Tuesday , 27 October 2026

माइक्रोसॉफ्ट का बड़ा ऐलान : खुद नौकरी छोड़ने पर कर्मचारियों को मिलेगा बंपर पैकेज, भारत समेत 4 देशों के 60 हजार कर्मी दायरे में

नई दिल्ली। दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) ने अपने वर्कफोर्स मैनेजमेंट को लेकर सोमवार को एक बेहद चौंकाने वाला फैसला लिया है। कंपनी ने भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में काम कर रहे अपने कर्मचारियों के लिए खास ‘वॉलंटरी एग्जिट प्रोग्राम’ (VEO) पेश किया है। इस स्कीम के तहत यदि कोई कर्मचारी अपनी मर्जी से नौकरी छोड़ता है, तो कंपनी उसे सिर्फ एकमुश्त आर्थिक पैकेज ही नहीं देगी, बल्कि आगे के करियर ट्रांजिशन और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए भी पूरा सहयोग उपलब्ध कराएगी। कंपनी के आधिकारिक ब्लॉग पोस्ट के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर करीब 60,000 कर्मचारी इस पेशकश के दायरे में आ सकते हैं।

भारत में 23,000 वर्कफोर्स, 1 दिसंबर तक फैसला लेने की मोहलत

भारत में इस समय माइक्रोसॉफ्ट के विभिन्न केंद्रों पर करीब 23,000 कर्मचारी कार्यरत हैं। हालांकि, कंपनी ने अभी यह साफ नहीं किया है कि भारत में कुल कितने कर्मचारी इस वॉलंटरी सेपरेशन के लिए पात्र होंगे। आंतरिक सूत्रों के अनुसार, जो भी भारतीय कर्मचारी इस योजना के दायरे में आ रहे हैं, उन्हें अपना अंतिम निर्णय लेने के लिए 1 दिसंबर तक का समय दिया गया है। कंपनी योग्य कर्मचारियों को सीधे आधिकारिक ईमेल भेज रही है, जिसमें एग्जिट पैकेज, वित्तीय लाभ और नियम-शर्तों का पूरा ब्योरा दर्ज है।

नौकरी छोड़ने पर क्या-क्या मिलेगा: हर साल की सर्विस पर 1 महीने की बेस सैलरी

कंपनी की ओर से पेश किया गया यह वॉलंटरी पैकेज किसी स्टैंडर्ड सेवरेंस अरेंजमेंट (छंटनी के दौरान दिए जाने वाले मुआवजे) की तर्ज पर तैयार किया गया है। यदि कोई योग्य कर्मचारी इस ऑफर को स्वीकार कर इस्तीफा देता है, तो उसे:

  • कंपनी में बिताए गए प्रत्येक पूर्ण वर्ष (Service Year) के बदले एक महीने का बेसिक वेतन दिया जाएगा।

  • निर्धारित अवधि तक निरंतर हेल्थ इंश्योरेंस (स्वास्थ्य बीमा) का पूरा कवरेज मिलेगा।

  • नई नौकरी तलाशने और करियर री-स्किलिंग के लिए पेशेवर ‘करियर ट्रांजिशन सर्विसेज’ का सपोर्ट मिलेगा।

लेवल 70 और उससे नीचे के ग्रेड के लिए मौका, हर टीम पर लागू नहीं होगा नियम

माइक्रोसॉफ्ट की एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट व चीफ पीपल ऑफिसर (CPO) एमी कोलमैन ने ब्लॉग पोस्ट में स्पष्ट किया कि यह वॉलंटरी एग्जिट ऑफर सीमित समय के लिए ही खुला है। यह योजना चारों देशों में चुनिंदा टीमों के केवल ‘लेवल 70’ या उससे नीचे के ग्रेड वाले कर्मचारियों पर लागू होगी। कंपनी में वरिष्ठता और भूमिकाएं तय करने के लिए इंटरनल जॉब लेवल्स बनाए गए हैं, जिसमें लेवल 70 एक महत्वपूर्ण पायदान माना जाता है।

एमी कोलमैन ने साफ किया कि यह योजना पूरी कंपनी में एकसमान रूप से लागू नहीं की गई है। कौन सी टीम इसका हिस्सा बनेगी, यह पूरी तरह से संबंधित बिजनेस यूनिट की प्राथमिकताओं, क्लाइंट कमिटमेंट्स और वर्कफोर्स की जरूरतों पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा कि जो लोग कंपनी से बाहर अपना करियर बनाना चाहते हैं, उन्हें यह कदम एक सम्मानजनक और सुरक्षित रास्ता देता है। साथ ही, कंपनी को बदलती तकनीकी जरूरतों के अनुसार अपने मानव संसाधन को री-अलाइन करने में मदद मिलेगी।

भारत में AI और क्लाउड पर 20.5 अरब डॉलर का भारी निवेश जारी रहेगा

एक ओर जहां माइक्रोसॉफ्ट अपने कर्मचारियों को वॉलंटरी एग्जिट का विकल्प दे रही है, वहीं दूसरी ओर भारतीय बाजार और यहां की प्रतिभाओं को लेकर कंपनी का भरोसा बरकरार है। माइक्रोसॉफ्ट के प्रवक्ता ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि कंपनी भारत के टैलेंट और टेक इकोसिस्टम को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भारत के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) विजन को साकार करने के लिए कंपनी ने वर्ष 2025 से 2029 के दौरान क्लाउड, AI इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किलिंग और ऑपरेशंस में 20.5 अरब डॉलर के भारी निवेश की योजना बनाई है। प्रवक्ता ने यह भी दोहराया कि वर्ष 2030 तक भारत के 2 करोड़ लोगों को AI स्किल्स से प्रशिक्षित करने का उनका महत्वाकांक्षी लक्ष्य पूरी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।

 

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