
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और सांसद यूसुफ पठान को तृणमूल कांग्रेस (TMC) से नाता तोड़ने के महज दो महीने के भीतर गुजरात की भाजपा सरकार की ओर से बड़ा तोहफा मिला है। गुजरात सरकार ने वडोदरा में स्थित उस 978 वर्ग मीटर के विवादित भूखंड को यूसुफ पठान को आवंटित करने का अहम फैसला लिया है, जिस पर कभी उन्हें अतिक्रमण का नोटिस थमाया गया था। वडोदरा नगर निगम (VMC) की स्टैंडिंग कमेटी ने इस संबंध में जमीन आवंटन के प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी दे दी है।
स्टैंडिंग कमेटी में पास हुआ जमीन आवंटन का प्रस्ताव
वडोदरा नगर निगम के भूमि संपदा विभाग द्वारा तैयार किए गए इस प्रस्ताव को सिविक बॉडी की स्टैंडिंग कमेटी के एजेंडे में शामिल कर पास कर दिया गया। यह निर्णय राज्य सरकार के 13 अगस्त के उस प्रस्ताव के आधार पर लिया गया है, जिसमें पूर्व क्रिकेटर को जमीन आवंटित करने की हरी झंडी दी गई थी। यह सरकारी प्रस्ताव 29 अगस्त को नगर निगम के पास पहुंचा था। खास बात यह है कि प्रस्ताव निगम तक पहुंचने से ठीक दो दिन पहले ही यूसुफ पठान ने अपने दावे के खारिज होने के खिलाफ गुजरात हाईकोर्ट में दायर अपनी कानूनी याचिका वापस ली थी।
500 वर्ग मीटर जमीन गिफ्ट, बाकी पर 55 फीसदी भारी छूट
सरकारी प्रस्ताव की शर्तों के मुताबिक, 978 वर्ग मीटर जमीन में से 500 वर्ग मीटर हिस्सा यूसुफ पठान को पूरी तरह तोहफे के रूप में दिया जाएगा। वहीं, शेष 478 वर्ग मीटर जमीन उन्हें बाजार मूल्य से 55 प्रतिशत की विशेष रियायती दर पर सौंपी जाएगी। प्रस्ताव में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस विशेष आवंटन को भविष्य के लिए किसी भी तरह की कानूनी या प्रशासनिक मिसाल नहीं माना जाएगा। इसके अलावा, नगर निगम को हुए नुकसान की भरपाई के लिए राज्य का राजस्व विभाग VMC को इस जमीन के बराबर मूल्य की दूसरी भूमि आवंटित करेगा। यह जमीन वडोदरा के तंडालजा इलाके में पठान परिवार के प्रसिद्ध सफेद बंगले के ठीक पास स्थित है।
2012 से चला आ रहा था विवाद, सियासी बदलाव के बाद पलटा रुख
इस भूखंड का विवाद साल 2012 से जुड़ा है, जब यूसुफ पठान ने VMC से इसे 99 साल के पट्टे (लीज) पर देने की मांग की थी। शुरुआत में मंजूरी मिलने के बावजूद राज्य सरकार ने 2014 में इस लीज को रद्द कर दिया था। इसके बाद जमीन पर कथित कब्जे को लेकर नगर निगम ने अतिक्रमण का नोटिस जारी किया, जिसे पठान ने अदालत में चुनौती दी। हाईकोर्ट में मात खाने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। इस कानूनी रस्साकशी के बीच यूसुफ पठान 2024 में टीएमसी के टिकट पर सांसद चुने गए थे। हालांकि, पार्टी से उनके अलग होते ही गुजरात सरकार का रुख उनके प्रति पूरी तरह नरम हो गया और वर्षों से अटका विवाद उनके पक्ष में सुलझ गया।
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