फ्लाईदुबई विमान में भारतीय पायलट पर हुए जानलेवा हमले को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सियासी पारा चढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 30 सितंबर को घटी इस घटना के लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। ट्रंप ने दावा किया कि उनकी व्यक्तिगत राय में इस हमले की पटकथा ईरान से जुड़ी हो सकती है। वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों और स्वयं उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस मामले पर अधिक सतर्क रुख अपनाते हुए फिलहाल किसी ठोस सबूत की पुष्टि से इनकार किया है।
एयर फोर्स वन में ट्रंप का बयान, व्यक्तिगत तौर पर जताया शक
सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जब ‘एयर फोर्स वन’ में सवार हो रहे थे, तब संवाददाताओं ने उनसे फ्लाईदुबई विमान की घटना में ईरानी संलिप्तता को लेकर सवाल दागा। इस पर जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा कि उनका व्यक्तिगत तौर पर यह मानना है कि इस पूरे घटनाक्रम के तार तेहरान से जुड़े हो सकते हैं। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), सऊदी अरब और इजरायल के सुरक्षा तंत्र इस मामले की तहकीकात में जुटे हैं और किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं।
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की सतर्कता, खुफिया एजेंसियों पर छोड़ा फैसला
राष्ट्रपति के दावे के विपरीत अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस संवेदनशील मुद्दे पर बेहद नपा-तुला रुख दिखाया। अलास्का रवाना होते समय जब संवाददाताओं ने जेडी वेंस और सेकंड लेडी उषा वेंस से इस बारे में प्रतिक्रिया मांगी, तो उपराष्ट्रपति ने कहा कि वह किसी भी सार्वजनिक घोषणा से पहले सीआईए और खुफिया एजेंसियों के निष्कर्ष का इंतजार करेंगे। वेंस ने स्पष्ट किया कि जॉन रैटक्लिफ और उनकी इंटेलिजेंस टीम इस पूरे मामले का बारीकी से अध्ययन कर रही है, लेकिन अब तक उनके सामने ऐसे कोई ठोस सबूत नहीं आए हैं जो सीधे तौर पर ईरान का हाथ साबित करते हों।
कॉकपिट में खूनी खेल और ‘लोन वुल्फ’ थ्योरी
फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 (दुबई से तेल अवीव) के दौरान ओमान निवासी को-पायलट हमम अल-हम्ममी ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया था। इस सनसनीखेज वारदात के पीछे की साजिश को लेकर कई थ्योरी सामने आ रही हैं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कई अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि अल-हम्ममी ने किसी बड़े नेटवर्क के बजाय अकेले ही (‘लोन वुल्फ’ अटैक) इस वारदात को अंजाम देने की कोशिश की। हालांकि, जांच अभी बेहद शुरुआती दौर में है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या वह किसी ऑनलाइन चरमपंथी विचारधारा से प्रभावित था।
बेन गुरियन एयरपोर्ट पर प्लेन क्रैश करने की थी खौफनाक साजिश
यूएई के अटॉर्नी जनरल हमद सैफ अल शम्सी ने घटना की पुष्टि करते हुए इसे सीधे तौर पर आतंकवादी हमला करार दिया है। शुरुआती जांच और पूछताछ में आरोपी हमम अल-हम्ममी ने बेहद चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी का मुख्य मकसद विमान को तेल अवीव के बेन गुरियन अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर सीधे क्रैश कराना था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि वह इससे पहले भी साल की शुरुआत में एक अन्य विमान को तेल अवीव में क्रैश कराने की फिराक में था, जिसे उसने बाद में टाल दिया था।
भारतीय पायलट की जांबाजी से टला 9/11 जैसा मंजर
विमान में 174 यात्री सवार थे, जिनमें अधिकांश इजरायली नागरिक थे। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार ने अदम्य साहस दिखाते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद अंदर घुसे यात्रियों ने आरोपी को-पायलट को दबोच लिया। सौभाग्य से उसी उड़ान में यात्री के रूप में सफर कर रहे फ्लाईदुबई के दो अन्य पायलटों ने तुरंत विमान की कमान अपने हाथों में ली और उसे सऊदी अरब के तबुक हवाईअड्डे पर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग करा दी। सऊदी अरब की शुरुआती कार्रवाई के बाद अब आरोपी को आगे की विधिक जांच के लिए यूएई प्रशासन को सौंप दिया गया है।
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