Saturday , 4 July 2026

पंजाब कांग्रेस में बड़ी बगावत के संकेत: हाईकमान के फैसले से नाराज सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा पहुंचे दिल्ली, गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की अटकलें तेज

चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में सांगठनिक फेरबदल के तुरंत बाद पार्टी के भीतर जबरदस्त असंतोष और बगावत के सुर तेज हो गए हैं। कांग्रेस हाईकमान द्वारा राज्य इकाई में किए गए हालिया बदलावों से कई वरिष्ठ नेता बेहद खफा नजर आ रहे हैं। इस सियासी घमासान के बीच पंजाब के राजनीतिक गलियारों में एक नई और चौंकाने वाली चर्चा छिड़ गई है। अंदरूनी सूत्रों की मानें तो साल 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में एक बार फिर दोफाड़ (बड़ा विभाजन) होने की स्थिति बनती दिख रही है, क्योंकि पार्टी के एक बेहद सीनियर फायरब्रांड नेता ने दिल्ली का रुख कर लिया है।

गुपचुप दिल्ली पहुंचे सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, सियासी हलचल तेज इसी बीच गुरदासपुर से नवनिर्वाचित कांग्रेस सांसद और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा के अचानक और चुपचाप दिल्ली पहुंचने से पंजाब से लेकर देश की राजधानी तक राजनीतिक अटकलें बेहद तेज हो गई हैं। सूत्रों के हवाले से मिली पुख्ता जानकारी के मुताबिक, सुखजिंदर सिंह रंधावा बेहद गोपनीय ढंग से दिल्ली पहुंचे हैं और उनके जल्द ही देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करने की संभावना है। इस संभावित मुलाकात की खबर ने पंजाब कांग्रेस के खेमे में हड़कंप मचा दिया है।

राजा वड़िंग को दोबारा कमान मिलने और खुद को साइडलाइन किए जाने से नाराजगी बताया जा रहा है कि रंधावा हाईकमान द्वारा पंजाब कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे में किए गए बदलावों से पूरी तरह असहमत और नाराज हैं। पार्टी के कई सीनियर नेताओं में इस बात को लेकर गहरा रोष है कि सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को ही पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष (प्रधान) पद पर दोबारा बरकरार क्यों रखा गया। रंधावा खुद को पंजाब कांग्रेस का प्रधान बनाए जाने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन हाईकमान ने उन्हें पंजाब कांग्रेस की कोर कमेटी का चेयरमैन नियुक्त कर दिया। रंधावा इसे अपनी सीनियरिटी के साथ समझौता और साइडलाइन किए जाने के तौर पर देख रहे हैं।

मीडिया से बनाई दूरी, आधिकारिक बयान का इंतजार फिलहाल सुखजिंदर सिंह रंधावा की गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की खबरें पूरी तरह से सूत्रों के हवाले से सामने आ रही हैं और इस संबंध में अभी तक रंधावा या बीजेपी खेमे की ओर से कोई भी आधिकारिक या औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। दिल्ली पहुंचने के बाद से ही रंधावा ने मीडिया के कैमरों और तीखे सवालों से पूरी तरह दूरी बना रखी है। लेकिन राजनीति के जानकारों का कहना है कि रंधावा की यह ‘खामोशी’ पंजाब की सियासत में किसी बड़े तूफान के आने का साफ संकेत दे रही है।

 

Check Also

शातिर नौकरानी की ‘रील’ ने खोला 10 लाख की चोरी का राज: मालकिन के साथ खुद गई थी पुलिस स्टेशन; इंस्टाग्राम पर गहने फ्लॉन्ट करना पड़ा भारी

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक ऐसा अनोखा और चौंकाने वाला मामला सामने आया …