Friday , 23 October 2026

तिब्बत में 7 तीव्रता के भीषण भूकंप से भारी तबाही: 16 लोगों की मौत, 54 घायल; सैकड़ों मकान जमींदोज, राहत कार्य में जुटी टीमें

चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में गुरुवार शाम कुदरत का भीषण कहर देखने को मिला, जब रिक्टर पैमाने पर 7 की तीव्रता वाले शक्तिशाली भूकंप ने पूरे इलाके को दहला दिया। इस भीषण प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 16 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि 54 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। उत्तरी तिब्बत के नागचू शहर में भूकंप के जोरदार झटकों से भारी तबाही मची है, जहां सैकड़ों रिहायशी मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गए। स्थानीय प्रशासन और राहत-बचाव दल मलबे में दबे जीवित लोगों की तलाश में युद्धस्तर पर जुटे हुए हैं।

सैकड़ों मकान और मवेशियों के बाड़े जमींदोज नागचू शहर के मीडिया कार्यालय और सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस जलजले के कारण कम से कम 339 मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं, जबकि मवेशियों को रखने वाले 20 शेड भी मलबे के ढेर में तब्दील हो चुके हैं। मलबे के नीचे फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और बेघर हुए परिवारों तक प्राथमिक मदद पहुंचाने के लिए बचाव दल रात-दिन रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं। घायल नागरिकों को तत्काल नजदीकी चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया जा रहा है ताकि उन्हें समय पर उपचार मिल सके।

1,600 से अधिक कर्मी मैदान में, टेंट और गर्म कपड़ों की आपूर्ति शुरू आपदा की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य में स्थानीय काउंटी के 1,600 से ज्यादा कर्मियों और स्वयंसेवकों को तैनात किया है। कड़ाके की ठंड और बेघर हुए परिवारों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रभावित इलाके में लगभग 1,000 अस्थायी घर और करीब 3,000 टेंट भेजे गए हैं। इसके अलावा पीड़ित लोगों के लिए फोल्डिंग बेड, टॉर्च, कंबल और सर्दियों के भारी गर्म कपड़ों की आपातकालीन खेप भी पहुंचाई गई है। संचार तंत्र ध्वस्त होने के कारण इलाके के कई हिस्सों में नेटवर्क ठप पड़ गया है, वहीं स्थानीय रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से प्रभावित रूट से गुजरने वाली ट्रेनों को तत्काल रोकने के आपात कदम उठाए हैं।

चट्टानें गिरने से हाईवे बाधित, आगामी बर्फबारी बढ़ाएगी मुश्किलें भूकंप के तेज झटकों के चलते आसपास की पहाड़ियों से भारी चट्टानें टूटकर सड़कों पर आ गिरीं, जिससे नेशनल हाईवे-317 का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह बंद हो गया है। मौजूदा समय में इस मार्ग पर आम आवाजाही रोक दी गई है और केवल एंबुलेंस, राहत दलों तथा सरकारी मदद से लदे वाहनों को ही जाने की अनुमति दी गई है। सड़क से मलबा और बोल्डर हटाने का कार्य तेजी से जारी है। इस बीच मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले तीन दिनों तक प्रभावित क्षेत्र में रुक-रुककर बर्फबारी हो सकती है, जिससे तापमान शून्य से नीचे जाने और बचाव कार्य में भारी बाधाएं आने की आशंका गहरा गई है।

पांच साल में इलाके का सबसे शक्तिशाली जलजला यह पिछले पांच वर्षों के दौरान इस क्षेत्र में दर्ज किया गया सबसे बड़ा भूकंप माना जा रहा है। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के आंकड़ों के मुताबिक, भूकंप गुरुवार रात स्थानीय समयानुसार 10 बजकर 33 मिनट पर आया था। इसका केंद्र नागचू शहर से 191 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व दिशा में और जमीन से 18 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। हालांकि यह क्षेत्र अत्यधिक ऊंचाई पर स्थित और कम आबादी वाला है, फिर भी भूकंप की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसने बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया है। नागचू, तिब्बत की राजधानी ल्हासा से 300 किलोमीटर से अधिक उत्तर दिशा में स्थित है।

 

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