
न्यूयॉर्क। अमेरिकी शेयर बाजार (Wall Street) में लंबे समय से जिस बड़े खतरे की आशंका जताई जा रही थी, गुरुवार को उस डर ने हकीकत का रूप ले लिया। न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में घंटी बजते ही शुरू हुआ बिकवाली का तूफान दिन ढलने के साथ और विकराल हो गया। हालात इतने बदतर रहे कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्रांति की अगुवाई करने वाली दिग्गज टेक कंपनी एनवीडिया (Nvidia) से लेकर सबसे सुरक्षित माने जाने वाले कंज्यूमर शेयर वॉलमार्ट (Walmart) तक बुरी तरह क्रैश हो गए।
कारोबार की समाप्ति तक टेक-हैवी नैस्डैक 100 इंडेक्स में 6 फीसदी से ज्यादा की ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई। मार्च 2020 में कोरोना महामारी के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में यह एक दिन की सबसे बड़ी तबाही है। इस भीषण गिरावट से महज चंद घंटों के भीतर नैस्डैक से 2.3 ट्रिलियन डॉलर (करीब 190 लाख करोड़ रुपये) का मार्केट कैप स्वाहा हो गया।
दिग्गज टेक शेयरों का निकला दम, चिप कंपनियों में मार्च 2020 के बाद सबसे बड़ी गिरावट
बाजार में आई इस सुनामी की सीधी मार टेक और सेमीकंडक्टर कंपनियों पर पड़ी है। प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स बुरी तरह धराशायी हो गए:
-
नैस्डैक (Nasdaq): करीब 6 फीसदी लुढ़ककर चार साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा।
-
S&P 500: 4.4 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ।
-
डाउ जोन्स (Dow Jones): 3 फीसदी टूटा; इंडेक्स में शामिल सभी 30 कंपनियों के शेयर लाल निशान में बंद हुए।
-
फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स (SOX): 12 फीसदी की ऐतिहासिक गिरावट। चिप इंडेक्स अपने 22 जून के रिकॉर्ड स्तर से 38 फीसदी टूटकर आधिकारिक तौर पर ‘बियर मार्केट’ में प्रवेश कर चुका है।
-
एनवीडिया (Nvidia): दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी के शेयर 9 फीसदी से अधिक टूटे, जिससे 2025 के बाद कंपनी की यह सबसे बड़ी एकल गिरावट रही और इस साल की पूरी बढ़त मिट गई।
-
रसेल 2000 (Russell 2000): स्मॉल कैप शेयरों का इंडेक्स 4.5 फीसदी गिरकर करेक्शन जोन में चला गया।
अमेरिकी कांग्रेस में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत से क्यों डरे निवेशक?
बाजार में इस अफरातफरी की मुख्य वजह हालिया अमेरिकी कांग्रेस चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रचंड जीत को माना जा रहा है। निवेशकों के बीच यह डर गहरा गया है कि वॉशिंगटन में राजनीतिक नियंत्रण बदलने के बाद अब कड़े नीतिगत नियम लागू होंगे, जिससे अब तक बिना रोक-टोक सैकड़ों अरब डॉलर बटोर रहे AI सेक्टर की तेज रफ्तार पर अचानक ब्रेक लग सकता है।
मतदाताओं ने पेट्रोल-गैस की ऊंची कीमतों और खासतौर पर टेक्सास जैसी जगहों पर धड़ल्ले से बन रहे एआई डेटा सेंटर्स के दुष्प्रभावों से खफा होकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को झटका दिया। बुधवार को बाजार इस उम्मीद में चढ़ा था कि सत्ता के बंटवारे से ट्रंप के फैसलों पर संतुलन बनेगा और ईरान संघर्ष शांत होने से महंगाई घटेगी, लेकिन गुरुवार आते-आते नीतियों में सख्ती के डर ने बाजार को गहरे दबाव में धकेल दिया।
