Sunday , 4 October 2026

CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अड़े छात्र और एक्टिविस्ट: दिल्ली के जंतर-मंतर पर आज बड़ा शक्ति प्रदर्शन, RAF तैनात; मुंबई में ‘जंतर-मंतर 2.0’ का अल्टीमेटम

नई दिल्ली ब्यूरो: मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ विरोध की चिंगारी अब तेज आंदोलन का रूप ले चुकी है। आयोग के कामकाज पर सवाल उठाते हुए और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार को देश की राजधानी दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला। इसी बीच ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने शनिवार को जंतर-मंतर पर एक विशाल सभा और प्रदर्शन का आह्वान किया है। प्रदर्शनकारियों के बड़े जमावड़े की संभावना को देखते हुए दिल्ली पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई है और जंतर-मंतर सहित पूरे मध्य दिल्ली के इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

छात्र संगठन और एक्टिविस्ट लामबंद, यूनिवर्सिटी से सड़कों तक पहुंचा आंदोलन शनिवार को होने वाले इस बड़े प्रदर्शन में आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, जाने-माने सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव सहित कई प्रमुख एक्टिविस्ट और सामाजिक संगठन जंतर-मंतर पर जुट रहे हैं। प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे संगठनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यशैली के साथ-साथ एसआईआर (SIR) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। संगठनों ने एक साझा बयान जारी करते हुए साफ कर दिया है कि यूनिवर्सिटी परिसरों और सोशल मीडिया मंचों से शुरू हुई यह आवाज अब सड़कों पर मुखर होगी। एक्टिविस्ट योगेंद्र यादव ने इसे केवल एक सामान्य विरोध नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र और चुनाव आयोग की गरिमा को बचाने की लड़ाई करार देते हुए देशभर के छात्रों, युवाओं और जागरूक नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया है।

जंतर-मंतर पर छावनी जैसे हालात, आईडी कार्ड दिखाने पर ही मिल रही एंट्री प्रदर्शन के ऐलान के बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और उससे जुड़ने वाले सभी प्रमुख रास्तों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। जनपथ, अशोक रोड और संसद मार्ग से जंतर-मंतर की ओर आने-जाने वाले हर व्यक्ति पर पैनी नजर रखी जा रही है। जगह-जगह बहुस्तरीय बैरिकेडिंग की गई है और मौके पर भारी संख्या में अतिरिक्त पुलिस बल के साथ त्वरित कार्य बल (RAF) की टुकड़ियों को तैनात किया गया है। पुलिस कर्मी हर आने-जाने वाले का पहचान पत्र (ID Card) चेक कर रहे हैं और वहां जाने की ठोस वजह पूछ रहे हैं। बिना वाजिब कारण और पहचान पत्र के किसी को भी क्षेत्र में प्रवेश की इजाजत नहीं दी जा रही है। केवल उन्हीं लोगों को जाने दिया जा रहा है जिनका उस इलाके में आवास है या फिर जिनका कोई जरूरी आधिकारिक काम अथवा दफ्तर वहां स्थित है।

वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और नियुक्ति प्रक्रिया पर तीखे सवाल वामपंथी विचारधारा से जुड़े छात्र संगठनों और नागरिक समूहों ने सीईसी ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग दोहराई है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बिहार से लेकर महाराष्ट्र तक मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया तथा एसआईआर में सामने आ रही गंभीर अनियमितताओं पर बार-बार सवाल उठाए जा रहे हैं, लेकिन निर्वाचन आयोग और सीईसी की ओर से इस पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा। प्रदर्शनकारियों ने न केवल मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की है, बल्कि चुनाव आयोग में शीर्ष पदों की नियुक्ति प्रक्रिया में बुनियादी और पारदर्शी सुधार लाने की भी पुरजोर वकालत की है।

मुंबई में भी सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता, 10 अक्टूबर से ‘जंतर-मंतर 2.0’ की चेतावनी दिल्ली ही नहीं, इस मामले की गूंज देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी सुनाई दे रही है। शुक्रवार को मुंबई के दादर स्थित ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और वामपंथी संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर ऐलान करते हुए प्रशासन और आयोग को कड़ा अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर ‘जंतर-मंतर 2.0’ की चेतावनी देते हुए कहा कि अगर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पद से इस्तीफा नहीं दिया, तो 10 अक्टूबर से देश भर में व्यापक स्तर पर ‘जंतर-मंतर 2.0’ आंदोलन छेड़ा जाएगा।

 

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