हर व्यक्ति चाहता है कि उसके घर में हमेशा सुख, समृद्धि और शांति का वास रहे। लेकिन कई बार दिन-रात कड़ी मेहनत करने के बाद भी घर में पैसों की तंगी बनी रहती है, जेब में धन टिकता नहीं है और बिना किसी बड़ी वजह के परिवार में तनाव व क्लेश का माहौल बन जाता है। ज्योतिष शास्त्र और सनातन परंपरा के अनुसार, इसकी एक बड़ी वजह हमारी वो गलतियां और आदतें हो सकती हैं, जिन्हें हम रोज शाम के समय अनजाने में दोहराते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्यास्त यानी शाम का समय घर में मां लक्ष्मी के आगमन का समय होता है। इस खास वक्त पर किए गए कुछ अनुचित कार्य धन की देवी को नाराज कर सकते हैं, जिससे घर की बरकत रुक जाती है। आइए जानते हैं ज्योतिष के अनुसार शाम होते ही हमें किन कामों को करने से पूरी तरह बचना चाहिए, ताकि जीवन में आर्थिक और मानसिक संतुलन बना रहे।
1. शाम के समय भूलकर भी न दें किसी को उधार, रुक जाती है बरकत
अक्सर बड़े-बुजुर्गों को कहते सुना होगा कि ढलते दिन में या सूर्यास्त के बाद किसी को भी पैसा या कोई कीमती सामान उधार नहीं देना चाहिए। ज्योतिष शास्त्र में इस नियम का विशेष महत्व है। माना जाता है कि शाम के समय अपने घर से धन या लक्ष्मी किसी दूसरे को देने से आपके घर की बरकत कम होती है और आर्थिक अस्थिरता का सामना करना पड़ता है। इस समय दिया गया उधार वापस मिलने में भी काफी मुश्किलें आती हैं, इसलिए सूर्यास्त के बाद पैसों के लेन-देन से हमेशा बचना चाहिए।
2. सूर्यास्त के बाद न काटें नाखून और बाल, बढ़ती है नकारात्मक ऊर्जा
पुरानी मान्यताओं और शास्त्रों के अनुसार, शाम होने के बाद या रात के समय अपने नाखून काटना, बाल कटवाना या दाढ़ी बनाना बेहद अशुभ माना जाता है। ज्योतिष कहता है कि ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा (नेगेटिविटी) का प्रवाह तेजी से बढ़ता है, जो परिवार के सदस्यों की तरक्की में बाधा बनता है। वैज्ञानिक और व्यावहारिक दृष्टिकोण से देखें तो पुराने जमाने में बिजली न होने के कारण चोट और संक्रमण से बचने के लिए भी रात में धारदार चीजों का इस्तेमाल वर्जित किया गया था, जो आज भी एक स्वस्थ परंपरा के रूप में जारी है।
3. गोधूलि वेला में घर में न रखें अंधेरा, दीपक जलाना है अनिवार्य
ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के मुताबिक, सूर्यास्त के समय यानी गोधूलि वेला में घर के किसी भी कोने में, खासकर मुख्य द्वार और पूजा घर में अंधेरा रखना बहुत बड़ा दोष माना जाता है। कहा जाता है कि अंधेरे वाले घरों में नकारात्मक शक्तियां जल्दी हावी होती हैं और वहां से मां लक्ष्मी विमुख हो जाती हैं। यही कारण है कि हिंदू धर्म में शाम होते ही सबसे पहले घर की लाइटें जलाने और मुख्य द्वार व तुलसी के पौधे के पास घी या सरसों के तेल का दीपक जलाने की अटूट परंपरा रही है। ऐसा करने से घर का वातावरण शुद्ध और सकारात्मक होता है।
4. क्या कहते हैं ज्योतिष विशेषज्ञ? शांत मन और सकारात्मक सोच है जरूरी
ज्योतिष विद्वानों के अनुसार, शाम का समय प्रकृति में एक बड़े बदलाव का होता है, जो मानसिक शांति, पूजा-पाठ और सकारात्मक सोच के लिए सबसे उत्तम माना गया है। इस समय व्यक्ति को क्रोध करने, अपशब्द बोलने, घर में कलह करने या सूर्यास्त के समय सोने से बचना चाहिए। इसके बजाय अगर शाम को शांत मन से भगवान का ध्यान किया जाए, कपूर जलाया जाए और घर का माहौल खुशनुमा रखा जाए, तो जीवन की सभी आर्थिक परेशानियां धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।
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