Sunday , 25 October 2026

Varanasi HIV Alert: धर्मनगरी वाराणसी में डरावने आंकड़े, 9 महीनों में मिले 300 से अधिक नए HIV मरीज; युवाओं में इन दो कारणों से तेजी से फैल रहा संक्रमण

वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र और धर्मनगरी वाराणसी से स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किए गए नए आंकड़ों ने प्रशासनिक और चिकित्सा जगत में गहरी चिंता पैदा कर दी है। वाराणसी जनपद में जनवरी से सितंबर (बीते 9 महीनों) के दौरान 300 से अधिक नए एचआईवी (HIV) संक्रमित मरीजों की पुष्टि हुई है। यदि वाराणसी के साथ-साथ आसपास के जिलों—चंदौली, जौनपुर, आजमगढ़, गाजीपुर और पड़ोसी राज्य बिहार से इलाज के लिए आने वाले मरीजों के आंकड़े भी जोड़ दिए जाएँ, तो यह भयावह आँकड़ा 700 के पार पहुँच जाता है। इन सबके बीच सबसे डरावनी बात यह है कि नए संक्रमितों में 18 से 25 वर्ष की उम्र के युवाओं की संख्या सबसे ज्यादा है, जिनमें असुरक्षित समलैंगिक संबंध और एक ही सिरिंज से ड्रग्स (नशीले पदार्थ) लेना मुख्य वजह बनकर उभरा है।

दीनदयाल और BHU अस्पताल के आंकड़े चौंकाने वाले

वाराणसी के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में बने आईसीटीसी (ICTC) केंद्रों से मिले आँकड़े बेहद गंभीर स्थिति की ओर इशारा करते हैं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल में जनवरी से सितंबर के बीच हुई करीब 20 हजार जाँचों में 171 मरीज एचआईवी पॉजिटिव पाए गए, जबकि काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) अस्पताल में लगभग 150 नए मरीजों की पुष्टि हुई है। जिला अस्पताल की काउंसलर वंदना के अनुसार, पिछले 2-3 वर्षों में असुरक्षित समलैंगिक संबंध बनाने वाले युवाओं में एचआईवी संक्रमण की दर में तेज उछाल देखा गया है। इस संक्रमण की चपेट में सबसे अधिक 18 से 25 आयु वर्ग के युवा और प्रवासी मजदूर (माइग्रेंट्स) आ रहे हैं, जो सामाजिक झिझक और डर के कारण खुलकर सामने आने से बचते हैं।

ड्रग्स का नशा बना काल: 35% मामले एक ही सिरिंज के इस्तेमाल से, दो महिलाओं की मौत

वाराणसी में एचआईवी के तेजी से फैलने का दूसरा सबसे बड़ा कारण नशीली दवाओं के सेवन के लिए दूषित सिरिंजों का बार-बार उपयोग करना है। दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल स्थित ओएसटी (OST) सेंटर के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले दो सालों में 30 ऐसे लोगों में एचआईवी संक्रमण पाया गया है, जिन्होंने एक ही सिरिंज से नशीला इंजेक्शन लिया था। इन संक्रमित मरीजों में से 2 महिलाओं की इलाज के दौरान दर्दनाक मौत भी हो चुकी है। कुल एचआईवी पॉजिटिव मामलों में लगभग 35% हिस्सेदारी केवल उन लोगों की है जो इंजेक्टेबल ड्रग्स (नशीले इंजेक्शन) का सेवन करते हैं।

वाराणसी के ये 4 इलाके बने सबसे बड़े ‘हॉटस्पॉट’

बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने वाराणसी शहर के चार प्रमुख क्षेत्रों को एचआईवी के प्रमुख ‘हॉटस्पॉट’ के रूप में चिन्हित किया है। इनमें मलदहिया, शिवदासपुर, कैंट और सदर बाजार क्षेत्र शामिल हैं, जहाँ से सबसे ज्यादा पॉजिटिव मामले सामने आ रहे हैं।

संक्रमण की रोकथाम और मरीजों की मदद के लिए वाराणसी में कुल 6 केंद्रों पर निशुल्क एचआईवी जाँच और परामर्श की सुविधा उपलब्ध है, जिसमें पंडित दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल, लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल (रामनगर) और बीएचयू प्रमुख हैं।

हेल्पलाइन नंबर और ‘I-SCAN’ ऐप से मिलेगी मदद

एचआईवी/एड्स से जुड़ी जानकारी, चिकित्सकीय परामर्श या अपने सबसे नजदीकी एआरटी (ART) सेंटर का पता लगाने के लिए सरकार द्वारा 1097 नेशनल हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। एआरटी सेंटर की काउंसलर वंदना ने बताया कि उनके पास अधिकांश कॉल्स उन युवाओं की आती हैं जिनके अचानक असुरक्षित शारीरिक संबंध बन जाते हैं और वे आगे के कदमों को लेकर डरे रहते हैं।

इसके अलावा, एचआईवी से बचाव और जोखिम के आकलन (Self-Risk Assessment) के लिए ‘I-SCAN’ (आई-स्कैन) नाम का एक डिजिटल जागरूकता टूल भी उपलब्ध है। हालांकि इसके जरिए सीधे लैब टेस्ट नहीं किया जा सकता, लेकिन यह संक्रमण के संभावित जोखिमों को समझने और सही मेडिकल सलाह प्राप्त करने में बेहद मददगार साबित हो रहा है।

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