
संयुक्त राष्ट्र (न्यूक्लियर/न्यूयॉर्क)। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में भारतीय राजनयिक पेटल गहलोत ने ‘राइट टू रिप्लाई’ (Right to Reply) का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को करारा जवाब दिया है। शहबाज शरीफ द्वारा यूएन के मंच से कश्मीर राग छेड़ने और सिंधु जल संधि पर दिए गए बयानों पर भारतीय मिशन की प्रथम सचिव पेटल गहलोत ने पाकिस्तान के पाखंड, सीमा पार आतंकवाद और फर्जीवाड़े की पोल खोलकर रख दी।
‘फॉर्म 47 की सरकार’ और ओसामा बिन लादेन का सच
भारतीय राजनयिक पेटल गहलोत ने अपने भाषण की शुरुआत में ही पाकिस्तान को 9/11 हमलों और ओसामा बिन लादेन की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि अभी कुछ ही समय पहले पूरी दुनिया ने 9/11 आतंकी हमले की बरसी मनाई है और यह बात जगजाहिर है कि उस हमले का मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान में उसकी सैन्य अकादमी के ठीक पास छिपा हुआ था। गहलोत ने तंज कसते हुए कहा कि जिस देश की जनता खुद अपनी सरकार को ‘फॉर्म 47 की सरकार’ (धांधली से बनी सरकार) कहती है, उससे ऐसे बेतुके भाषणों की ही उम्मीद की जा सकती है।
दिन में शांति का ढोंग, रात में फैलाते हैं आतंकवाद
पेटल गहलोत ने पाकिस्तान के दोहरे रवैये पर प्रहार करते हुए कहा कि यह सेना की, सेना द्वारा और सेना के लिए चलाई जा रही कठपुतली सरकार है। उन्होंने कहा, “वे दिन में सुरक्षा और शांति की बातें करते हैं, लेकिन रात के अंधेरे में वास्तव में आतंकवाद को अंजाम देते हैं। ईशनिंदा कानूनों और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार की बुनियाद पर टिका देश आज दुनिया को धार्मिक सहिष्णुता पर भाषण दे रहा है, जो कि सरासर पाखंड है।”
जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग, पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में हो रहे अत्याचार
कश्मीर मुद्दे पर भारत का रुख साफ करते हुए पेटल गहलोत ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है और हमेशा रहेगा। उन्होंने कहा, “अगर बात करनी ही है तो पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) की बात होनी चाहिए। रावलकोट के लोगों से जाकर पूछिए कि वे किस तरह लंबे समय से क्रूर हिंसा, मनमानी हत्याओं और अपने बुनियादी अधिकारों के हनन का सामना कर रहे हैं।”
‘ऑपरेशन सिंदूर’ और आतंकवाद पर करारा प्रहार
भारतीय राजनयिक ने पाकिस्तान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ आत्मरक्षा के अपने अधिकार का पूरी ताकत से इस्तेमाल करेगा। उन्होंने साफ किया कि भारत ने पहले ही यह साबित कर दिया है कि आतंकवादियों के लिए छिपने की कोई जगह नहीं बचेगी। आतंकवाद का समर्थन करने की नीति का असर दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों और समझौतों पर भी पड़ेगा। उन्होंने कहा कि बार-बार झूठ दोहराने से वह सच नहीं बन जाता और महासभा पाकिस्तान के छलावे को अच्छी तरह समझती है।
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