Tuesday , 20 October 2026

सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों का भीषण हमला: सैन्य एयरबेस पर दागीं दर्जनों मिसाइलें, तेल सप्लाई पर मंडराया गहरा संकट

रियाद/सना.   मध्य-पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। यमन के हूती विद्रोहियों ने दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब के खमीस मुशैत शहर को निशाना बनाते हुए भीषण हवाई हमला किया है। हूतियों का दावा है कि उन्होंने एक प्रमुख सैन्य एयरबेस पर दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें और विस्फोटक ड्रोन दागे हैं। अचानक हुए इस हमले में कम से कम 13 नागरिकों के घायल होने की सूचना मिली है। घटना के बाद सऊदी सिविल डिफेंस ने राहत अभियान चलाते हुए स्पष्ट किया कि फिलहाल खतरे को टाल दिया गया है।

कई प्रमुख शहरों में इमरजेंसी अलर्ट जारी हमले की गंभीरता को देखते हुए सऊदी प्रशासन ने तुरंत हाई अलर्ट घोषित कर दिया। खमीस मुशैत, आभा और ताइफ के अलावा जेद्दा और जजान जैसे बड़े शहरों में इमरजेंसी सायरन बजाए गए और सुरक्षा बलों को मुस्तैद कर दिया गया। सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और रिहायशी इलाकों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

सऊदी एयरस्ट्राइक का हूतियों ने दिया पलटवार हूती विद्रोहियों ने इस हमले को सऊदी अरब की हालिया एयर स्ट्राइक का सीधा बदला बताया है। दरअसल, कुछ ही समय पहले सऊदी अरब ने यमन में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए थे। उस दौरान हूतियों के विमान हैंगर, रडार सिस्टम, रनवे और गोला-बारूद के डिपो पूरी तरह तबाह कर दिए गए थे। हूतियों के अनुसार, खमीस मुशैत पर किया गया ताजा हमला उसी सैन्य कार्रवाई का जवाब है।

वैश्विक तेल बाजार में हलचल, कच्चे तेल के दाम उछले लाल सागर के प्रवेश द्वार पर स्थित रणनीतिक पेरिम द्वीप पर पकड़ मजबूत करने के साथ ही हूतियों की इस नई सैन्य आक्रामकता ने सऊदी अरब के कच्चे तेल के निर्यात पर भारी दबाव बना दिया है। पूर्व में हुए हवाई हमलों के चलते सऊदी अरब की जीवनरेखा मानी जाने वाली 1,200 किलोमीटर लंबी ‘ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन’ का संचालन पहले ही प्रभावित हुआ था। 1980 के दशक में होर्मुज जलडमरूमध्य के विकल्प के तौर पर तैयार की गई इस पाइपलाइन के लंबे समय तक बाधित रहने से वैश्विक तेल आपूर्ति में 4 प्रतिशत तक की भारी गिरावट आ सकती है। इस आशंका के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 4 प्रतिशत से अधिक का तेज उछाल दर्ज किया गया है।

मोचा पोर्ट के पास बमबारी तेज, हूतियों की पकड़ बरकरार सऊदी अरब और यमनी वायु सेना ने मोचा पोर्ट के आसपास स्थित हूती ठिकानों पर अपनी बमबारी और तेज कर दी है। भारी सैन्य कार्रवाई के बावजूद हूती विद्रोहियों ने पश्चिमी तट के लगभग पूरे हिस्से पर अपना नियंत्रण बनाए रखा है। जमीनी मोर्चे पर दोनों पक्षों के बीच लगातार टकराव की स्थिति बनी हुई है।

अमेरिकी रुख और मोहम्मद बिन सलमान की अहम बैठक इस बीच भू-राजनीतिक समीकरण भी तेजी से बदल रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि अमेरिका ने सऊदी अरब की प्रत्यक्ष सैन्य सहायता की अपील को अब तक पूरी तरह स्वीकार नहीं किया है और वह केवल खुफिया जानकारी साझा करने तक सीमित है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बात का संकेत दिया है कि हूतियों ने भी अमेरिका को इस संघर्ष से दूर रहने की चेतावनी दी है। दूसरी तरफ, सुरक्षा की गंभीर स्थिति को देखते हुए सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने जेद्दा में अमेरिकी क्षेत्रीय कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें इन ताजा हमलों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर विस्तृत रणनीति बनाई गई।

 

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