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अमेरिका में FBI के हत्थे चढ़े हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया: कस्टडी की पहली तस्वीरें आईं सामने, फर्जी पासपोर्ट पर रहकर चला रहे थे ग्लोबल सिंडिकेट

नई दिल्ली/वॉशिंगटन: अमेरिकी धरती पर शरण लेकर भारत में खूनी खेल और फिरौती का नेटवर्क चला रहे दो कुख्यात भारतीय गैंगस्टरों पर सुरक्षा एजेंसियों का शिकंजा पूरी तरह कस चुका है। अमेरिका में पकड़े गए मोस्ट वांटेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और उसके साथी नीरज फरीदपुरिया की पुलिस कस्टडी की एक्सक्लूसिव तस्वीरें सामने आ गई हैं। भारतीय खुफिया एवं जांच एजेंसियों के इनपुट पर कार्रवाई करते हुए अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने दोनों को एक ही ठिकाने से एक साथ दबोचा है। सामने आई तस्वीरों में हिमांशु भाऊ काले रंग की टी-शर्ट में और नीरज फरीदपुरिया सफेद टी-शर्ट में सुरक्षा घेरे के बीच नजर आ रहे हैं।

फर्जी पासपोर्ट के सहारे अमेरिका में ठिकाना, वहीं से चला रहे थे गैंग

जांच एजेंसियों से मिले ब्योरे के मुताबिक, हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया दोनों फर्जी पहचान और जाली पासपोर्ट का इस्तेमाल करके अमेरिका में दाखिल हुए थे और वहीं एक साथ रह रहे थे। विदेशी जमीन पर छिपकर दोनों भारत के दिल्ली, हरियाणा और पंजाब समेत कई राज्यों में अपने गुर्गों के जरिए रंगदारी, टारगेट किलिंग और हथियारों की तस्करी का संगठित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक सिंडिकेट संचालित कर रहे थे। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और हरियाणा पुलिस की एसटीएफ लंबे समय से दोनों के नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटी थी और इनके पैतृक ठिकानों पर छापेमारी भी कर चुकी है।

उम्रकैद की सजा पा चुका है नीरज फरीदपुरिया, जमानत मिलते ही हुआ था फरार

हिमांशु भाऊ के साथ गिरफ्तार किए गए नीरज फरीदपुरिया का आपराधिक रिकॉर्ड बेहद संगीन रहा है। उसके खिलाफ रंगदारी, जानलेवा हमले, अवैध वसूली और संगठित गिरोह चलाने से जुड़े कई मुकदमे दर्ज हैं। नीरज को सबसे पहले साल 2012 में हत्या के एक सनसनीखेज मामले में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद साल 2015 में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद वह कई सालों तक सलाखों के पीछे रहा। साल 2019 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से नियमित जमानत मिलने के बाद वह चकमा देकर विदेश भाग निकला था और तभी से फरार चल रहा था।

रोहतक के रिटोली से अमेरिका तक: कौन है गैंगस्टर हिमांशु भाऊ?

साल 2002 में हरियाणा के रोहतक जिले के रिटोली गांव में जन्मे हिमांशु उर्फ ‘भाऊ रिटोलिया’ ने महज 17 साल की उम्र में जरायम की दुनिया में कदम रखा था। साल 2020 में वह हिसार के बाल सुधार गृह से करीब 20 बाल बंदियों के साथ सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया था। इसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा और ताबड़तोड़ वारदातों को अंजाम दिया। साल 2022 में हरियाणा के भीतर महज 24 घंटे के अंदर तीन सनसनीखेज मर्डर करवाकर वह सुरक्षा एजेंसियों की सबसे बड़ी चुनौती बन गया था।

हिमांशु भाऊ पर किसी भी वारदात में टारगेट पर अंधाधुंध 20 से 30 गोलियां बरसवाकर दहशत फैलाने के गंभीर आरोप हैं। उसके खिलाफ हरियाणा, दिल्ली और आसपास के राज्यों में हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी और आर्म्स एक्ट के दो दर्जन से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं। वर्ष 2023 में इंटरपोल ने हिमांशु भाऊ के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था, जिसके बाद से उसकी तलाश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेज कर दी गई थी। दोनों गैंगस्टरों की कस्टडी की तस्वीरें सामने आने के बाद अब भारतीय एजेंसियां उनके प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने में जुट गई हैं।

 

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