
डिजिटल डेस्क, एवियन (फ्रांस)। फ्रांस के खूबसूरत शहर एवियन में आयोजित 52वें जी7 (G7) शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन वैश्विक राजनीति की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक तस्वीर सामने आई है। बुधवार को सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। इस बैठक के बाद जो बयान सामने आए, उसने दुनिया भर के कूटनीतिक गलियारों में तहलका मचा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की तारीफ में कसीदे पढ़ते हुए भारत की सुरक्षा को लेकर एक ऐसा अभूतपूर्व वादा किया है, जिसकी कल्पना शायद ही किसी ने की होगी।
‘मोदी लीडर होंगे तो अमेरिका पूरी ताकत से करेगा मदद’ – डोनाल्ड ट्रंप
द्विपक्षीय बैठक के बाद ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी की जमकर सराहना की और भारत के साथ अपनी गहरी दोस्ती का खुलकर इजहार किया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बेहद आक्रामक और स्पष्ट अंदाज में कहा, “जब तक मैं प्रेसिडेंट हूं, व्हाइट हाउस में मोदी का हमेशा एक अच्छा दोस्त मौजूद रहेगा। अगर भारत या मोदी पर कोई बाहरी हमला होता है और मोदी देश के लीडर होंगे, तो हम पूरी ताकत के साथ उनकी मदद के लिए आगे आएंगे।”
ट्रंप ने पीएम मोदी की कार्यशैली की तारीफ करते हुए आगे कहा, “जब तक मोदी भारत के लीडर हैं, इंडिया हर फील्ड में एक बड़ा और महत्वपूर्ण रोल निभाएगा। मोदी एक बेहद शांत और जबरदस्त नेता हैं, लेकिन मैं मोदी की तरह शांत नहीं हूं।” ट्रंप के इस बयान से साफ है कि अमेरिका और भारत के रणनीतिक संबंध अब एक नए और बेहद मजबूत दौर में पहुंच चुके हैं, जहां ट्रंप ने भारत की सुरक्षा को सीधे पीएम मोदी के नेतृत्व से जोड़ दिया है।
समुद्री सुरक्षा पर पीएम मोदी की दो-टूक, ईरान डील को लेकर रखी बड़ी मांग
राष्ट्रपति ट्रंप के साथ हुई इस बेहद गंभीर द्विपक्षीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के हितों को पूरी मजबूती के साथ वैश्विक मंच पर रखा। पीएम मोदी ने मुख्य रूप से समुद्री रास्तों और अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में भारतीयों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। पीएम मोदी ने दो-टूक शब्दों में कहा कि समुद्र में भारतीय नागरिकों और नाविकों की सुरक्षा बेहद जरूरी है।
पश्चिम एशिया (वेस्ट एशिया) के तनावपूर्ण हालातों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने उम्मीद जताई कि अमेरिका और ईरान के बीच आगामी दिनों में जो भी डील या समझौता होगा, उसमें भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को हर हाल में पक्का किया जाएगा। पीएम मोदी का यह रुख साफ करता है कि वैश्विक अशांति के बीच भी भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह का समझौता करने के मूड में नहीं है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का खुला रहना जरूरी, वेस्ट एशिया में ट्रंप की लीडरशिप की तारीफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यापारिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। पीएम ने कहा कि वैश्विक व्यापार और सुरक्षा के लिहाज से होर्मुज जलडमरूमध्य का खुला रहना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही, पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। पीएम मोदी ने कहा, “मैं वेस्ट एशिया में शांति की कोशिशों में राष्ट्रपति ट्रंप की लीडरशिप की तारीफ करता हूं। ट्रंप के नेतृत्व में इस पूरे क्षेत्र में शांति की एक नई और मजबूत उम्मीद दिखाई दे रही है।”
बता दें कि फ्रांस के एवियन में दो दिवसीय 52वें G7 समिट का सफल आयोजन हुआ, जिसमें दुनिया की महाशक्तियों ने हिस्सा लिया। समिट के दूसरे दिन पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की इस मुलाकात और उनके बयानों ने इस पूरे सम्मेलन के केंद्र बिंदु को भारत और अमेरिका के मजबूत होते रिश्तों की तरफ मोड़ दिया है।
पीएम मोदी ने दोनों दिन भारतीय की मौत का मुद्दा उठाया
पीएम मोदी ने G7 समिट में दोनों दिन होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा उठाया। उन्होंने समिट के पहले दिन मंगलवार को आउटरीच सेशन में कहा था कि इस अहम समुद्री मार्ग में कई भारतीयों ने जान गंवाई है और वैश्विक व्यापार को जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी देशों की जिम्मेदारी है।
मोदी बोले- वेस्ट एशिया संकट का असर लंबे समय तक रहेगा
मोदी ने बुधवार को समिट में कहा कि वेस्ट एशिया में संकट की वजह से फ्यूल, फर्टिलाइजर और फूड सप्लाई चेन में आई रुकावटों का असर ग्लोबल साउथ (दक्षिणी देशों) पर काफी समय तक रहेगा।
मोदी ने कहा- अंतरराष्ट्रीय एकजुटता मजबूत करने के लिए कमजोर देशों को संकटों का बोझ अकेले नहीं उठाना चाहिए। कई देशों की आबादी बूढ़ी हो रही है, जबकि भारत और ग्लोबल साउथ के देशों में युवा प्रतिभा और कौशल की कमी नहीं है।
ट्रम्प G7 लीडर्स से बोले- आई एम द बॉस
वर्किंग सेशन में बुधवार को जब ट्रम्प देरी से पहुंचे तो सभी उनकी तरफ देख रहे थे। ट्रम्प कुछ देर चले और रुककर मजाक में कहा- आई एम द बॉस। इसके बाद सभी हंसने लगे। समिट में 14 देशों के नेताओं ने भाग लिया। आज समिट का दूसरा दिन है।

US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा- हम ट्रेड डील कर रहे हैं। अमेरिका और भारत के बीच बहुत सी चीजें हो रही हैं। अमेरिका अब तक का सबसे अच्छा काम कर रहा है। हमारे पास $19.2 ट्रिलियन से ज्यादा आ रहे हैं। हम सब कुछ बना रहे हैं।
प्रधानमंत्री अमेरिका में बहुत कुछ बना रहे हैं और बहुत पैसा खर्च कर रहे हैं, इसलिए हम उस काम की तारीफ करते हैं। लेकिन मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि वह लंबे समय से मेरे दोस्त हैं और हमारे बीच हमेशा से बहुत अच्छे रिश्ते रहे हैं, और आपके साथ होना बहुत अच्छा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने वर्किंग लंच स्टेटमेंट में पीएम मोदी की तारीफ की। ट्रम्प ने कहा कि मोदी शांत, कूल और जबरदस्त इंसान हैं, लेकिन वह मोदी की तरह नहीं हैं।

ट्रम्प ने 2015 के ईरान परमाणु समझौते (JCPOA) की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रशासन ने समझौते के तहत ईरान को अरबों डॉलर दिए, जिसमें 1.7 अरब डॉलर कैश भी शामिल थे।
ट्रम्प ने कहा कि यह समझौता अमेरिका के लिए अच्छा नहीं था और ओबामा प्रशासन ने ईरान को बड़ी आर्थिक राहत देकर उसे फायदा पहुंचाया। उन्होंने दावा किया कि कैश विमान के जरिए ईरान भेजा गया था और इसे लेकर उन्होंने समझौते की आलोचना की।
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