Wednesday , 17 June 2026

एडवर्ड्स एयरबेस पर टेकऑफ करते ही गिरा अमेरिकी वायुसेना का B-52 महाविनाशक विमान, सभी 8 क्रू मेंबर्स की मौत; फ्लाई कंट्रोल सिस्टम फेल होने की आशंका

वॉशिंगटन/कैलिफोर्निया:  अमेरिकी वायुसेना (US Air Force) के सबसे भरोसेमंद और घातक परमाणु बमवर्षक विमानों में से एक, B-52 स्ट्रेटोफोर्ट्रेस (B-52 Bomber) के दुर्घटनाग्रस्त होने से अमेरिकी सैन्य महकमे में मातम छा गया है। दक्षिणी कैलिफोर्निया स्थित रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण एडवर्ड्स एयरफोर्स बेस (Edwards Air Force Base) पर सोमवार सुबह हुए इस भीषण हादसे में विमान में सवार सभी 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। अमेरिकी वायुसेना मुख्यालय ने आधिकारिक बयान जारी कर इस दुखद घटना की पुष्टि की है। वायुसेना के मुताबिक, यह महाविनाशक विमान एक बेहद महत्वपूर्ण ‘नियमित परीक्षण उड़ान’ (Routine Test Flight) पर था, तभी यह भयानक हादसा हो गया।

सुबह 11:20 बजे टेकऑफ के तुरंत बाद लगी भीषण आग, मलबे में तब्दील हुआ विमान

प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 11 बजकर 20 मिनट पर B-52 बॉम्बर विमान ने टेस्ट फ्लाइट के लिए एडवर्ड्स एयरबेस के मुख्य रनवे से जैसे ही टेकऑफ किया, वह अचानक अनियंत्रित हो गया। विमान अभी ठीक से ऊंचाई भी नहीं पकड़ पाया था कि कुछ ही सेकेंड्स में वह सीधे जमीन पर आ गिरा। गिरते ही विमान में एक भयानक विस्फोट हुआ और वह धू-धू कर जलने लगा। विमान में लगी आग और धमाका इतना जबरदस्त था कि मलबे से उठते काले धुएं के गुबार को कई मील दूर से देखा जा सकता था।

वायुसेना के अधिकारियों ने बताया कि इस हादसे में जान गंवाने वाले 8 लोगों में अमेरिकी वायुसेना के जांबाज जवान और विमान परीक्षण (Aviation Testing) से जुड़े हाई-प्रोफाइल तकनीकी विशेषज्ञ शामिल थे। फिलहाल दुर्घटना की सटीक वजह साफ नहीं हो सकी है, लेकिन शुरुआती तौर पर अनुमान लगाया जा रहा है कि विमान के कंट्रोल सिस्टम, शक्तिशाली इंजन या फिर जिस नए उपकरण की टेस्टिंग की जा रही थी, उसमें कोई अचानक आई बड़ी खराबी इस तबाही की वजह बनी। सुरक्षा कारणों से अधिकारियों ने अभी तक यह खुलासा नहीं किया है कि इस टेस्ट फ्लाइट के दौरान विमान में कोई घातक हथियार या मिसाइल मौजूद थी या नहीं। हादसे के तुरंत बाद पूरे एयरफील्ड को पूरी तरह लॉक (बंद) कर दिया गया है और वहां आने वाली अन्य सभी फ्लाइट्स को दूसरे नजदीकी एयरबेस की ओर डायवर्ट (भेजा) किया जा रहा है।

एविएशन एक्सपर्ट का बड़ा दावा: फ्लाई कंट्रोल सिस्टम या इंजन फेल होना हो सकती है वजह

इस बीच, विमानन सुरक्षा विशेषज्ञ (Aviation Safety Expert) जेफ गुजेटी ने इस क्रैश को लेकर एक बड़ा तकनीकी विश्लेषण साझा किया है। गुजेटी ने कहा कि विमान जिस तरह से रनवे से उड़ान भरने के ठीक बाद अचानक नीचे गिरा, उसे देखकर शुरुआती और प्राथमिक तौर पर यही आशंका लगती है कि विमान का ‘फ्लाई कंट्रोल सिस्टम’ (Flight Control System) पूरी तरह फेल हो गया था। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि जब तक ब्लैक बॉक्स का डेटा और मलबे की फॉरेंसिक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी अंतिम नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

विशेषज्ञ जेफ गुजेटी के मुताबिक, यह मामला मेंटेनेंस (रखरखाव) के बाद नियंत्रण प्रणाली में आई किसी बड़ी गड़बड़ी, इंजन के अचानक ठप हो जाने या फिर विमान में टेस्ट किए जा रहे किसी नए सेंसिटिव उपकरण के फेल होने का भी हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मिलिट्री की परीक्षण उड़ानें (Test Flights) सामान्य ऑपरेशनल उड़ानों की तुलना में हमेशा बहुत अधिक जोखिम भरी और खतरनाक होती हैं, क्योंकि इनमें विमान और उपकरणों को उनकी चरम क्षमता पर परखा जाता है।

अमेरिकी वायुसेना का सबसे बड़ा टेस्ट सेंटर है ‘एडवर्ड्स एयरफोर्स बेस’

आपको बता दें कि जिस एडवर्ड्स एयरफोर्स बेस पर यह भयानक हादसा हुआ है, वह लॉस एंजिलिस से करीब 161 किलोमीटर उत्तर में स्थित है। यह एयरबेस अमेरिकी वायुसेना के विमान परीक्षण, तकनीकी विकास और नए अविष्कारों का सबसे प्रमुख वैश्विक केंद्र माना जाता है। अमेरिकी सेना के जितने भी नए अत्याधुनिक विमान, घातक हथियार प्रणालियां (Weapon Systems), सैन्य सॉफ्टवेयर और आधुनिक रडार उपकरण बनते हैं, उन सभी का अंतिम और सबसे कड़ा परीक्षण इसी एडवर्ड्स एयरबेस की रेतीली जमीन और आसमान में किया जाता है। यही कारण है कि यहां हमेशा देश के सबसे बेहतरीन पायलट और एविएशन इंजीनियर तैनात रहते हैं।

अमेरिकी वायुसेना में हादसों का दौर: 21 मई को भी क्रैश हुए थे दो फाइटर जेट

B-52 बॉम्बर का यह क्रैश अमेरिकी वायुसेना के लिए एक महीने के भीतर लगा दूसरा बड़ा झटका है। इससे पहले, इसी साल 21 मई को अमेरिका में एक और बड़ा विमान हादसा सामने आया था, जब वायुसेना के दो आधुनिक EA-18G ग्रोलर फाइटर जेट (EA-18G Growler Fighter Jets) हवा में दुर्घटनाग्रस्त हो गए थे। वह हादसा इडाहो स्थित माउंटेन होम एयरफोर्स बेस पर आयोजित एक भव्य एयर शो के दौरान हुआ था। हालांकि, उस हादसे में एक चमत्कारिक राहत रही थी; समाचार एजेंसी AP के मुताबिक, दोनों विमानों में सवार सभी 4 क्रू मेंबर्स (पायलट) विमान के क्रैश होने से महज कुछ ही सेकेंड पहले ‘इजेक्ट’ बटन दबाकर सुरक्षित बाहर निकल गए थे। सोशल मीडिया पर वायरल हुए उस वीडियो में आसमान में चार पैराशूट साफ तैरते दिखे थे, लेकिन दुर्भाग्य से इस बार B-52 बॉम्बर के 8 विशेषज्ञों को संभलने का एक मौका भी नहीं मिल सका।

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