Wednesday , 30 September 2026

राम मंदिर के बाद हनुमानगढ़ी और कनक भवन की सुरक्षा का जिम्मा भी NSG के रडार पर, प्रवेश-निकास मार्गों की जांच, क्विक रिस्पांस पर फोकस

अयोध्या। राम जन्मभूमि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के बाद अब नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) की निगाहें अयोध्या के अन्य प्रमुख और ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों की ओर मुड़ गई हैं। एनएसजी के ब्लैक कैट कमांडो की विशेष टीम ने सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी और माता सीता के महल कनक भवन सहित सभी बड़े मंदिरों का सघन सुरक्षा ऑडिट शुरू कर दिया है। मंगलवार को एनएसजी के वरिष्ठ अधिकारियों और कमांडो दल ने हनुमानगढ़ी परिसर का चप्पा-चप्पा खंगालकर मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की बारीकियों को परखा।

प्रवेश-निकास मार्गों की जांच, क्विक रिस्पांस पर फोकस निरीक्षण के दौरान कमांडो दल ने श्रद्धालुओं की कतार व्यवस्था, मुख्य प्रवेश और निकास द्वारों की क्षमता, आसपास के संकरे रास्तों और संवेदनशील बिंदुओं का गहन तकनीकी मुआयना किया। किसी भी आपात स्थिति या संभावित खतरे के समय सुरक्षा बलों के त्वरित प्रतिक्रिया समय (Quick Response Time) का विशेष अध्ययन किया गया। टीम ने यह भी परखा कि संकट के समय राहत और बचाव दल कितनी तेजी से मंदिर के मुख्य गर्भगृह तक पहुंच सकते हैं और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों—जैसे स्थानीय पुलिस, पीएसी और अर्धसैनिक बलों—के बीच तालमेल को कैसे और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए।

लाखों की भीड़ को संभालने के लिए नया ‘क्राउड मैनेजमेंट प्लान’ प्राण प्रतिष्ठा के बाद से धर्मनगरी अयोध्या में रोजाना लाखों श्रद्धालुओं का तांता लग रहा है। इस भारी आमद को देखते हुए सुरक्षा के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) को एनएसजी के नए ब्लूप्रिंट का मुख्य हिस्सा बनाया जा रहा है। एनएसजी टीम मंदिरों की भौगोलिक संरचना, आसपास की संकरी गलियों और दबाव वाले क्षेत्रों की मैपिंग कर रही है। एकत्र किए जा रहे इन आंकड़ों के आधार पर आपातकालीन निकास मार्गों, बैरिकेडिंग और रूट डायवर्जन के लिए नया और प्रभावी ढांचा तैयार किया जाएगा।

समग्र सुरक्षा घेरे में आएंगे अयोध्या के अन्य बड़े मंदिर राम मंदिर की अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के बाद एनएसजी का यह कदम शहर के अन्य पवित्र स्थलों को एक एकीकृत सुरक्षा नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में बड़ा प्रयास है। हनुमानगढ़ी और कनक भवन के अलावा नागेश्वर नाथ और अन्य प्रमुख मठ-मंदिरों को भी इस समग्र सुरक्षा समीक्षा के दायरे में शामिल किया जा रहा है। इसका प्राथमिक उद्देश्य किसी भी अप्रिय स्थिति में सभी सुरक्षा बलों की एक समन्वित और सटीक कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

अयोध्या की सुरक्षा में बढ़ सकती है एनएसजी की स्थायी भूमिका तैयार की जा रही व्यापक सुरक्षा रिपोर्ट के आधार पर आने वाले दिनों में अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था में एनएसजी की भूमिका का दायरा और बढ़ सकता है। सुरक्षा ऑडिट पूरा होने के बाद संवेदनशील धार्मिक स्थलों पर अत्याधुनिक निगरानी उपकरण, त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT) की तैनाती और हाई-टेक कंट्रोल रूम से जुड़े कई बड़े बदलाव धरातल पर देखने को मिल सकते हैं।

 

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