
पुणे: NEET-UG पेपर लीक मामले की जांच कर रही CBI और स्थानीय पुलिस के हाथ एक और बड़ी सफलता लगी है। इस हाई-प्रोफाइल घोटाले की आंच अब महाराष्ट्र के पुणे तक पहुंच गई है। CBI और पुणे पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर शहर के सुखसागर नगर इलाके से एक महिला को हिरासत में लिया है। पेपर लीक मामले में किसी महिला की यह पहली बड़ी संलिप्तता मानी जा रही है।
ब्यूटी पार्लर की आड़ में चल रहा था खेल?
Maharashtra | The Central Bureau of Investigation has detained a woman from Pune in connection with the NEET-UG 2026 paper leak case. More details awaited.
— ANI (@ANI) May 13, 2026
हिरासत में ली गई महिला की पहचान मनीषा वाघमारे के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, मनीषा पुणे में एक ब्यूटी पार्लर चलाती हैं और उनके पति पेशे से डेंटिस्ट हैं। जांच एजेंसियों को संदेह है कि मनीषा इस पूरे नेटवर्क में ‘एजेंट’ की भूमिका निभा रही थीं। वह कथित तौर पर ऐसे छात्रों और अभिभावकों की तलाश में थीं, जो भारी भरकम रकम देकर पेपर खरीदने को तैयार हों।
डॉ. धनंजय लोखंडे: क्या यही है असली मास्टरमाइंड?
मनीषा वाघमारे का नाम इस केस के मुख्य संदिग्ध धनंजय लोखंडे के साथ जुड़ा है। धनंजय लोखंडे खुद एक प्रैक्टिसिंग डॉक्टर (BAMS) हैं और पुणे के वाघोली इलाके में रहते हैं। जांच में सामने आया है कि धनंजय मेडिकल प्रैक्टिस के साथ-साथ एडमिशन कंसल्टेंसी का काम भी करते थे। नासिक से गिरफ्तार आरोपी डॉ. शुभम खैरनार से पूछताछ में खुलासा हुआ था कि उसे पेपर की PDF फाइल धनंजय लोखंडे से ही मिली थी। हालांकि, आधिकारिक तौर पर मास्टरमाइंड के नाम की पुष्टि होना अभी बाकी है।
मोबाइल और लैपटॉप खोलेंगे गहरे राज
CBI ने मनीषा वाघमारे के पास से उनका मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त कर लिया है। अधिकारियों का मानना है कि इन डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच से इस रैकेट के अन्य सदस्यों और लेनदेन के सबूत मिल सकते हैं। जांच टीम को अंदेशा है कि यह एक अंतर्राज्यीय रैकेट है और आने वाले दिनों में कुछ और प्रभावशाली लोगों की गिरफ्तारियां हो सकती हैं। फिलहाल मनीषा से गहन पूछताछ जारी है।
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