देश की राजधानी दिल्ली और पूरे एनसीआर (NCR) के लोगों को एक बार फिर सूरज के तीखे तेवरों और भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है। मौसम विज्ञानियों की मानें तो फिलहाल इस तपिश और उमस से राहत मिलने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, इस हफ्ते दिल्ली-एनसीआर में गर्मी अपने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ सकती है और अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर सकता है। स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने कल यानी मंगलवार से आगामी 4 दिनों तक लगातार लू (Heatwave) चलने का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।
सीजन के सबसे गर्म दिन से झुलसी दिल्ली, यूपी के बांदा में पारा 46 डिग्री के पार
मई के महीने में गर्मी का रौद्र रूप अब दिखने लगा है। बीते रविवार का दिन दिल्ली के लिए इस सीजन का सबसे गर्म दिन रिकॉर्ड किया गया, जब सफदरजंग मौसम केंद्र पर अधिकतम तापमान सामान्य से 3 डिग्री अधिक यानी 43.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं, पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में हालात और भी ज्यादा खराब हैं। यूपी के कई जिलों में तापमान 43 डिग्री के ऊपर बना हुआ है, जबकि बांदा जिला 46 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ पूरे राज्य में सबसे गर्म इलाका रिकॉर्ड किया गया है। उत्तर और मध्य भारत के एक बड़े हिस्से में पड़ रही इस भीषण गर्मी ने लोगों की दैनिक दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित किया है।
दिल्ली के रिज और आयानगर में 44.6 डिग्री तक पहुंचा पारा, जानें विभिन्न इलाकों का हाल
दिल्ली के अलग-अलग इलाकों (स्टेशनों) की बात करें तो रिज और आयानगर क्षेत्र में रविवार को सूरज की सबसे ज्यादा तपिश महसूस की गई, जहां अधिकतम तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा, लोधी रोड पर 43.8 डिग्री, पालम में 43.5 डिग्री और सफदरजंग में 43.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग के नियमों के मुताबिक, लोधी रोड में तापमान सामान्य से 4.8 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा, लेकिन चूंकि यह भीषण गर्मी का पहला ही दिन था और केवल एक स्टेशन पर ही इतनी बढ़ोतरी देखी गई, इसलिए तकनीकी मानदंडों के अनुसार अभी आधिकारिक तौर पर लू की स्थिति घोषित नहीं की गई है, हालांकि अगले तीन दिनों में इसके गंभीर होने की पूरी आशंका है।
40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी गर्म हवाएं, बलूचिस्तान से आ रही है आफत
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में इस अचानक बढ़ी आफत के पीछे भौगोलिक कारण हैं। दरअसल, राजस्थान और पाकिस्तान के बलूचिस्तान के रेतीले इलाकों की तरफ से आने वाली सूखी और बेहद गर्म पछुआ हवाओं ने दिल्ली में दस्तक दे दी है। इन गर्म हवाओं के चलते ही मैदानी इलाकों के तापमान में इतनी तेजी से उछाल आ रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में इन गर्म हवाओं की रफ्तार सामान्यतः 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे रहेगी, जो कुछ समय के लिए बढ़कर 35 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती है, जिससे ‘लू’ के थपेड़े और ज्यादा खतरनाक हो जाएंगे।
मई के आखिरी और जून के पहले हफ्ते में और ज्यादा खतरनाक होगा मौसम का मिजाज
आईएमडी (IMD) ने अपनी ताजा चेतावनियों में साफ किया है कि मध्य मई से लेकर जून के पहले सप्ताह के दौरान उत्तर भारत में लू की स्थिति और अधिक जानलेवा और खतरनाक हो सकती है। वर्तमान में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और तेलंगाना समेत देश के आधा दर्जन से अधिक राज्य ऐसे हैं जहां पारा 43 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच झूल रहा है। मौसम वैज्ञानिकों ने आम जनता को सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच सीधे धूप के संपर्क में आने से बचें, बाहर निकलते समय सिर और चेहरे को सूती कपड़े से ढक कर रखें और शरीर में पानी की कमी न होने देने के लिए लगातार ओआरएस, नींबू पानी या सादे पानी का सेवन करते रहें।
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