
24 घंटे बीत गए अब प्रांशी के जीवित मिलने की उम्मीद धुंधली
-एनडीआरएफ ने स्टीमर लेकर सर्च आपरेशन चलाया
कानपुर देहात। अमराहट थाना के विलासपुर गांव की दो सगी बहनों के डूबने की घटना से यमुना नदी किनारे गुरुवार को भीड़ लगी रही। छोटी बहन का शव बुधवार को मिल गया था जबकि बड़ी बहन की तलाश के लिए बुलाई गई एनडीआरएफ पूरे दिन स्टीमर लेकर नदी में सर्च अभियान चलाती रही। 24 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद अब प्रांशी के जीवित मिलने की उम्मीद धुंधली होती जा रही है। परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है।
सिकंदरा संवाददाता के अनुसार विलासपुर बांगर गांव के ग्रामीणों ने बताया कि मंगलवार रात गांव में टेसू झझिंया विवाह कार्यक्रम के उपरांत बुधवार की सुबह महिलाएं और युवतियां नदी किनारे विसर्जन के लिए गई थीं। साथ में उनकी दो सगी बहनें रागिनी (14) और प्रांशी देवी (18) भी साथ थीं। विसर्जन के दौरान रागिनी अचानक गहरे पानी में चली गई। उसे डूबता देख बड़ी बहन प्रांशी उसे बचाने के लिए नदी में कूद पड़ी। बहाव तेज होने की वजह से दोनों बह गई। रागिनी का शव बुधवार को मिल गया था जबकि प्रांशी की तलाश के एनडीआरएफ ने यमुना नदी का पानी छान डाला। जवानों ने स्टीमर के साथ बाइब्रेटर चलाकर पानी में सर्च आपरेशन चलाया। देर शाम तक पता नहीं चला। बेहाल परिजनों को उसके जीवित मिलने की उम्मीद टूटती दिखी। सगी बहनों के यमुना में डूबने की जानकारी पर भीड़ लगी रही। मां विनीता देवी और भाइयों कौशल व आनंद का रो-रो कर बुरा हाल रहा। एसडीएम शालिनी उत्तम व सीओ प्रिया सिंह, तहसीलदार आदि मौजूद रहे। अंधेरा होने की वजह से सर्च आपरेशन रोकना पड़ा। शुक्रवार को फिर तलाश की जाएगी।
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