Saturday , 2 May 2026

दरिंदे को रत्ती भर भी पछतावा नहीं : IRS अधिकारी की बिटिया का कातिल 4 दिन की रिमांड पर, आरोपी के कबूलनामे ने पुलिस को भी चौंकाया….

नई दिल्ली: देश की राजधानी के पॉश इलाके कैलाश हिल्स में हुई रूह कंपा देने वाली वारदात ने एक बार फिर दिल्ली को दहला दिया है। एक आईआरएस (IRS) अधिकारी की 22 वर्षीय होनहार बेटी की नृशंस हत्या और दुष्कर्म के मामले में साकेत कोर्ट ने मुख्य आरोपी राहुल मीणा को 4 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब इस रिमांड के दौरान आरोपी से उन राज उगलवाएगी, जो उसने अब तक छुपा रखे हैं। जांच में जो बातें सामने आई हैं, वे किसी भी संवेदनशील इंसान का कलेजा चीरने के लिए काफी हैं।

“पैसे दे देतीं तो यह सब नहीं होता”– आरोपी को रत्ती भर भी पछतावा नहीं

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, राजस्थान का रहने वाला राहुल मीणा पुलिस की गिरफ्त में होने के बावजूद पूरी तरह बेखौफ है। पूछताछ के दौरान उसने बड़ी ही बेरहमी से कहा कि वह सिर्फ पैसे लूटने के इरादे से गया था और “यह सब बस हो गया।” उसने जांच अधिकारियों के सामने दलील दी कि “अगर दीदी पैसे दे देतीं, तो यह सब नहीं होता।” यह वही राहुल है जिस पर परिवार आंख मूंदकर भरोसा करता था और उसे 20,000 रुपये महीने की सैलरी के साथ बोनस भी देता था। लेकिन भरोसे का यह कत्ल बेहद सुनियोजित तरीके से किया गया।

IIT से UPSC तक का सफर: स्टडी रूम में ही मिटा दिया भविष्य

मृतका न केवल एक होनहार छात्रा थी, बल्कि वह खुद भी अपने माता-पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए सिविल सेवक बनने का सपना देख रही थी। IIT दिल्ली से कंप्यूटर इंजीनियरिंग करने के बाद उसने अपनी पूरी ताकत UPSC की तैयारी में झोंक दी थी। पढ़ाई में कोई खलल न पड़े, इसलिए उसने घर की छत पर बने एक अलग कमरे को अपना ठिकाना बनाया था। वह कमरा जो किताबों और नोट्स से भरा था, वहां आरोपी ने उस एकांत का फायदा उठाया और छात्रा की जिंदगी के साथ-साथ उसके सपनों को भी बेरहमी से कुचल दिया।

सोची-समझी साजिश: धोखे से एंट्री और फिर दरिंदगी

दिल्ली पुलिस की जांच में यह साफ हो गया है कि यह कोई क्षणिक आवेश में किया गया अपराध नहीं था। आरोपी ने पहले ‘आंटी’ (IRS अधिकारी की पत्नी) का नाम लेकर बहाने से कमरे में प्रवेश किया। इसके बाद उसने छात्रा का गला घोंटा और जब वह बेहोश हो गई, तो उसके साथ दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। अंत में किसी भारी वस्तु से वार कर उसकी जान ले ली। हैवानियत का आलम यह था कि उसने मृतका की उंगली का इस्तेमाल कर डिजिटल लॉक खोलने की कोशिश की ताकि घर में लूटपाट कर सके।

सबूत मिटाने की हर मुमकिन कोशिश, लेकिन कानून के शिकंजे से नहीं बच पाया

वारदात के बाद आरोपी ने शातिर अपराधियों की तरह अपने और परिवार के मोबाइल फोन बेच दिए ताकि पुलिस उसे ट्रैक न कर सके। वह सड़क पर चलते हुए फर्जी कॉल करने का नाटक करता रहा ताकि किसी को शक न हो। उसने लूटे हुए पैसों को ऑनलाइन सट्टेबाजी में उड़ाया और शहर छोड़कर भागने की फिराक में था। पालम रेलवे स्टेशन पर ट्रेन छूटने के बाद उसने एक होटल में पनाह ली, लेकिन दिल्ली पुलिस की मुस्तैदी ने उसे सलाखों के पीछे पहुंचा ही दिया।

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