Sunday , 18 October 2026

ग्रेटर नोएडा सामूहिक मौत कांड: ‘क्या अपनों ने ही दी मौत की सजा ? ….मृतक के फोन से मिले आखिरी ऑडियो ने उलझाई गुत्थी, दो बहनें और नंदोई हिरासत में

ग्रेटर नोएडा। रबूपुरा थाना क्षेत्र के नगला पदम सिंह गांव में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के सनसनीखेज मामले में चौंकाने वाली सच्चाई सामने आ रही है। इस हृदयविदारक घटना की तफ्तीश में जुटी पुलिस के हाथ मृतक मुखिया का एक ऐसा ऑडियो लगा है, जिसने पूरे मामले का रुख ही पलट कर रख दिया है। मोबाइल से बरामद इस अंतिम संदेश में मृतक ने अपनी इस खौफनाक परिणति के लिए अपने ही सगे-संबंधियों को कटघरे में खड़ा किया है। वहीं मायके पक्ष की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मृतक की दो सगी बहनों समेत तीन लोगों पर केस दर्ज कर उन्हें दबोच लिया है।

आखिरी ऑडियो रिकॉर्डिंग से सामूहिक आत्महत्या की आशंका गहराती गई

घटनास्थल से जब्त किए गए मृतक महेश के फोन की डिजिटल जांच के दौरान पुलिस को एक कथित ऑडियो क्लिप हाथ लगी है। इस रिकॉर्डिंग में महेश ने बेहद भावुक और टूटे हुए शब्दों में अपने परिवार के इस भयानक अंत के लिए कुछ बेहद करीबी रिश्तेदारों और परिचितों को जिम्मेदार ठहराया है। ऑडियो सामने आने के बाद शुरुआती दौर में जताई जा रही सामूहिक हत्या या जबरन जहर देने की थ्योरी कमजोर पड़ती दिख रही है और मामला अब सामूहिक आत्महत्या की ओर झुकता नजर आ रहा है। फॉरेंसिक टीम ऑडियो की सत्यता, आवाज के नमूने और उसके टाइमस्टैम्प की तकनीकी जांच कर रही है, जिससे यह साफ हो सके कि यह वॉइस नोट वारदात से ठीक कितने समय पहले रिकॉर्ड किया गया था।

दो बहनें और नंदोई बने नामजद, पुलिस ने शिकंजे में लिया

मृतका ललिता के मायके वालों के सामने आने के बाद पुलिसिया कार्रवाई और तेज हो गई है। ललिता के भाई आकाश की औपचारिक शिकायत पर रबूपुरा थाने में महेश की दोनों बहनों—सुनीता व सपना—तथा एक नंदोई के खिलाफ आत्महत्या के लिए विवश करने और मानसिक प्रताड़ना का संगीन मुकदमा दर्ज किया गया है। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि ये तीनों आरोपी पिछले काफी समय से महेश और ललिता को प्रताड़ित कर रहे थे और उनकी नजर पुश्तैनी जायदाद पर थी। दबाव बढ़ते ही पुलिस टीम ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर अज्ञात स्थल पर गहन पूछताछ शुरू कर दी है।

जमीन के मुआवजे की रार और 2019 में बड़े भाई के सुसाइड से जुड़े तार

पुलिसिया पड़ताल में परिवार के पुराने जख्म और खूनी कलह की पुरानी परतें भी खुलने लगी हैं। जांच में सामने आया है कि जमीन अधिग्रहण के एवज में परिवार को मोटी मुआवजा राशि हासिल हुई थी, जिसे लेकर सगे रिश्तों के बीच गहरी दरार पैदा हो गई थी। संपत्ति और पैसे के इसी अंतहीन विवाद के चलते वर्ष 2019 में महेश के बड़े भाई राहुल ने भी गृहकलेश से हारकर ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे दी थी। जांच एजेंसियां अब इस पुरानी आत्महत्या और मौजूदा पांच मौतों के बीच समानताएं और संभावित कड़ियों की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं।

विसरा सुरक्षित, भारी सुरक्षा और आंसुओं के बीच पंचतत्व में विलीन हुए 5 शव

पैनल द्वारा किए गए पोस्टमार्टम में मौत का सटीक कारण तुरंत स्पष्ट न होने के चलते डॉक्टरों ने सभी पांचों शवों का विसरा सुरक्षित कर रासायनिक परीक्षण के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेज दिया है। देर रात जब पांचों एंबुलेंस एक साथ गांव पहुंचीं तो पूरे इलाके में कोहराम मच गया। परिजनों की चीख-पुकार और सन्नाटे के बीच कड़ी पुलिस निगरानी में पांचों शवों का देर रात ही अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया। डीसीपी ग्रेटर नोएडा के अनुसार, फॉरेंसिक साक्ष्यों, विसरा रिपोर्ट और बरामद ऑडियो की साइंटिफिक पुष्टि होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक और अंतिम तस्वीर साफ की जाएगी।

 

Check Also

शनिवार की रात देश में हाहाकार: पंडाल में भगदड़, ट्रक का कहर और चिमनी ढहने से 42 की मौत, छह शहरों में पसरा मातम

नई दिल्ली। देशभर में शारदीय नवरात्रि के उल्लास के बीच शनिवार की काली रात कई …