Friday , 23 October 2026

ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर खामेनेई का अंतिम संस्कार : आखिर क्यों पिता के जनाजे में शामिल नहीं होंगे नए सुप्रीम लीडर मोजतबा, भारत से जाएगा उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल

तेहरान/नई दिल्ली। ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार को लेकर इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। खामेनेई के जनाजे में जहां दुनियाभर के शीर्ष नेता और लाखों लोग जुटने वाले हैं, वहीं उनके सगे बेटे और ईरान के नवनियुक्त सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के इस ऐतिहासिक अंतिम संस्कार में शामिल होने की संभावना न के बराबर है। पिता के जनाजे से मोजतबा की इस दूरी के पीछे कोई पारिवारिक वजह नहीं, बल्कि सुरक्षा के बेहद कड़े और संवेदनशील कारण हैं। ईरान के सुप्रीम लीडर के भारत में प्रतिनिधि आयतुल्ला हकीम इलाही ने खुद इस बात की पुष्टि की है।

28 फरवरी के हमले के बाद से सार्वजनिक रूप से गायब हैं मोजतबा खामेनेई

गौरतलब है कि अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना गया था। हालांकि, बीते 28 फरवरी को ईरान पर हुए अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमले के बाद से ही मोजतबा किसी भी सार्वजनिक मंच या स्थान पर दिखाई नहीं दिए हैं। इसी हमले में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी, जबकि मोजतबा खुद गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सूत्रों के अनुसार, उस वक्त उनके चेहरे और पैर में गंभीर चोटें आई थीं। हालांकि, अब ईरानी प्रशासन का दावा है कि मोजतबा पूरी तरह से स्वस्थ हैं, लेकिन सुरक्षा घेरे के कारण उन्हें छिपाकर रखा गया है।

इजरायल की ‘किल लिस्ट’ पर हैं नए ईरानी प्रमुख, रक्षा मंत्री ने दी थी खुली धमकी

आयतुल्ला हकीम इलाही के मुताबिक, मोजतबा खामेनेई के पिता के जनाजे में न आने का मुख्य कारण इजरायल की तरफ से मिल रही लगातार धमकियां और उनकी कड़ी निगरानी का जोखिम है। वर्तमान में अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक वार्ताओं और समझौतों का दौर जरूर चल रहा है, लेकिन सतह पर तनाव चरम पर है। हाल ही में इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने सार्वजनिक तौर पर मोजतबा खामेनेई को जान से मारने की खुली धमकी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी आपत्ति जताई थी। ऐसे में इजरायली खुफिया एजेंसियों के रडार पर होने के कारण मोजतबा को इस महा-जुलूस से दूर रखने का फैसला लिया गया है।

4 से 9 जुलाई तक ईरान के कई शहरों में होगा अंतिम संस्कार, सार्वजनिक अवकाश घोषित

पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार 4 से 9 जुलाई के बीच ईरान के अलग-अलग शहरों में बेहद भव्य स्तर पर आयोजित किया जाएगा। तय कार्यक्रम के अनुसार:

  • 4 और 5 जुलाई: खामेनेई का पार्थिव शरीर तेहरान के प्रसिद्ध ग्रैंड मोसाला कॉम्प्लेक्स में आम जनता और विदेशी वीवीआईपी (VVIP) दर्शनों के लिए रखा जाएगा।

  • 6 जुलाई: राजधानी तेहरान में ऐतिहासिक अंतिम संस्कार का जुलूस निकाला जाएगा। इस दिन पूरे प्रांत में अधिकारिक रूप से सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है।

  • 9 जुलाई: अंत में उनके पार्थिव शरीर को उनके जन्मस्थान मशहद ले जाया जाएगा, जहां उन्हें सुपुर्द-ए-खाक (दफनाया) किया जाएगा।

भारत से पीएम मोदी के बजाय जाएगा विशेष दल, बिहार के गवर्नर और विदेश राज्य मंत्री होंगे शामिल

इस वैश्विक शोक सभा के लिए भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) को पिछले सप्ताह ही ईरान सरकार की तरफ से आधिकारिक निमंत्रण प्राप्त हुआ था। ईरान की ओर से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया गया था। हालांकि, पीएम मोदी का पूर्व निर्धारित विदेश दौरा 6 से 11 जुलाई के बीच होने के कारण, भारत सरकार ने इस समारोह में एक उच्चस्तरीय आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल भेजने का फैसला किया है।

विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि भारत सरकार की तरफ से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा इस अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए विशेष तौर पर ईरान दौरे पर जा रहे हैं।

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