
हांगझोउ/नई दिल्ली। एशियाई खेलों के पुरुष हॉकी मुकाबले में भारतीय टीम ने अपने आक्रामक खेल का असाधारण मुजाहिरा पेश करते हुए पूल-ए के मैच में दक्षिण कोरिया को 8-2 के भारी अंतर से धूल चटा दी। मैच की शुरुआत से ही भारतीय फारवर्ड पंक्ति ने कोरियाई खेमे में खलबली मचाए रखी और हाफटाइम तक 5-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली थी। भारत की ओर से शिलानंद लाकरा ने खेल के चौथे ही मिनट में गोल कर टीम का खाता खोला। इसके बाद नौवें मिनट में सुखजीत सिंह ने गेंद को जाली में उलझाकर बढ़त दोगुनी कर दी। मैच के 11वें मिनट में कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने मिले पेनल्टी कॉर्नर को शानदार गोल में तब्दील कर टीम को 3-0 से आगे कर दिया। इसके ठीक एक मिनट बाद अभिषेक ने कोरियाई रक्षापंक्ति को भेदते हुए चौथा गोल दागा। 26वें मिनट में दिलप्रीत सिंह के सटीक निशाने ने टीम का स्कोर 5-0 पहुंचाकर मैच पूरी तरह भारत की मुट्ठी में कर दिया।
तीसरे क्वार्टर में भी जारी रहा भारतीय सूरमाओं का जलवा
हाफटाइम के बाद जब खेल दोबारा शुरू हुआ, तब भी भारतीय खिलाड़ियों की आक्रामकता में कोई कमी नहीं आई। मैच के 32वें मिनट में दिलप्रीत सिंह ने अपने निजी खाते का दूसरा गोल दागा, जबकि 38वें मिनट में अभिषेक ने भी मुकाबले में अपना दूसरा गोल दागकर कोरिया की वापसी की हर उम्मीद पर पानी फेर दिया। इस बीच कोरियाई टीम की तरफ से किम जैहो ने 42वें मिनट में अपनी टीम के लिए पहला गोल दागकर खाता खोला। तीसरे क्वार्टर के समापन तक भारतीय टीम 7-1 से मजबूत स्थिति में पहुंच चुकी थी।
अंतिम पलों में कोरिया पर छह गोल के फासले से ऐतिहासिक जीत
चौथे और अंतिम क्वार्टर में कोरियाई खिलाड़ी किम योंगबोक ने 52वें मिनट में गोल दागकर स्कोर 7-2 किया, लेकिन मुकाबले के आखिरी यानी 60वें मिनट में रजिंदर सिंह ने जबरदस्त गोल दागकर स्कोर 8-2 कर दिया। इसी स्कोरलाइन के साथ भारत ने मुकाबला अपने नाम किया। अब पूल चरण के अगले मुकाबले में भारत की भिड़ंत जापान से होगी। दक्षिण कोरिया के खिलाफ पुरुष हॉकी के इतिहास में गोल के अंतर के लिहाज से भारत की यह एशियन गेम्स में अब तक की सबसे विशाल जीत है। इससे पूर्व भारत ने 1962 के एशियाई खेलों में कोरिया को 5-0 से शिकस्त दी थी। इसके अलावा, यह पहला मौका है जब भारत और कोरिया के बीच किसी पुरुष हॉकी मुकाबले में दोनों पक्षों को मिलाकर नौ या उससे अधिक गोल दर्ज किए गए हों। इससे पहले दोनों टीमों के बीच खेले गए दो मुकाबलों में भारत ने 5-3, 5-3 के अंतर से जीत दर्ज की थी।
एशियाड में अब तक भारत की झोली में आए 15 पदक
इस एशियाड में भारतीय दल ने अब तक शानदार खेल दिखाते हुए कुल 15 पदक अपने नाम कर लिए हैं, जिनमें एक स्वर्ण, छह रजत और आठ कांस्य पदक शामिल हैं। इस तालिका में निशानेबाजी (शूटिंग) का दबदबा सबसे अधिक रहा है, जहां भारतीय निशानेबाजों ने चार रजत और चार कांस्य सहित कुल आठ पदक जीते हैं। इसके अलावा महिला क्रिकेट टीम ने देश के लिए एकमात्र स्वर्ण पदक अर्जित किया है। वहीं बैडमिंटन, मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स, रोइंग और सॉफ्ट टेनिस में भारत को एक-एक कांस्य पदक प्राप्त हुआ है। भारोत्तोलन और वुशु में भारतीय खिलाड़ियों ने एक-एक रजत पदक अपने नाम किया है। इस प्रदर्शन के बूते भारत वर्तमान में पदक तालिका में 14वें स्थान पर काबिज है।
एशियन गेम्स: भारत के सभी 15 पदकों का पूरा लेखा-जोखा
-
क्रिकेट: 1 स्वर्ण, 0 रजत, 0 कांस्य (कुल: 1) – महिला टीम
-
निशानेबाजी: 0 स्वर्ण, 4 रजत, 4 कांस्य (कुल: 8) – हिमांशु ढिल्लन (10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत), भारत (पुरुष टीम), भारत (महिला टीम), इलावेनिल वलारिवन (10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत), रुद्रांक्ष पाटिल (10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत), भारत (पुरुष स्कीट टीम), भारत (महिला स्कीट टीम), भारत (स्कीट मिश्रित टीम)
-
भारोत्तोलन: 0 स्वर्ण, 1 रजत, 0 कांस्य (कुल: 1) – मीराबाई चानू (महिला 49 किग्रा)
-
वुशु: 0 स्वर्ण, 1 रजत, 0 कांस्य (कुल: 1) – रोशिबिना देवी (महिला 60 किग्रा)
-
बैडमिंटन: 0 स्वर्ण, 0 रजत, 1 कांस्य (कुल: 1) – पुरुष टीम
-
मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स: 0 स्वर्ण, 0 रजत, 1 कांस्य (कुल: 1) – सुचिका तारियाल (महिला ट्रेडिशनल 60 किग्रा)
-
रोइंग: 0 स्वर्ण, 0 रजत, 1 कांस्य (कुल: 1) – सतनाम सिंह/सलमान खान (पुरुष डबल स्कल्स)
-
सॉफ्ट टेनिस: 0 स्वर्ण, 0 रजत, 1 कांस्य (कुल: 1) – जय मीना (पुरुष एकल)
-
कुल योग: 1 स्वर्ण, 6 रजत, 8 कांस्य (कुल पदक: 15)
voice of india