Thursday , 18 June 2026

दोस्त की बहन से इश्क में मौत की सजा….बेरहमी से सिर को धड़ से अलग किया, गंगा में फेंकी लाश

– दोस्त जिलाबदर हुआ तो ऋषिकेश ने बनाए बहन से संबंध
– समझाने पर भी इश्क कमजोर नहीं हुआ तो जिंदगी खत्म

कानपुर। सोमवार को महाराजपुर इलाके में गंगा की लहरों में बगैर सिर वाली लाश बरामद हुई थी। हाथ में टैटू और कलाई पर कलावा था। शिनाख्त हुई चकेरी के शिवकटरा बस्ती से लापता ऋषिकेश के रूप में। गुमशुदगी के बाद हत्या के शक में हवालात में कैद ऋषिकेश के दोस्तों से सख्ती के साथ पूछताछ हुई तो इकबालिया जुर्म कबूल कर लिया। दरअसल, मोहल्ले के पक्के दोस्त के साथ जरायम के साझेदार ऋषिकेश ने दोस्ती में विश्वासघात किया था। साझा अपराध में क्रिमिनल हिस्ट्री के कारण दोस्त जिलाबदर हुआ तो ऋषिकेश ने हमदर्दी जताकर उसकी बहन से इश्क लड़ाना शुरू कर दिया। मोहल्ले में बदनामी हुई तो बहुत समझाया, लेकिन मोहब्बत कमजोर नहीं हुई। ऐसे में गणेश-पूजा पंडाल में बुलाकर उसे अगवा किया गया और काकोरी के जंगल में बेरहमी से सिर को धड़ से अलग करने के बाद जाजमऊ पुल से लाश को गंगा की उफनती लहरों के हवाले कर दिया गया।

मोगली ने बुलाया, आलू ने अगवा किया
ऋषिकेश की लाश बरामदगी के बाद चकेरी पुलिस ने सख्ती का हंटर चलाया तो हिरासत में बैठे चारों लफंगे मोगली उर्फ प्रिंस, निखिल, आकाश उर्फ आलू और रिशू वर्मा सच उगलने लगे। मोगनी ने बताया कि, चारों के साथ-साथ ऋषिकेश का पक्का दोस्त पवन और उसका भाई भी हत्या में साझेदार हैं। पवन के कहने पर मोगली और निखिल ने 29 अगस्त की देर शाम ऋषिकेश को गणेश-पूजा के बहाने घर से बुलाया और पंडाल में पहुंचने के बाद आकाश उर्फ आलू ने निखिल और रिशू के साथ मिलकर उसे अगवा करने के बाद दो किलोमीटर आगे काकोरी के जंगल में पहुंचा दिया। जंगल में पवन निषाद उर्फ डैनी तथा उसका भाई बॉबी पहले से चापड़ लेकर मौजूद था। पवन ने बहन से इश्क लड़ाने वाले ऋषिकेश को हाथ-पैर बांधने के बाद बेरहमी से पीटा। इसके बाद डैनी और बॉबी ने चापड़ से उसका सिर काटकर धड़ से अलग कर दिया।

सिर काटने और लाश फेंकने का वीडियो बनाया
मोगली ने बताया कि, ऋषिकेश की हत्या करने और सिर-धड़ को बोरियों में भरने की घटना का बॉबी ने हंसते हुए वीडियो बनाया था। इसके बाद जाजमऊ गंगा पुल से लाश को गंगा की उफनती लहरों में फेंकने का वीडियो भी बनाया गया था। सिर को धड़ से अलग करने के बाद पवन उर्फ डैनी ने ऐलान किया कि, दोस्ती में गद्दारी करने की सजा मिलना जरूरी थी। गौरतलब है कि, ऋषिकेश और पवन मोहल्ले के पक्के दोस्त थे और तमाम जरायम में साझेदार थे। करीब एक साल पहले पवन और ऋषिकेश ने शिवकटका बस्ती की पार्वती के बेटे के पैर में गोली मारी थी। वारदात के बाद दोनों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हुआ था। जमानत के बाद आपराधिक इतिहास के कारण पवन को छह महीने के लिए जिला-बदर किया गया तो ऋषिकेश ने मौके का फायदा उठाकर पवन की बहन से नजदीकी बढ़ाकर इश्क लड़ाना शुरू कर दिया था।

मौत की सजा के बाद डैनी और बॉबी लापता
ऋषिकेश की हत्या के आरोप में पुलिस ने मोगली उर्फ प्रिंस, निखिल, आकाश उर्फ आलू और रिशू वर्मा को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया है, लेकिन मुख्य अभियुक्त पवन उफ डैनी तथा उसका भाई बॉबी लापता है। डीसीपी-पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि साक्ष्यों के आधार पर चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, डैनी और बॉबी को जल्द दबोच लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि, ऋषिकेश की हत्या के बाद डैनी ने शव को बोरे में डाला और ई-रिक्शा की मदद से जाजमऊ पुल के ऊपर से सिर को अलग और धड़ को अलग लहरों में फेंक दिया था।

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