Saturday , 15 August 2026

कानपुर में सुहागिन के भेष में मिली गर्भवती दलित युवती की लाश : दो प्रेमियों पर हत्या का केस, DNA टेस्ट खोलेगा गर्भस्थ शिशु का राज

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद स्थित पतारा कस्बे से एक सनसनीखेज और पेचीदा वारदात सामने आई है। पतारा कस्बे के तिलसड़ा मोड़ के पास एक बगीचे में 25 वर्षीय अविवाहित दलित युवती का शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। युवती की संदिग्ध मौत के बाद घटनास्थल का मंजर देख पुलिस और ग्रामीण दोनों हैरान रह गए।

सुहागिनों जैसा श्रृंगार और पोस्टमार्टम में जहर की पुष्टि

मृतक युवती अविवाहित थी, लेकिन उसके शरीर पर सुहागिनों की तरह पूरा श्रृंगार मौजूद था। उसकी मांग लिपस्टिक से भरी हुई थी, माथे पर बिंदी सजी थी और पैरों की तीसरी उंगली में नई बिछिया पहनी हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि युवती की मौत जहर (पॉइजनिंग) के असर से हुई है। इसके साथ ही एक और बड़ा खुलासा यह हुआ कि मृतका पांच माह की गर्भवती थी।

पिता का आरोप: दो प्रेमियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज

घटना के बाद मृतका के पिता ने पतारा थाने में तहरीर देकर हत्या का आरोप लगाया। पिता की शिकायत पर पुलिस ने दो व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है:

  • गोले पांडेय (50 वर्ष): निवासी पतारा, स्थानीय निवासी

  • प्रांजुल पाल: निवासी जहानाबाद, जनपद फतेहपुर

पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए प्रांजुल पाल को हिरासत में ले लिया है, जबकि फरार अधेड़ गोले पांडेय की धरपकड़ के लिए पुलिस की चार विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

त्रिकोणीय प्रेम संबंध और आखिरी कॉल डिटेल्स के राज

पुलिस की प्राथमिक जांच और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) की पड़ताल में उलझी हुई प्रेम कहानी की परतें खुली हैं। पूछताछ में सामने आया कि प्रांजुल का ननिहाल पतारा में है, जहां एक परिचित के माध्यम से उसे युवती का नंबर मिला था और दोनों के बीच बातचीत के बाद प्रेम संबंध बने। प्रांजुल कानपुर देहात के रनियां स्थित फैक्ट्री में कार्यरत है और बिधनू में अपने रिश्तेदार के यहां रहता है।

वहीं दूसरी ओर, मृतका के पिता ने 50 वर्षीय गोले पांडेय के खेत बटाई पर ले रखे थे। विधुर गोले पांडेय ने युवती की नौकरी कानपुर मेट्रो में लगवाई थी और उसे रामादेवी स्थित एक किराए के मकान में रखा था, जहां दोनों के बीच नजदीकी संबंध थे। सीडीआर के मुताबिक, घटना के दिन युवती ने प्रांजुल से करीब 23 मिनट (1400 सेकंड) और गोले पांडेय से 10 मिनट (600 सेकंड) बात की थी। जहर खाने के बाद गोले पांडेय ही युवती को उपचार के लिए हैलट अस्पताल ले गया था।

शादी का दबाव, बेरुखी और जहर का दर्दनाक अंत

जांच में यह बात सामने आई है कि युवती बड़ी उम्र के गोले पांडेय से विवाह नहीं करना चाहती थी। वह हमउम्र प्रांजुल पर लगातार शादी करने का दबाव बना रही थी, लेकिन प्रांजुल इससे लगातार इनकार कर रहा था। 11 जुलाई को जब युवती के गर्भवती होने की जानकारी उसके परिवार को हुई, तो परिजनों ने उसे घर से निकाल दिया और सारे रिश्ते तोड़ लिए थे। प्रांजुल के अनुसार, वारदात वाले दिन युवती ने उससे रुपयों की मांग की थी और मांग पूरी न होने पर जहर खाने की चेतावनी दी थी।

गर्भस्थ शिशु का जैविक पिता कौन? DNA जांच कराएगी पुलिस

युवती के गर्भ में पल रहा 5 महीने का अजन्मा बच्चा किसका था, यह गुत्थी अभी अनसुलझी है। हिरासत में मौजूद प्रांजुल इस सवाल पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) ने स्पष्ट किया है कि मामले की तह तक पहुंचने के लिए दोनों आरोपियों—प्रांजुल पाल और गोले पांडेय—का डीएनए सैंपल लिया जाएगा। इसका मिलान गर्भस्थ शिशु के डीएनए से कराया जाएगा, जिससे जैविक पिता की पुष्टि होगी और वारदात के वास्तविक कारणों से पर्दा उठ सकेगा।

 

Check Also

उदयपुर में रूह कंपा देने वाली वारदात: घर के संदूक में प्लास्टिक में लिपटे मिले लापता बुजुर्ग दंपति के शव, इलाके में सनसनी

उदयपुर: राजस्थान के उदयपुर जिले से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। आदिवासी …