Friday , 23 October 2026

US Greenland Deal: ट्रंप का बड़ा दावा, ग्रीनलैंड की सुरक्षा पर मिला ‘स्थायी नियंत्रण’; चीन और रूस के सैन्य बेस बनाने पर लगाई पूर्ण रोक. …

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ एक ऐतिहासिक सुरक्षा समझौते का एलान किया है। ट्रंप के अनुसार, इस नए रक्षा समझौते के तहत वाशिंगटन को रणनीतिक रूप से बेहद अहम द्वीप ग्रीनलैंड की सुरक्षा और अन्य जरूरतों पर ‘स्थायी नियंत्रण’ (Permanent Control) हासिल हो जाएगा। अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि इस कदम से आर्कटिक क्षेत्र में रूस और चीन की बढ़ती रणनीतिक और सैन्य दखलंदाजी पर पूरी तरह से नकेल कसी जा सकेगी और वे वहां किसी भी तरह का सैन्य अड्डा स्थापित नहीं कर पाएंगे।

ट्रुथ सोशल पर ट्रंप का एलान: यह कभी न खत्म होने वाला समझौता

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर इस समझौते की जानकारी साझा करते हुए इसे एक ऐतिहासिक जीत करार दिया। ट्रंप ने लिखा कि उन्हें यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने किंगडम ऑफ डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ समझौता कर लिया है, जिससे अमेरिका को ग्रीनलैंड में सुरक्षा और अन्य सभी आवश्यकताओं पर स्थायी अधिकार मिलेगा। ट्रंप ने कहा कि यह एक ‘अनंत काल’ (Infinite Life) का समझौता है, जिसकी कोई समाप्ति तिथि नहीं है। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि वाशिंगटन बिना किसी देरी के इस स्वायत्त क्षेत्र में अपनी मजबूत और व्यापक सैन्य मौजूदगी स्थापित करना शुरू कर देगा।

चीन और रूस पर सख्त पाबंदी, बिना अमेरिकी मंजूरी नहीं होगा बेस या निवेश

ट्रंप ने अमेरिका के विरोधी मुल्कों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि इस समझौते के लागू होने के बाद से कोई भी दुश्मन देश अमेरिका की स्पष्ट लिखित मंजूरी के बिना ग्रीनलैंड में कभी भी अपना सैन्य बेस नहीं बना सकेगा, न वहां अपनी सेना तैनात कर सकेगा और न ही किसी संवेदनशील सेक्टर में निवेश कर पाएगा। अमेरिकी विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी इस पर मुहर लगाते हुए स्पष्ट किया कि यह समझौता पूरी गारंटी देता है कि चीन और रूस जैसे गैर-नाटो देश ग्रीनलैंड में अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा पाएंगे। इसके साथ ही रणनीतिक संपत्तियों और खनन जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में उनके निवेश को रोकने के लिए ठोस सुरक्षा तंत्र विकसित कर दिया गया है।

आर्कटिक वर्चस्व और ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप का पुराना रुख

जनवरी 2025 में राष्ट्रपति पद संभालने के बाद से ही डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड के भू-राजनीतिक और सामरिक महत्व को लेकर मुखर रहे हैं। जलवायु परिवर्तन के चलते पिघलती बर्फ के कारण खुले नए समुद्री मार्गों और अकूत प्राकृतिक संसाधनों के चलते आर्कटिक क्षेत्र में वैश्विक शक्तियों के बीच वर्चस्व की होड़ मची हुई है। ट्रंप ने पूर्व में वेनेजुएला संकट के बाद ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण की जरूरत को कई बार रेखांकित किया था। हालांकि, डेनमार्क शुरुआत में ग्रीनलैंड की स्वायत्तता और संप्रभुता को लेकर कड़ा रुख अपनाता रहा था, लेकिन इस सुरक्षा ढांचे के जरिए तनाव को कम करने की दिशा में सहमति बनी है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान न्यूयॉर्क में होंगे औपचारिक हस्ताक्षर

डेनमार्क के नियंत्रण वाले इस स्वायत्त द्वीप ग्रीनलैंड और कोपेनहेगन प्रशासन दोनों ने इस समझौते की रूपरेखा का स्वागत किया है। डेनिश सरकार और ग्रीनलैंड के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अगले हफ्ते न्यूयॉर्क में आयोजित होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की बैठक के इतर तीनों पक्ष इस ऐतिहासिक समझौते पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर करेंगे। इसके बाद इस समझौते को लागू करने के लिए आवश्यक संप्रभु और संसदीय प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।

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