Friday , 17 April 2026

मुफ्त इलाज, घर और पैसे का लालच…लखनऊ में धर्मांतरण का बड़ा खुलासा, जाल में फंसकर महिलाएं बनीं ईसाई, सिंदूर पोंछकर बोली…

उत्तर प्रदेश के लखनऊ और उसके आसपास के इलाकों में धर्मांतरण का एक बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। राजधानी में जब पुलिस छांगुर बाबा के धर्मांतरण की जड़े काटने में व्यस्त थी, तब मैथ्यूज लोगों को मुफ्त में घर, इलाज और पैसे देकर ईसाई धर्म में परिवर्तन करवा रहा था। लखनऊ में मैथ्यूज धर्म परिवर्तन का खेल पिछले दस साल से कर रहा है। मैथ्यूज की जड़े अब मोहनलालगंज, निगोहा, गोसाईगंज जैसे इलाकों तक जम चुकी हैं। इन जगहों पर मैथ्यूज के गिरोह लोगों लोगों को मुफ्त इलाज, घर, और पैसे का लालच देकर ईसाई धर्म में परिवर्तन करवाते मिलें। यह गिरोह ग्रामीण और पिछड़े इलाकों के लोगों के बीच जाकर धर्मांतरण कराता था।

मैथ्यूज के धर्म परिवर्तन के जाल में फंसकर महिलाएं सिंदूर पोंछकर जह ईसा-मसीह कहने लगीं। ये महिलाएं हिंदू रीति-रिवाजों को छोड़कर ईसाई बन गईं। ईसाई धर्मांतरण का ये खेल लखनऊ मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर लखनऊ-रायबरेली हाईवे पर निगोहां इलाके का बख्तौरी खेड़ा गांव में चल रहा था। गांव के एक सामान्य मजदूर मलखान ने 2015 में खुद ईसाई धर्म ग्रहण किया और फिर अपनी पत्नी और बेटों का भी धर्मांतरण करवा लिया। इसके बाद, मलखान ने अपने खेतों के बीच में एक विशाल हाल बनवाया, जिसे वह यीशु की प्रार्थना सभा स्थल के रूप में प्रयोग कर रहा था।

मलखान ने मैथ्यू नामक एक पादरी बनाकर लोगों को सभा में आने के लिए प्रेरित किया। धीरे-धीरे, इस गिरोह ने जरूरतमंदों को आर्थिक लाभ, बीमारियों से मुक्ति और मुकदमों में जीत दिलाने का लालच देकर धर्मांतरण का कार्य शुरू किया। जानकारी के अनुसार, इस गिरोह द्वारा लोगों को मुफ्त रहने, राशन और अन्य लाभ का लालच दिया जाता था, ताकि वे धर्म परिवर्तन करें।

अब गांव-गांव में यह बातें फैल रही हैं कि करीब 50 प्रतिशत से अधिक लोग ईसाई धर्म अपना चुके हैं, जिससे स्थानीय समुदाय के बीच तनाव पैदा हो रहा है। पुलिस और प्रशासनिक एजेंसियों ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। आशंका जताई जा रही है कि यह रैकेट संगठित और सुनियोजित है, जिसका उद्देश्य धार्मिक सद्भाव और सामाजिक एकता को भंग करना है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि वे इस तरह के प्रलोभनों से सतर्क रहें और यदि कोई अवैध धर्मांतरण या धांधली हो रही हो तो तुरंत अधिकारियों को सूचित करें। कुछ संगठनों का कहना है कि वे धार्मिक स्वतंत्रता का समर्थन करते हैं और किसी भी तरह के जबरदस्ती या धोखाधड़ी के खिलाफ हैं।

पुलिस ने कहा है कि मामले की गहन जांच की जाएगी, और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस तरह की गतिविधियों को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि समाज में शांति और सद्भाव बना रहे।

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