
नई दिल्ली: ‘वोट चोरी’ और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों और चुनाव आयोग के बीच छिड़ा घमासान अब आर-पार की लड़ाई में तब्दील हो चुका है। विपक्षी ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के सभी सांसद आज यानी 9 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे संसद के संविधान सदन स्थित ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल में एक अहम बैठक करने जा रहे हैं। चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष लगातार चौथे दिन सड़कों से लेकर संसद परिसर तक मोर्चा संभालने की पूरी रणनीति बना चुका है। विपक्षी नेताओं ने इस पूरे मामले को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात का औपचारिक वक्त मांगा है। गठबंधन के रणनीतिकारों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि राष्ट्रपति से मिलने का समय नहीं मिलता है, तो उनके पास आगे के आंदोलन के लिए सभी राजनीतिक और लोकतांत्रिक विकल्प खुले हुए हैं।
पीएम-गृह मंत्री आवास समेत वीवीआईपी ठिकानों के घेराव की रणनीति
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध की आंच राजधानी के प्रमुख सत्ता केंद्रों तक पहुंच सकती है। यदि गतिरोध नहीं थमा, तो विपक्षी सांसद सेवा तीर्थ, राष्ट्रपति भवन, उपराष्ट्रपति आवास और यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सरकारी आवासों के बाहर भी जोरदार प्रदर्शन कर सकते हैं। विपक्ष का स्पष्ट संदेश है कि वे चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर अपने सवालों को देश के शीर्ष नेतृत्व के सामने रखकर ही दम लेंगे।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा बढ़ी, तैनात हुए अतिरिक्त कमांडो
विपक्ष के बढ़ते आक्रामक रुख और लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। ज्ञानेश कुमार को पहले से ही देश की सर्वोच्च श्रेणी ‘जेड प्लस’ (Z+) सुरक्षा हासिल थी, लेकिन मौजूदा तनाव को देखते हुए उनके सुरक्षा घेरे में और अधिक संख्या में ट्रेंड कमांडो तैनात कर दिए गए हैं। ‘इंडिया’ गठबंधन के नेता लगातार ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग दोहरा रहे हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि यह आंदोलन किसी भी सूरत में रुकने वाला नहीं है और शुक्रवार को भी राष्ट्रीय राजधानी में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
राहुल और प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं पर 3 एफआईआर दर्ज
बीते दिनों निर्वाचन आयोग के दफ्तर और आसपास के इलाकों में हुए उग्र प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने कड़ा कानूनी रुख अख्तियार किया है। पुलिस ने विपक्षी नेताओं के खिलाफ अब तक तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर ली हैं, जबकि कुछ अन्य मामलों में भी केस दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। दर्ज प्राथमिकियों में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर हमला करने, सरकारी कामकाज में बाधा डालने, धक्का-मुक्की, पुलिस बल के साथ हाथापाई और अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन मामलों में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के नाम भी शामिल हैं। गौरतलब है कि बुधवार को बैरिकेड का गेट खोलने का प्रयास करते समय राहुल गांधी को पुलिस ने मौके से हिरासत में भी लिया था।
बीजेपी का तीखा पलटवार, विपक्ष के आरोपों को बताया बेबुनियाद
दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे ‘वोट चोरी’ और एसआईआर प्रक्रिया में गड़बड़ी के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने विपक्ष के रवैये पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल केवल अराजकता फैलाने की मानसिकता से काम कर रहे हैं। उन्होंने चुनौती भरे लहजे में कहा कि अगर राहुल गांधी में जरा भी नैतिक हिम्मत है, तो वे झूठे आरोप लगाने के बजाय खुद अपने पद से इस्तीफा देकर दिखाएं। बीजेपी अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि चुनाव आयोग एक स्वायत्त संवैधानिक संस्था है और चुनावी हार के डर से उस पर हमला बोलना विपक्ष की हताशा को दर्शाता है।
voice of india