Monday , 28 September 2026

अमृतसर में ASI हरजीत सिंह हत्याकांड का बड़ा खुलासा: मुठभेड़ में मुख्य शूटर ढेर, पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी ने रची थी खूनी साजिश !

पंजाब पुलिस ने अमृतसर में सहायक उपनिरीक्षक (ASI) हरजीत सिंह की नृशंस हत्या के मामले में त्वरित व सख्त कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी दीपक सिंह को मुठभेड़ में मार गिराया है। अमृतसर के पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने इस एनकाउंटर की पुष्टि की है। प्राथमिक जांच में इस वारदात के तार सीमा पार बैठे पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी और उसके आतंकी सिंडिकेट से जुड़े पाए गए हैं।

नाकेबंदी पर की फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में मारा गया शूटर

वारदात के बाद अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी इनपुट, मोबाइल टावर-डंप डेटा और जमीनी खुफिया तंत्र की मदद से आरोपी की पहचान दीपक सिंह के रूप में की थी। पुलिस कमिश्नर के अनुसार, शनिवार को एक नाके पर पुलिस टीम ने संदिग्ध को रोकने की कोशिश की, जिस पर उसने पुलिस पार्टी पर गोलियां दाग दीं। जवानों ने जब पीछा किया तो उसने दोबारा जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस द्वारा आत्मरक्षा में की गई जवाबी फायरिंग में आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, उसका एक अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहा।

नशे के जाल और आतंकी मॉड्यूल का खूनी गठजोड़

जांच में सामने आया है कि पाकिस्तानी हैंडलर ने आरोपियों को नशीले पदार्थों (चिट्टा) की तस्करी और बड़े मुनाफे का लालच देकर अपने जाल में फंसाया था। आतंकी शहजाद भट्टी के मॉड्यूल के इशारे पर ही इस टारगेट किलिंग को अंजाम दिया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, हत्या के बाद आरोपी दोबारा घटनास्थल पर पहुंचे थे और वहां का वीडियो बनाकर सीमा पार अपने हैंडलर को भेजा था ताकि वारदात की पुष्टि की जा सके। पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से .30 बोर की एक पिस्तौल, दो मैगज़ीन, आठ जिंदा कारतूस, एक मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त एक्टिवा स्कूटर बरामद किया है। फरार आरोपी की धरपकड़ के लिए इलाके में व्यापक तलाशी अभियान जारी है।

ड्यूटी के दौरान मारी गई थी गोली, सरकार ने दी राहत राशि

यह सनसनीखेज वारदात गुरुवार, 18 सितंबर की देर रात गेट हकीमा थाना क्षेत्र में हुई थी। दाना मंडी, भगतांवाला क्षेत्र में ड्यूटी पर तैनात एएसआई हरजीत सिंह अपनी मोटरसाइकिल से गश्त पर थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने अचानक उन पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दी थीं, जिससे मौके पर ही उनकी शहादत हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने शहीद पुलिसकर्मी के आश्रितों के लिए 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि (एक्स-ग्रेशिया) की घोषणा की है। इसके अतिरिक्त, एचडीएफसी बैंक के माध्यम से परिवार को 1 करोड़ रुपये का बीमा क्लेम कवर भी मुहैया कराया जाएगा।

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