Tuesday , 19 May 2026

Sasaram Railway Station: सासाराम में पटना जाने वाली पैसेंजर ट्रेन की बोगी में लगी भीषण आग, यात्रियों में मची भगदड़, खाली मिले अग्निशमन सिलेंडर!

सासाराम (रोहतास)। बिहार के रोहतास जिले में स्थित सासाराम रेलवे स्टेशन पर सोमवार की सुबह एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। सासाराम से आरा होते हुए पटना जाने वाली एक पैसेंजर ट्रेन की बोगी में अचानक भीषण आग लग गई। घटना सुबह करीब छह बजे की है, जब ट्रेन स्टेशन पर खड़ी थी। बोगी से आग की लपटें और धुएं का गुबार उठता देख प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों और रेलकर्मियों के बीच हड़कंप मच गया। यात्री अपनी जान बचाने के लिए सामान छोड़कर इधर-उधर भागने लगे। देखते ही देखते आग ने रफ्तार पकड़ी और पूरी बोगी को अपनी चपेट में ले लिया।

धुएं के गुबार से घिरी ट्रेन, समय रहते सूझबूझ से सुरक्षित निकाले गए सभी यात्री

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में जहरीला धुआं पूरी बोगी के भीतर भर गया, जिससे अंदर बैठे यात्रियों में दहशत फैल गई। हालांकि, गनीमत यह रही कि जैसे ही आग की भनक लगी, रेलकर्मियों और स्थानीय लोगों की सूझबूझ से समय रहते सभी यात्रियों को बोगी से बाहर निकाल लिया गया। इस तत्परता के कारण एक बहुत बड़ा हादसा टल गया और किसी भी यात्री के हताहत होने की खबर नहीं है। घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे प्रशासन, आरपीएफ (RPF) और स्थानीय पुलिस बल के जवान मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया गया।

रेलवे की खुली पोल: पाइपलाइन में पानी गायब, फायर सिलेंडरों में नहीं थी गैस!

इस हादसे ने सासाराम रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा इंतजामों और रेलवे प्रबंधन की घोर लापरवाही की पोल खोलकर रख दी है। घटना से नाराज स्थानीय लोगों और यात्रियों ने रेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि स्टेशन पर आग बुझाने के पर्याप्त और पुख्ता इंतजाम ही नहीं थे। लोगों ने बताया कि आपातकाल के लिए जो पानी की पाइपलाइन बिछाई गई थी, उसमें पानी ही उपलब्ध नहीं था। हद तो तब हो गई जब स्टेशन पर रखे कई अग्निशमन सिलेंडरों (Fire Extinguishers) को चलाया गया, तो वे खाली निकले और उनमें गैस ही नहीं थी। इस भारी अव्यवस्था के कारण शुरुआती समय में आग पर काबू नहीं पाया जा सका और पूरी बोगी जलकर खाक हो गई।

सुरक्षा के लिए कटी बोगी, शार्ट सर्किट से हादसे की आशंका, जांच में जुटी तकनीकी टीम

काफी मशक्कत के बाद जब आग पर काबू पाया गया, तब सुरक्षा के दृष्टिकोण से रेलवे इंजीनियरों ने जली हुई बोगी को ट्रेन के अन्य डिब्बों से काटकर अलग किया। इसके बाद अधिकारियों ने पूरी ट्रेन की बारीकी से जांच की, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आग किसी दूसरी बोगी में न फैले।

मामले की जानकारी देते हुए आरपीएफ (RPF) निरीक्षक संजीव कुमार ने बताया कि आग को पूरी तरह से बुझा दिया गया है और स्थिति नियंत्रण में है। शुरुआती जांच और तकनीकी इनपुट्स के आधार पर इस अग्निकांड के पीछे शॉर्ट सर्किट (Short Circuit) होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, घटना के वास्तविक और सटीक कारणों का पता लगाने के लिए रेलवे प्रशासन ने एक उच्च स्तरीय तकनीकी टीम का गठन कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

Check Also

क्या कोई भी मां दान कर सकती है ब्रेस्ट मिल्क? स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा ने 60 लीटर दूध डोनेट कर पेश की मिसाल, जानें क्या है मिल्क बैंक और इसकी पूरी प्रक्रिया

नई दिल्ली। भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा (Jwala Gutta) इन दिनों खेल के …