Thursday , 1 October 2026

राजस्थान निकाय चुनाव: भाजपा का चला जादू, कांग्रेस पस्त; बीकानेर-झालावाड़ में दिग्गजों को लगा बड़ा झटका

जयपुर राजस्थान नगरीय निकाय चुनाव के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जबर्दस्त प्रदर्शन करते हुए अपना परचम लहराया है। पार्टी को छोटे कस्बों के साथ-साथ आदिवासी अंचलों में एकतरफा बढ़त मिली है, वहीं किसान बहुल क्षेत्रों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। कुल वार्डों की बात करें तो भाजपा 4,000 से अधिक वार्डों में विजय पताका फहराने में सफल रही, जबकि कांग्रेस 3,450 से ज्यादा वार्डों पर सिमट गई। करीब 2,400 से अधिक वार्डों पर निर्दलीय व अन्य उम्मीदवारों ने बाजी मारी।

10 नगर निगमों का गणित: 5 पर भाजपा का कब्जा, 4 में फंसा पेंच प्रदेश के 10 बड़े नगर निगमों में मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा। भाजपा ने 5 निगमों में स्पष्ट जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस केवल 1 निगम पर ही सिमट कर रह गई। 4 नगर निगमों में किसी भी दल को पूर्ण बहुमत न मिलने से त्रिशंकु (हंग) के हालात बन गए हैं। निगमों की स्थिति इस प्रकार रही: अजमेर (भाजपा 32, कांग्रेस 37, अन्य 11), अलवर (भाजपा 28, कांग्रेस 23, अन्य 14), उदयपुर (भाजपा 53, कांग्रेस 23, अन्य 4), कोटा (भाजपा 55, कांग्रेस 35, अन्य 4), जयपुर (भाजपा 78, कांग्रेस 50, अन्य 15), जोधपुर (भाजपा 44, कांग्रेस 44, अन्य 11), पाली (भाजपा 21, कांग्रेस 29, अन्य 15), बीकानेर (भाजपा 27, कांग्रेस 42, अन्य 11), भरतपुर (भाजपा 20, कांग्रेस 7, अन्य 38) और भीलवाड़ा (भाजपा 45, कांग्रेस 10, अन्य 15)।

नगरपालिका और नगर परिषद में भी भाजपा अव्वल स्थानीय निकायों के जमीनी स्तर पर भी भाजपा की पकड़ मजबूत साबित हुई। कुल 252 नगरपालिकाओं में से भाजपा ने 144 पर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस 92 और निर्दलीय 16 पर विजयी रहे। वहीं 47 नगर परिषदों में भाजपा 21 सीटें जीतकर शीर्ष पर रही, जबकि कांग्रेस को 17 और निर्दलीयों को 9 सीटों पर कामयाबी मिली।

भजनलाल सरकार के काम पर लगी मुहर, इन वजहों से हारी कांग्रेस राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भजनलाल सरकार द्वारा युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां देने और पेपरलीक पर कड़ा अंकुश लगाने की छवि पार्टी के लिए मुफीद साबित हुई। हालांकि, बड़े शहरी केंद्रों में यूजीसी विवाद के चलते भाजपा के प्रदर्शन पर असर जरूर पड़ा। दूसरी तरफ, कांग्रेस को अति-आत्मविश्वास ले डूबा। पार्टी केवल भाजपा विरोधी लहर के भरोसे रही और जमीनी प्रचार में सुस्ती बरती। इसके अलावा अंदरूनी गुटबाजी, नीट पेपरलीक विवाद और युवाओं के मुद्दों पर पर्याप्त मुखर न होना कांग्रेस की हार का मुख्य कारण बना।

बीकानेर और झालावाड़ में पार्टी को झटका, परबतसर का अजीबोगरीब मामला जीत के बड़े आंकड़ों के बीच भाजपा को कुछ कद्दावर नेताओं के गढ़ में भारी नुकसान उठाना पड़ा है। केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के प्रभाव वाले बीकानेर और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के गृह क्षेत्र झालावाड़ में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा। इस बीच, डीडवाना-कुचामन जिले की परबतसर नगर पालिका का परिणाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। यहां अलग-अलग वार्डों में भाजपा और आरएलपी (राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी) प्रत्याशियों को महज एक-एक वोट ही मिला। दिलचस्प तथ्य यह रहा कि भाजपा प्रत्याशी कैलाश चंद्र का नाम उस वार्ड की मतदाता सूची में ही नहीं था, जहां से वे ताल ठोक रहे थे।

सीएम भजनलाल और योगी आदित्यनाथ ने दी बधाई शानदार नतीजों पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश की जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रति आभार जताया। उन्होंने इसे ऐतिहासिक जीत बताते हुए कहा कि यह कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम का नतीजा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जीत की बधाई दी। उन्होंने लिखा कि यह ऐतिहासिक जनादेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में विकास, सुशासन व जनसेवा की नीतियों पर जनता की अटूट मुहर है।

 

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