नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियमित खान-पान और बढ़ता स्ट्रेस न केवल हमारी मानसिक शांति छीन रहा है, बल्कि हमारे पाचन तंत्र को भी बिगाड़ रहा है। आजकल ‘ब्लोटिंग’ यानी पेट फूलना एक बेहद आम समस्या बन चुकी है। पेट में भारीपन, गैस और कसाव की वजह से होने वाली बेचैनी कई बार असहनीय दर्द का रूप ले लेती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि खराब लाइफस्टाइल और गलत डाइट इस समस्या की मुख्य जड़ हैं।
अगर आप भी इस समस्या से अक्सर दो-चार होते हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। कुछ आसान घरेलू उपायों और अपनी आदतों में थोड़ा बदलाव कर आप इस समस्या को जड़ से खत्म कर सकते हैं।
तुरंत राहत के लिए ये ट्रिक्स आएंगी काम
ब्लोटिंग महसूस होने पर बिस्तर पर लेटने या सुस्ती दिखाने के बजाय शरीर को थोड़ा सक्रिय रखें।
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10 मिनट की वॉक: भारी खाने के बाद कम से कम 10-15 मिनट की सैर जरूर करें। हल्की चहलकदमी से पाचन तंत्र सक्रिय होता है और पेट में फंसी अतिरिक्त हवा आसानी से बाहर निकल जाती है।
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पेट की मसाज: अगर कब्ज की वजह से पेट फूला हुआ है, तो पीठ के बल लेट जाएं और पेट पर हल्के हाथों से ‘क्लॉकवाइज’ (घड़ी की दिशा में) मसाज करें। इससे बाउल मूवमेंट बेहतर होता है।
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गुनगुने पानी से स्नान: तनाव भी ब्लोटिंग का एक बड़ा कारण है। गर्म पानी से नहाने से शरीर रिलैक्स होता है और पेट की मांसपेशियों को राहत मिलती है, जिससे गैस का दबाव कम होता है।
खान-पान में करें ये जरूरी बदलाव
ब्लोटिंग से परमानेंट छुटकारा पाने के लिए आपको अपनी डाइट पर ध्यान देना होगा।
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फाइबर का सही इस्तेमाल: डाइट में फाइबर की मात्रा बढ़ाना जरूरी है, लेकिन इसे धीरे-धीरे शुरू करें। अचानक बहुत ज्यादा फाइबर (जैसे फल और कच्ची सब्जियां) खाने से गैस बढ़ सकती है।
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हाइड्रेशन है जरूरी: दिन भर में पर्याप्त पानी पिएं। ध्यान रखें कि सोडा, फिजी ड्रिंक्स या कार्बोनेटेड बेवरेजेस से बचें, क्योंकि ये पेट में गैस के बुलबुले बनाते हैं जो भारीपन बढ़ाते हैं।
इन आदतों से आज ही बना लें दूरी
पेट की सेहत सुधारने के लिए कुछ चीजों का त्याग करना जरूरी है।
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नमक और फैट पर कंट्रोल: ज्यादा नमक खाने से शरीर में ‘वॉटर रिटेंशन’ होता है, जिससे शरीर फूला हुआ महसूस होता है। वहीं, ज्यादा फैटी फूड को पचने में वक्त लगता है, जो पेट में लंबे समय तक भारीपन पैदा करता है।
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प्रोबायोटिक्स को दें जगह: अपनी डाइट में दही या छाछ जैसे प्रोबायोटिक्स को जरूर शामिल करें। ये पेट में ‘गुड बैक्टीरिया’ को बढ़ाते हैं, जो पाचन को दुरुस्त रखते हैं।
इन छोटे मगर प्रभावी बदलावों को अपनाकर आप न सिर्फ ब्लोटिंग से बच सकते हैं, बल्कि अपने डाइजेशन को भी फौलादी बना सकते हैं।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य स्वास्थ्य सुझावों पर आधारित है। किसी भी गंभीर समस्या या उपचार को आजमाने से पहले हमेशा विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
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