
सुल्तानपुर ब्यूरो। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े करीब आठ साल पुराने आपराधिक मानहानि के मामले में आज सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट अपना अंतिम फैसला सुनाएगी। स्पेशल मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की अदालत ने 13 अक्तूबर को दोनों पक्षों की विस्तृत जिरह पूरी होने के बाद पत्रावली फैसले के लिए सुरक्षित रख ली थी। अदालत ने सोमवार (26 अक्तूबर) को निर्णय के समय लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व सांसद राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में हाजिर रहने का सख्त निर्देश जारी किया है। इस अहम फैसले के मद्देनजर कोर्ट परिसर के आसपास सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं और सियासी गलियारों में भारी हलचल देखी जा रही है।
2018 के बेंगलुरु बयान से शुरू हुआ था विवाद, भाजपा नेता ने दायर किया था परिवाद
यह पूरा विवाद वर्ष 2018 का है, जब कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान बेंगलुरु में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने तत्कालीन भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को लेकर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस बयान से आहत होकर कोतवाली देहात क्षेत्र के हनुमानगंज निवासी व भाजपा के तत्कालीन जिला उपाध्यक्ष विजय मिश्र ने 4 अगस्त 2018 को सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए अदालत में मानहानि का परिवाद दाखिल किया था। परिवादी का कहना था कि राहुल गांधी के इस अमर्यादित बयान से भाजपा के करोड़ों कार्यकर्ताओं की छवि और भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है।
बयानों पर वकीलों की जोरदार जिरह: दोषी ठहराने या राहत की मांग?
अदालत में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के वकीलों के बीच तीखी कानूनी बहस देखने को मिली। राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ल ने अपनी लिखित बहस में बयान दिए जाने के तथ्य को स्वीकार किया, लेकिन साथ ही ठोस दलील रखी कि उनके बयान को दुर्भावनापूर्ण तरीके से तोड़-मरोड़कर और गलत संदर्भ में पेश किया गया है। इसके विपरीत, परिवादी पक्ष के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने तर्क दिया कि जब आरोपित पक्ष ने विवादित बयान देने की बात लिखित तौर पर स्वीकार कर ली है, तो ऐसे में मानहानि का अपराध पूरी तरह सिद्ध होता है; इसलिए सांसद राहुल गांधी को दोषी ठहराते हुए कानून के तहत अधिकतम सजा दी जानी चाहिए।
आज कोर्ट में हाजिर होंगे राहुल गांधी, कांग्रेस संगठन अलर्ट मोड पर
कांग्रेस नेतृत्व ने राहुल गांधी के सुल्तानपुर पहुंचने की पुष्टि की है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने जानकारी दी कि संगठन की प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा के माध्यम से सांसद राहुल गांधी के अदालत में आगमन का पूरा कार्यक्रम मिला है। राहुल गांधी पूर्व में 20 फरवरी 2024 को इसी अदालत में व्यक्तिगत तौर पर पेश होकर जमानत करा चुके हैं। आज अदालत का फैसला आने के वक्त उनकी सीधी मौजूदगी रहेगी, जिसे लेकर न केवल सुल्तानपुर बल्कि पूरे प्रदेश के राजनीतिक पंडितों और कार्यकर्ताओं की निगाहें एमपी-एमएलए कोर्ट के फैसले पर टिकी हुई हैं।
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