Monday , 28 September 2026

LPU में कथित रेप की अफवाह के बाद भारी बवाल: 20 करोड़ की संपत्ति खाक, 10 दिन के लिए यूनिवर्सिटी बंद और परीक्षाएं रद्द…जानें अब कैसे हैं हालात

पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में एक छात्रा से कथित दुष्कर्म और आत्महत्या की अफवाह के बाद भड़का आक्रोश हिंसक रूप ले चुका है। परिसर में भीषण आगजनी, पथराव और तोड़फोड़ के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अगले 10 दिनों के लिए कक्षाएं निलंबित कर दी हैं और जारी मिड-टर्म परीक्षाएं तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए हजारों छात्र-छात्राएं हॉस्टल खाली कर अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं।

आधी रात को पुलिस का फ्लैग मार्च, सहमे छात्र घर रवाना

सोमवार सुबह यूनिवर्सिटी कैंपस में सन्नाटा पसरा रहा, हालांकि माहौल अब भी तनावपूर्ण बना हुआ है। रविवार देर रात पंजाब पुलिस की भारी टुकड़ियों ने कैंपस के भीतर फ्लैग मार्च किया, जिसके बाद प्रदर्शनकारी छात्र अपने-अपने हॉस्टलों में लौटे। प्रशासन द्वारा 10 दिनों की छुट्टी के ऐलान के बाद सुबह से ही छात्र बैग समेटकर अपने घरों के लिए निकलते दिखाई दिए। लगभग 25 हजार आवासीय छात्रों वाले इस विशाल परिसर से छात्रों का पलायन जारी है और स्थिति सामान्य होने के बाद ही दोबारा कक्षाएं शुरू करने पर विचार किया जाएगा।

भारी उपद्रव में 20 करोड़ से अधिक की संपत्ति स्वाहा

खुफिया विभाग (इंटेलिजेंस) के शुरुआती आकलन के मुताबिक, रविवार को हुए उग्र प्रदर्शन, आगजनी और तोड़फोड़ में 20 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। उपद्रव के दौरान प्रदर्शनकारियों ने परिसर में स्थित दुकानों, सार्वजनिक संपत्तियों और खिड़कियों को चकनाचूर कर दिया। हालात बेकाबू होते देख परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया। मौके पर पहुंचे एडीजीपी मोहम्मद फैयाज फारूकी ने बताया कि पुलिस के फ्लैग मार्च और समझाइश के बाद छात्र शांत हुए। उन्होंने साफ किया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हिंसा और आगजनी में शामिल उपद्रवियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दिल्ली-अमृतसर हाईवे जाम, पुलिस पर पथराव और गाड़ियों में लगाई आग

रविवार को प्रदर्शनकारी छात्रों ने कैंपस से बाहर निकलकर व्यस्त दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे (NH-44) को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया था, जिससे कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। शाम करीब 7:30 बजे जब पुलिस ने हाईवे खाली कराने की कोशिश की, तो भीड़ की तरफ से पानी की बोतलें और पत्थर फेंके गए। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा। इसके बाद भड़की हिंसा में उपद्रवियों ने पुलिस की दो गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया, जबकि 4 से 5 अन्य वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिए। पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। हालात संभालने के लिए कपूरथला, जालंधर रूरल और होशियारपुर से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा। देर रात स्थिति नियंत्रण में आने के बाद हाईवे पर यातायात बहाल हो सका।

लड़ाकू विमान और सेना के टैंक पर चढ़कर लगाए ‘वी वांट जस्टिस’ के नारे

विरोध प्रदर्शन का केंद्र रविवार तड़के करीब 1 बजे गर्ल्स हॉस्टल-3 के बाहर बना। सोशल मीडिया पर अफवाह फैली थी कि तीन दिन पहले एक प्लंबर ने हॉस्टल की छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म किया, जिसकी शिकायत वार्डन से करने के बावजूद कोई एक्शन नहीं लिया गया। देखते ही देखते हजारों छात्र जमा हो गए। प्रदर्शन के दौरान कुछ उग्र छात्र कैंपस में डिस्प्ले के तौर पर रखे गए ऐतिहासिक मिग-23यूएम (MiG-23UM) लड़ाकू विमान और सेना के टैंक पर चढ़ गए और ‘वी वांट जस्टिस’ की नारेबाजी करते हुए तोड़फोड़ करने लगे।

अज्ञात के खिलाफ FIR और SIT गठित, यूनिवर्सिटी ने आरोपों को बताया ‘मनगढ़ंत’

डीआईजी नवीन सिंगला के अनुसार, छात्रों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है और निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। फोरेंसिक साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल खंगाले जा रहे हैं। वहीं, LPU की रजिस्ट्रार डॉ. मोनिका गुलाटी ने पूरे घटनाक्रम को खारिज करते हुए कहा कि दुष्कर्म की बात पूरी तरह झूठी, निराधार और मनगढ़ंत अफवाह है। असामाजिक तत्वों ने कैंपस का शैक्षणिक माहौल बिगाड़ने के लिए यह अफवाह फैलाई। छात्र विंग के डीन सौरभ लखनपाल ने कहा कि प्रशासन पूरी पारदर्शिता के साथ छात्रों के प्रतिनिधियों को सीसीटीवी फुटेज दिखाने और जांच में शामिल करने के लिए तैयार है। प्रदर्शनकारी छात्रों के एक गुट का भी दावा है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बीच कुछ बाहरी तत्वों ने घुसपैठ कर हिंसा और तोड़फोड़ को अंजाम दिया।

राजनीतिक घमासान तेज, चितकारा यूनिवर्सिटी में भी तनाव

घटना के बाद राज्य की सियासत भी गरमा गई है। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्य की कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और सरकार को छात्रों के सवालों का पारदर्शी व समयबद्ध जवाब देना चाहिए।

उधर, पंजाब की ही एक अन्य निजी यूनिवर्सिटी चितकारा (बनूड़) में भी 24-25 सितंबर की दरमियानी रात हुए भारी बवाल के बाद माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। छात्रों के लगातार जारी विरोध को देखते हुए चितकारा प्रबंधन ने भी 28 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक ‘नॉन-टीचिंग वर्किंग डेज’ घोषित कर नियमित पढ़ाई पर रोक लगा दी है। पंजाब के दो बड़े उच्च शिक्षण संस्थानों में लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर पुलिस मुख्यालय ने राज्य भर में सतर्कता बढ़ा दी है।

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