Friday , 30 October 2026

राजनाथ सिंह का बड़ा कूटनीतिक दांव: अमेरिका के बिना फिलीपींस में बना नया ‘JAI’ समीकरण, चीन की बढ़ी टेंशन

क्वाड शिखर सम्मेलन से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के किनारा करने की चर्चाओं के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फिलीपींस की धरती से एक बड़ा सियासी और रणनीतिक संकेत दिया है। फिलीपींस में आयोजित 13वीं एशियाई रक्षा मंत्रियों की बैठक में शामिल होने पहुंचे राजनाथ सिंह ने ऑस्ट्रेलिया और जापान के रक्षा मंत्रियों के साथ अलग से बैठक की और सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा कर नए समीकरण की नींव रख दी है। इस कदम से ड्रैगन की नींद उड़ना तय माना जा रहा है।

राजनाथ सिंह ने शेयर की खास तस्वीर और दिया ‘JAI’ का संदेश

फिलीपींस की राजधानी मनीला से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑस्ट्रेलिया के उप प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्लेस और जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजूमी के साथ हाथ मिलाते हुए बेहद खास तस्वीर शेयर की है। इस तस्वीर के कैप्शन में उन्होंने लिखा कि ‘JAI: जापान, ऑस्ट्रेलिया, इंडिया’। इस एक छोटी सी लाइन ने दुनिया भर के सामरिक विशेषज्ञों का ध्यान खींच लिया है और यह साफ संदेश दे दिया है कि अमेरिका के बिना भी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के तीन बड़े लोकतंत्र मिलकर कड़ा रुख अपनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

फिलीपींस से चीन को मिला सीधा और कड़ा संदेश

मनीला वह क्षेत्र है जिसका चीन के साथ समुद्री सीमा को लेकर लगातार विवाद चल रहा है। ऐसे में फिलीपींस की जमीन से यह कूटनीतिक संदेश देना अपने आप में बहुत बड़ा कदम है। भारत पहले ही फिलीपींस को ब्रह्मोस मिसाइल की आपूर्ति कर चुका है। रक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि चीन की बढ़ती दादागिरी और विस्तारवादी नीतियों का माकूल जवाब देने के लिए भारत अब पारंपरिक क्वाड समूह से आगे बढ़कर इस नए ‘JAI’ फॉर्मेट पर तेजी से फोकस कर रहा है। जापान और ऑस्ट्रेलिया दोनों ही प्रशांत क्षेत्र में भारत के सबसे भरोसेमंद रणनीतिक साझीदार हैं और तीनों देश लगातार संयुक्त सैन्य अभ्यास कर रहे हैं, यहां तक कि जापानी सेना जल्द ही भारत की धरती पर अपने आधुनिक हथियारों का परीक्षण भी करने जा रही है।

हिंद-प्रशांत क्षेत्र को स्वतंत्र और मुक्त रखने पर विशेष जोर

जापानी रक्षा मंत्री के साथ हुई अहम बैठक के बाद राजनाथ सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र को स्वतंत्र, खुला और शांतिपूर्ण बनाए रखना हम तीनों देशों की साझा प्रतिबद्धता है। वहीं जापानी रक्षा मंत्री कोइजूमी ने भी यह पूरा भरोसा दिलाया कि टोक्यो नई दिल्ली के साथ रक्षा समेत हर क्षेत्र में आपसी सहयोग को और अधिक मजबूत करेगा। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया के रक्षा मंत्री के साथ हुई द्विपक्षीय बैठक में राजनाथ सिंह ने उन्हें आगामी एयरो इंडिया-2027 में शामिल होने के लिए आधिकारिक रूप से आमंत्रित किया। उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि हिंद-प्रशांत महासागर को सुरक्षित रखना तीनों देशों की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह कड़ा संदेश सीधे तौर पर उस चीन के लिए था जो लगातार फिलीपींस, जापान और ऑस्ट्रेलिया के समुद्री इलाकों में अपने युद्धपोत भेजकर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है और जापान के द्वीपों पर अपना दावा जताता है।

क्वाड से क्यों दूरी बना रहे हैं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप?

आगामी क्वाड शिखर सम्मेलन इस बार भारत में आयोजित होना है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस सम्मेलन में शामिल होने को लेकर संशय के बादल मंडरा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों के विश्लेषकों के मुताबिक, ट्रंप चीन को साधने के लिए सीधे तौर पर G2 यानी अमेरिका और चीन के बीच द्विपक्षीय फॉर्मूले पर अधिक जोर दे रहे हैं, जिसके कारण वह क्वाड से दूरी बनाते हुए नजर आ रहे हैं। ऐसी स्थिति में भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने रणनीतिक रूप से ‘क्वाड माइनस वन’ की तर्ज पर काम करना शुरू कर दिया है और दुनिया को यह साफ दिखा दिया है कि अमेरिका की गैर-मौजूदगी में भी ‘JAI’ यानी जापान, ऑस्ट्रेलिया और इंडिया का यह नया मोर्चा पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ने के लिए तैयार है।

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