Thursday , 7 May 2026

जनगणना-2027: अब घर बैठे मोबाइल से दर्ज करें अपना विवरण, आज से स्वगणना पोर्टल शुरू; जानें पूरी प्रक्रिया

कानपुर नगर: डिजिटल इंडिया की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ाते हुए ‘जनगणना 2027’ को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। देश के इतिहास में पहली बार नागरिकों को यह सुविधा दी जा रही है कि वे खुद अपनी और अपने परिवार की गणना कर सकें। 7 मई से स्वगणना (Self-Enumeration) का पोर्टल लाइव हो जाएगा, जिसके जरिए लोग बिना किसी सरकारी दफ्तर गए अपनी जानकारी ऑनलाइन फीड कर सकेंगे।

7 मई से 21 मई तक स्वगणना, फिर प्रगणक करेंगे सत्यापन

जिला प्रशासन ने जनगणना के इस डिजिटल अभियान को लेकर कमर कस ली है। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, नागरिक 7 मई से 21 मई के बीच आधिकारिक पोर्टल https://se.census.gov.in पर जाकर अपना ब्यौरा खुद भर सकते हैं। इसके बाद दूसरे चरण में 22 मई से 20 जून तक प्रगणक (Enumerator) हर घर जाकर स्वगणना के माध्यम से भरी गई जानकारी का सत्यापन करेंगे। जिलाधिकारी ने इसे ‘हमारी जनगणना, हमारा विकास’ थीम के साथ जोड़ने की अपील की है।

पोर्टल पर कैसे करें स्वगणना? स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया

स्वगणना की प्रक्रिया को काफी सरल और सुरक्षित बनाया गया है। नागरिक इन चरणों का पालन कर अपना विवरण दर्ज कर सकते हैं:

  • पंजीकरण: पोर्टल पर जाकर अपने राज्य का चयन करें और परिवार के मुखिया का नाम व 10 अंकों का मोबाइल नंबर दर्ज करें।

  • सत्यापन: मोबाइल पर आए ओटीपी (OTP) के जरिए लॉग-इन करें। ध्यान रहे, एक मोबाइल नंबर से केवल एक ही परिवार का डेटा भरा जा सकेगा।

  • स्थान का चयन: अपनी पसंद की भाषा चुनकर पिन कोड और गांव/शहर का चयन करें। मैप पर लाल संकेतक (Marker) के जरिए अपने घर की सटीक लोकेशन मार्क करें।

  • प्रश्नावली: इसके बाद मकान सूचीकरण और परिवार के सदस्यों से जुड़े सवालों के जवाब भरें।

  • फाइनल सबमिट: विवरण जांचने के बाद ‘Final Submit’ करें। इसके बाद आपको 11 अंकों की स्व-गणना पंजीकरण संख्या प्राप्त होगी। यह संख्या संभाल कर रखें, क्योंकि प्रगणक के आने पर इसे दिखाना अनिवार्य होगा।

33 प्रकार के विवरण होंगे दर्ज, आंकड़ों की रहेगी पूरी गोपनीयता

जनगणना के इस चरण में सर्वेक्षक और स्वगणना के माध्यम से कुल 33 तरह की जानकारियां जुटाई जाएंगी। इसमें मकान की निर्माण सामग्री, कमरों की संख्या, बिजली-पानी-शौचालय की सुविधा, खाना पकाने का ईंधन और वाहन व टीवी जैसी संपत्तियों का विवरण शामिल होगा।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई परिवार तकनीकी कारणों से स्वगणना नहीं कर पाता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसे घरों में प्रगणक खुद जाकर डेटा एकत्र करेंगे। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि जनगणना में दी गई सभी सूचनाएं पूरी तरह गोपनीय रखी जाएंगी। सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1855 भी जारी किया गया है।

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