
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व राज्यसभा सांसद और जाने-माने उद्योगपति डॉ. रविन्द्र किशोर सिन्हा (आरके सिन्हा) का 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उन्होंने शुक्रवार को नोएडा स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। वह बिहार में भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक थे और उन्होंने जनसंघ के समय से ही संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। राजनीति के साथ-साथ पत्रकारिता और व्यापार जगत में भी उनका गहरा प्रभाव रहा। वे देश की प्रमुख सुरक्षा कंपनी ‘एसआईएस’ (SIS) ग्रुप के संस्थापक थे। आरके सिन्हा वर्ष 2014 से 2020 तक बिहार से राज्यसभा सांसद रहे।
पटना स्थित ‘अन्नपूर्णा भवन’ में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा पार्थिव शरीर
आरके सिन्हा के निधन की सूचना मिलते ही राजनीतिक और व्यापारिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों के अनुसार, उनका पार्थिव शरीर नोएडा से विशेष विमान द्वारा पटना ले जाया जाएगा, जहां राजकीय व सामाजिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न होगा। पटना स्थित उनके आवास ‘अन्नपूर्णा भवन’ में पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा, ताकि उनके प्रशंसक, पार्टी कार्यकर्ता और गणमान्य लोग उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें।
एक पत्रकार से देश की शीर्ष सुरक्षा एजेंसी के संस्थापक बनने का सफर
आरके सिन्हा की पहचान केवल एक राजनेता तक सीमित नहीं थी। शुरुआती जीवन में एक सक्रिय पत्रकार के रूप में अपनी लेखनी का लोहा मनवाने के बाद उन्होंने सुरक्षा सेवा क्षेत्र में कदम रखा और एसआईएस (SIS) ग्रुप की नींव रखी। आज यह कंपनी भारत के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया में भी बड़े स्तर पर कारोबार करती है और देश की शीर्ष निजी सुरक्षा एजेंसियों में शुमार है। उनकी इस उद्यमशीलता ने लाखों युवाओं को रोजगार का अवसर प्रदान कर स्वावलंबी बनाया।
राजनीतिक जगत में शोक की लहर, वरिष्ठ नेताओं ने जताया गहरा दुख
आरके सिन्हा के देहावसान पर विभिन्न दलों के प्रमुख राजनेताओं ने शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लिखा कि जनसंघ और भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा का योगदान पत्रकारिता, समाज सेवा और संगठनात्मक कार्यों में सदैव अविस्मरणीय रहेगा। उनका निधन राजनीतिक और सामाजिक जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
वहीं, भाजपा सांसद रवि किशन ने गहरा दुख प्रकट करते हुए लिखा कि आरके सिन्हा बिहार के सच्चे सपूत थे। भोजपुरी समुदाय के उत्थान और सामाजिक सरोकारों में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। एसआईएस जैसी प्रतिष्ठित संस्था की स्थापना कर हजारों-लाखों लोगों को रोजगार और सम्मानजनक आजीविका दिलाने में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही है।
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