ज अमित द्विवेदी और पूर्व चौकी इंचार्ज मनीष पाल को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है। वहीं इलाके के बीट सिपाही जितेंद्र शुक्ला और कृष्ण कुमार को निलंबित करते हुए दोनों के खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी गई है।

 

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