Friday , 6 November 2026

Delhi Air Pollution: दिवाली से पहले ‘गैस चैंबर’ बनी राजधानी, रोहिणी में AQI 476 पार; 20 नवंबर तक निर्माण कार्यों पर रोक से विकास की रफ्तार थमी

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में गुलाबी ठंड की दस्तक के साथ ही आबोहवा बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। सर्दी की शुरुआत होते ही दिल्लीवासियों की सांसों पर संकट गहराने लगा है। इस बार दिवाली से पहले ही प्रदूषण ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और हवा गंभीर रूप से जहरीली हो चुकी है। शुक्रवार सुबह कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 470 के पार दर्ज किया गया, जिससे पूरी राजधानी में धुंध की घनी चादर पसरी नजर आई।

इलाकों में AQI का हाल: पंजाबी बाग और रोहिणी में हवा ‘बेहद गंभीर’

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ‘समीर’ (Sameer) ऐप के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के ज्यादातर निगरानी स्टेशनों पर हवा का स्तर ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज हुआ है।

  • 400 से 480 के बीच (अति गंभीर स्तर): रोहिणी में AQI 476, आईआईटी दिल्ली में 473, पंजाबी बाग में 466, जहांगीरपुरी में 460, आरके पुरम में 446, मुद्रिका में 441, विवेक विहार में 439, सोनिया विहार व नरेला में 438, ओखला फेज-2 व सिरीफोर्ट में 431, बवाना में 430, नॉर्थ कैंपस डीयू में 429, आईटीओ में 424, पड़पड़गंज व जेएलएन स्टेडियम में 423, पूसा में 420, द्वारका सेक्टर-8 में 418, नजफगढ़ में 417, मंदिर मार्ग पर 412 तथा जेएनयू व मथुरा रोड पर 409 एक्यूआई दर्ज किया गया।

  • 300 से 400 के बीच (बहुत खराब स्तर): तालकटोरा गार्डन व आया नगर में 395, चांदनी चौक में 394, आईजीआई एयरपोर्ट पर 386, बुराड़ी में 376, श्री अरबिंदो मार्ग पर 368, नेहरू नगर में 361, नांगलोई व अशोक विहार में 360, आनंद विहार में 359, बदरपुर में 352, वसुंधरा एन्क्लेव में 339, उत्तम नगर में 337, शादीपुर में 313, एनएसआईटी द्वारका में 309 और टिकरी कलां में 305 एक्यूआई रिकॉर्ड हुआ।

GRAP-2 के बावजूद सुधार नहीं, दिवाली तक राहत की उम्मीद कम

राजधानी में बिगड़ती स्थिति को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के दूसरे चरण की पाबंदियां पहले से ही लागू हैं। इसके बावजूद धरातल पर हवा की गुणवत्ता में कोई सुधार देखने को नहीं मिल रहा है। गुरुवार को भी शहर की हवा बेहद खराब श्रेणी में थी और विशेषज्ञों का मानना है कि मौसमी बदलाव और हवा की धीमी गति के कारण दीपावली तक दिल्ली की स्थिति इसी प्रकार दमघोंटू बनी रह सकती है।

5 से 20 नवंबर तक निर्माण कार्यों पर रोक, विकास परियोजनाओं पर पड़ेगा असर

प्रदूषण के जानलेवा स्तर को देखते हुए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। राजधानी में 5 नवंबर से लेकर 20 नवंबर तक सभी प्रकार के निर्माण (कन्स्ट्रक्शन) और तोड़फोड़ (डिमोलिशन) के कार्यों पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। इस प्रतिबंध से शहर में चल रहे कई बड़े विकास कार्यों और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की रफ्तार पर सीधा असर पड़ना तय है। अधिकारियों के मुताबिक, मौजूदा हालात को देखते हुए आम जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए ये सख्त पाबंदियां लगाना बेहद अनिवार्य हो गया था।

 

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