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आगरा : नूरी दरवाजा के पास रविवार देर शाम वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने एसएन मेडिकल काॅलेज (एसएनएमसी) के जूनियर डॉक्टर से अभद्रता और मारपीट कर दी. जिससे आक्रोशित जूनियर डॉक्टर्स ने इमरजेंसी और ट्रॉमा समेत अन्य संस्थानों में सेवाएं ठप कर दीं. जिससे इमरजेंसी और वार्ड में भर्ती मरीजों व तीमारदारों में हाहाकार मच गया. हड़ताल की वजह से इमरजेंसी में लाए गए एक युवक की मौत हो गई. इसके अलावा 24 से 25 गंभीर मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर करना पड़ा. हालांकि जूनियर डॉक्टर्स के आक्रोश को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने रविवार देर रात आरोपी सब इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर कर दिया. इसके बाद करीब तीन घंटे बाद जूनियर डॉक्टर्स काम पर लौटे.
मामला रविवार शाम करीब सात बजे का है. एसएन मेडिकल कॉलेज के पास नूरी दरवाजा पर पुलिस वाहन चेकिंग कर रही थी. इसी दौरान एसएनएमसी के जूनियर डॉ. विनेश कुमार वहां से गुजरे. इस पर चेकिंग कर रहे एसआई अंकुर राठी ने बाइक रुकवा कर कागजात मांगे. इसी बीच बातचीत के दौरान एसआई अंकुर राठी ने जूनियर डॉ. विनेश कुमार तमाचा जड़ दिया. विरोध करने पर लात-घूसों से मारा. इसके बाद घटना की जानकारी डॉ. विनेश ने जूडा अध्यक्ष डॉ. मनोज को दी. जिससे जूनियर डॉक्टर एकजुट हो गए और इमरजेंसी व ट्रॉमा समेत सभी सेवाएं ठप कर दीं.
पुलिस की मारपीट से भड़के जूनियर डॉक्टर : एसएनएमसी के प्राचार्य डॉ. प्रंशात गुप्ता ने बताया कि सर्जरी विभाग के एक जूनियर रेजीडेंट के साथ पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान मारपीट और अभद्रता की थी. इसके बाद जूनियर डॉक्टर्स ने सेवाएं बंद कर दी थीं. पुलिस अधिकारियों से वार्ता के बाद अभद्रता व मारपीट करने वाले एसआई को लाइन हाजिर कर दिया गया है. इसके बाद जूनियर डॉक्टर्स काम पर लौट आए हैं.
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