AI डेटा सेंटर्स पर जनता का भारी विरोध बना गले की फांस
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सुपरकंप्यूटिंग को संचालित करने के लिए बेहद विशाल डेटा सेंटर्स की जरूरत होती है। अमेरिका के कई राज्यों में इन नए डेटा सेंटर्स के निर्माण को लेकर स्थानीय स्तर पर तीखा जनविरोध शुरू हो गया है। इसके तीन प्रमुख कारण सामने आए हैं:
-
बिजली संकट: डेटा सेंटर्स की बेतहाशा बिजली खपत के कारण स्थानीय पावर ग्रिड पर दबाव बढ़ गया है और आम जनता के बिजली बिलों में भारी उछाल आया है।
-
पानी की बर्बादी: सर्वर और इंफ्रास्ट्रक्चर को ठंडा रखने के लिए लाखों गैलन पानी का इस्तेमाल हो रहा है, जिससे गंभीर पर्यावरण संकट खड़ा हो गया है।
-
मुनाफे पर अनिश्चितता: कड़े नियमों और विरोध के चलते अरबों डॉलर के पूंजीगत निवेश (Capex) पर रिटर्न फंसने की आशंका पैदा हो गई है, जिससे संस्थागत निवेशकों ने अपनी पोजीशन खाली करनी शुरू कर दी।
ट्रंप का सोशल मीडिया पर तीखा हमला: ‘डेमोक्रेट्स ने तबाह किया आपका 401(k)’
शेयर बाजार में मचे इस कत्लेआम पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीखा पलटवार किया है। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने इस गिरावट का सीधा ठीकरा चुनावी नतीजों पर फोड़ा। ट्रंप ने लिखा:
“चुनाव परिणामों की वजह से शेयर बाजार ने इतिहास के सबसे काले दिनों में से एक का सामना किया है। बाजार को जिस ऐतिहासिक ऊंचाई पर ले जाने में हमने दिन-रात मेहनत की थी, उसे ढहते देखना बेहद दुखद है। अमेरिकी नागरिक ध्यान दें, इस गिरावट ने आपके 401(k) रिटायरमेंट फंड की गाढ़ी कमाई घटा दी है। याद रखिए, यह बर्बादी रिपब्लिकन की वजह से नहीं, बल्कि डेमोक्रेट्स की जीत के कारण हुई है।”
2008 और 2001 के डॉट-कॉम क्रैश की यादें हुईं ताजा
पेंडरफंड कैपिटल मैनेजमेंट के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर ग्रेग टेलर ने बाजार के हालात की तुलना 2008 के हाउसिंग संकट और 2001 के डॉट-कॉम बबल बर्स्ट से की। उन्होंने कहा कि वॉल स्ट्रीट का पूरा फोकस सिर्फ एक ही थीम (AI) पर टिक गया था, और जब किसी एक थीम का भार अस्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है, तो उसका इस तरह फूटना तय होता है।
बाजार में घबराहट मापने वाला ‘फियर इंडेक्स’ यानी VIX 11.57 अंक उछलकर 28.18 के स्तर पर पहुंच गया, जो मार्च के बाद का उच्चतम स्तर है। बिकवाली से घबराए निवेशकों ने इक्विटी छोड़कर अमेरिकी सरकारी बॉन्ड्स (Treasuries) में शरण ली। वहीं मोमेंटम ट्रेडिंग वाला iShares MSCI USA Momentum Factor ETF 8.2 फीसदी टूट गया। गोल्डमैन सैक्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, बिना मुनाफे वाली टेक कंपनियों की बास्केट 7.7 फीसदी गिरी है, जबकि कर्ज में डूबी कंपनियों के शेयर भी 4 फीसदी तक फिसल गए हैं। वेल्थ एलायंस के जानकारों ने चेतावनी दी है कि डेटा सेंटर्स का गतिरोध टेक सेक्टर की कमाई को लंबे समय तक प्रभावित कर सकता है।
voice of india