चेन्नई/कोलकाता। देश के दो बड़े राज्यों—तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव का चुनावी शोर अब पूरी तरह थम चुका है। गुरुवार, 23 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए चुनाव आयोग ने अपनी सभी तैयारियां मुकम्मल कर ली हैं। लोकतंत्र के इस सबसे बड़े त्योहार में तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर एक साथ वोट डाले जाएंगे, जबकि पश्चिम बंगाल में पहले चरण के तहत 152 सीटों पर मतदान होगा। दोनों राज्यों के मतदाता कल सुबह 7:00 बजे से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे, जिसकी गूंज 4 मई को आने वाले चुनावी नतीजों में सुनाई देगी।
तमिलनाडु: 234 सीटों पर ‘सुपर थर्सडे’, थलपति विजय की एंट्री से बदला समीकरण
तमिलनाडु की मुख्य चुनाव अधिकारी अर्चना पटनायक के अनुसार, राज्य के 75,064 मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। राज्य के करीब 5.73 करोड़ मतदाता कल उम्मीदवारों का भविष्य तय करेंगे, जिनमें 14 लाख युवा मतदाता पहली बार वोट डालेंगे। इस बार तमिलनाडु का मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया है, क्योंकि पारंपरिक द्रविड़ राजनीति (DMK और AIADMK) के बीच सुपरस्टार विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेट्टरी कज़गम’ (TVK) पहली बार चुनावी मैदान में है। चुनाव आयोग ने मतदाताओं के लिए 249 मॉडल मतदान केंद्र भी तैयार किए हैं।
पश्चिम बंगाल: 16 जिलों की 152 सीटों पर पहले चरण का संग्राम
पश्चिम बंगाल में पहले चरण के तहत 152 सीटों पर वोटिंग होगी। शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग ने कमर कस ली है। उत्तर बंगाल से लेकर जंगलमहल तक के संवेदनशील इलाकों में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 2,407 टीमें तैनात की गई हैं। राज्य के 44,376 मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग के जरिए सीधी नजर रखी जाएगी। आयोग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि मतदाताओं को डराने या बूथ तक जाने से रोकने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सख्ती और सुविधा: डिजिटल निगरानी और 1200 करोड़ की जब्ती
चुनाव को निष्पक्ष बनाने के लिए आयोग ने तकनीक का भरपूर इस्तेमाल किया है। तमिलनाडु में अब तक 1,262 करोड़ रुपये से अधिक की जब्ती की जा चुकी है और सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार करने वाले 2,180 यूआरएल (URL) को ब्लॉक किया गया है। भीषण गर्मी को देखते हुए सभी मतदान केंद्रों पर छाया, पेयजल और शौचालयों की व्यवस्था की गई है ताकि मतदाताओं को कोई परेशानी न हो।
4 मई को खुलेगा किस्मत का पिटारा
गुरुवार शाम को ईवीएम (EVM) में प्रत्याशियों की किस्मत बंद होने के बाद सभी की निगाहें 4 मई को होने वाली मतगणना पर टिकी होंगी। पश्चिम बंगाल के शेष चरणों के मतदान के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बंगाल की सत्ता पर कौन काबिज होगा और तमिलनाडु की जनता किस पर अपना भरोसा जताती है। फिलहाल, सभी राजनीतिक दलों की सांसें कल होने वाले मतदान पर अटकी हुई हैं।
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