Sunday , 27 September 2026

राम मंदिर में आंतरिक सूचना लीक पर ट्रस्ट का कड़ा शिकंजा: पुजारियों के मोबाइल पर रोक, दान गणना के सख्त नियम लागू; जानें नए बदलाव

अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर की आंतरिक व्यवस्थाओं और गोपनीय निर्णयों को अनधिकृत रूप से बाहर जाने से रोकने के लिए ट्रस्ट ने बेहद कड़े कदम उठाए हैं। मंदिर प्रशासन ने “जो अंदर है, वह बाहर नहीं जाएगा” के सख्त सिद्धांत को लागू करते हुए कर्मचारियों, अधिकारियों और पुजारियों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। परिसर में होने वाली दैनिक गतिविधियों, प्रशासनिक निर्णयों या व्यवस्थागत बदलावों की जानकारी बिना अनुमति सार्वजनिक करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।

नए सीईओ ने संभाली कमान, गोपनीयता सर्वोच्च प्राथमिकता मंदिर के नवनियुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र को ट्रस्ट ने आंतरिक सुरक्षा और व्यवस्थाओं की गोपनीयता बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए हैं। कार्यभार संभालते ही सीईओ ने सभी कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि किसी भी स्तर पर अनधिकृत सूचना साझा करने या अनुशासनहीनता बरतने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

पुजारियों के लिए बदले नियम, मोबाइल के इस्तेमाल पर पाबंदी रामलला के सेवा कार्य में तैनात पुजारियों पर भी व्यवस्था का शिकंजा कसा गया है। गर्भगृह और मंदिर की आंतरिक पूजा पद्धतियों व व्यवस्थाओं की जानकारी सार्वजनिक करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही परिसर के भीतर पुजारियों के मोबाइल फोन इस्तेमाल करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। ट्रस्ट ने साफ किया है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।

दान राशि की गणना में भारी बदलाव: बिना जेब वाली गाउन और फर्श पर प्लाईवुड चढ़ावे की गिनती में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने और गड़बड़ियों की गुंजाइश खत्म करने के लिए व्यापक सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं:

  • दान की गिनती करने वाले कर्मियों के लिए विशेष बिना जेब वाली आसमानी गाउन पहनना अनिवार्य किया गया है, जिसके लिए अलग चेंजिंग रूम तैयार किया गया है।

  • कर्मियों की एंट्री और एग्जिट दोनों प्वाइंट्स पर सघन शारीरिक तलाशी ली जाएगी; मोबाइल फोन व निजी सामान लॉकर में जमा करना अनिवार्य होगा।

  • नोट छिपाने की किसी भी संभावना को खत्म करने के लिए टेबल-कुर्सी की जगह फर्श पर प्लाईवुड बिछाकर गिनती का नियम बनाया गया है, और गणना के दौरान आपस में बातचीत प्रतिबंधित रहेगी।

  • पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी के लिए गिनती कक्ष में 13 नए अत्याधुनिक सीसीटीवी व पीटीजेड कैमरे लगाए गए हैं।

  • दान पेटी को खोलने से लेकर गिनती कक्ष तक पहुंचाने की निगरानी भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के अधिकारियों द्वारा सील लगाने के बाद ही की जाएगी।

  • सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करते हुए निजी सुरक्षा कर्मियों की संख्या 300 से बढ़ाकर 350 कर दी गई है, जिसमें 27 अतिरिक्त एसआईएस कर्मी केवल दान पेटी के सुरक्षित परिवहन में तैनात रहेंगे।

  • कंट्रोल रूम की पूरी टीम को बदलते हुए ट्रस्ट ने नई टीम तैनात की है तथा पास व बैंकिंग सिस्टम को भी नए सिरे से पुनर्गठित किया है।

सीईओ चयन प्रक्रिया पर पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने उठाए सवाल मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के चयन पर प्रशासनिक विवाद खड़ा हो गया है। आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने ट्रस्ट को पत्र लिखकर चयन प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण मांगा है। ठाकुर ने पूर्व आईपीएस अधिकारी राजेश पांडेय के एक पॉडकास्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि जितेंद्र मिश्र सीईओ पद के लिए छांटे गए अंतिम 16 उम्मीदवारों की सूची में शामिल नहीं थे और न ही उन्होंने चयन साक्षात्कार दिया था। उन्होंने ट्रस्ट से सवाल किया है कि बिना साक्षात्कार और प्रारंभिक सूची में नाम न होने के बावजूद उन्हें अंतिम तीन उम्मीदवारों में किस आधार पर चुना गया और क्या निर्धारित चयन नियमों का पूर्ण पालन हुआ था।

चढ़ावा चोरी मामले के आरोपियों की जमानत पर सुनवाई टली, 17 को अगली तारीख राम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे में चोरी के आरोपी अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा और करुणेश पांडेय की जमानत याचिका पर सुनवाई टल गई है। मामले के जांच अधिकारी (विवेचक) आशुतोष तिवारी ने विशेष अदालत में प्रार्थना पत्र देकर प्रस्तरवार आख्या प्रस्तुत करने के लिए पांच दिन का अतिरिक्त समय मांगा। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) कोर्ट रजत वर्मा ने विवेचक के अनुरोध को स्वीकार करते हुए जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए 17 सितंबर की तारीख तय की है और केस डायरी सहित विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। इससे पूर्व अन्य आरोपियों रमा शंकर मिश्रा, मनीष कुमार यादव और अविनाश शुक्ला की जमानत याचिका पर भी विवेचक द्वारा आख्या न दिए जाने के कारण सुनवाई 16 सितंबर के लिए टाल दी गई थी।

 

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