Friday , 2 October 2026

आसमान में खूनी संघर्ष: फ्लाईदुबई विमान में को-पायलट ने कैप्टन पर चाकू से किया हमला, भारतीय पायलट ने लहूलुहान होकर भी बचाई 180 यात्रियों की जान

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान बुधवार को आसमान में भयावह खूनी संघर्ष का गवाह बन गई। बीच हवा में कॉकपिट के भीतर पायलट और को-पायलट के बीच हुई हिंसक भिड़ंत के बाद विमान में सवार करीब 180 यात्रियों की सांसें अटक गईं। गंभीर रूप से घायल होने और चाकू के वार झेलने के बावजूद भारतीय कैप्टन ने अद्भुत साहस दिखाते हुए विमान को सुरक्षित सऊदी अरब की ओर मोड़ा और आपातकालीन लैंडिंग कराकर सभी यात्रियों को नया जीवन दे दिया। दुनिया भर के एविएशन जगत में अब उस भारतीय कैप्टन के अदम्य साहस की गूंज सुनाई दे रही है।

कौन हैं जांबाज भारतीय कैप्टन स्मित माछर? हवा में 180 लोगों के मसीहा बनकर उभरे इस भारतीय पायलट की पहचान कैप्टन स्मित माछर के रूप में हुई है। स्मित वर्ष 2022 में सीधे कैप्टन के पद पर फ्लाईदुबई में शामिल हुए थे। इससे पूर्व वह भारत की प्रमुख विमानन कंपनी स्पाइसजेट के साथ 11 वर्षों से अधिक समय तक सेवाएं दे चुके हैं, जहां उन्होंने सीनियर कमांडर और लाइन ट्रेनिंग कैप्टन की भूमिका निभाई थी। उनके पास 13 वर्षों से ज्यादा का व्यावसायिक उड़ान अनुभव है और वे बोइंग 737 विमानों पर करीब 9,750 उड़ान घंटे पूरे कर चुके हैं, जिसमें पायलट-इन-कमांड के रूप में 6,400 घंटे से अधिक का तजुर्बा शामिल है। उनका यही लंबा अनुभव और मानसिक मजबूती बीच आसमान में 180 जिंदगियों के लिए ढाल बन गई।

कॉकपिट में चीख-पुकार और आपातकालीन कोड 7500 फ्लाईदुबई की फ्लाइट संख्या FZ1073 ने दुबई से इजराइल के तेल अवीव के लिए सामान्य रूप से उड़ान भरी थी। उड़ान के दौरान कॉकपिट के भीतर कैप्टन स्मित माछर और ओमानी मूल के को-पायलट के बीच अचानक विवाद शुरू हो गया। यात्रियों और शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, कॉकपिट से चीखने-चिल्लाने और हाथापाई की आवाजें आने लगीं, जिससे केबिन में बैठे यात्रियों के बीच दहशत फैल गई। तनाव तब और बढ़ गया जब विमान के सिस्टम से अचानक ‘7500 ट्रांसपोंडर कोड’ भेजा गया। एविएशन नियमों के तहत यह कोड आमतौर पर विमान अपहरण या गैरकानूनी हस्तक्षेप का संकेत देने के लिए जारी किया जाता है।

चाकू लगने के बाद भी लड़ते रहे कैप्टन, नाकाम की क्रैश की साजिश शुरुआती जांच और यात्रियों के बयानों में आरोप लगाया गया है कि ओमानी को-पायलट विमान को जानबूझकर क्रैश कराने की फिराक में था। कैप्टन स्मित माछर को जैसे ही इस भयावह साजिश का अहसास हुआ, वे तुरंत यात्रियों की सुरक्षा के लिए उससे भिड़ गए। इस दौरान को-पायलट ने कैप्टन पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। चाकू के वार से लहूलुहान होने के बावजूद भारतीय कैप्टन ने हिम्मत नहीं हारी और कॉकपिट का नियंत्रण अपने हाथ में बनाए रखा। इसके बाद उन्होंने सूझबूझ से विमान को सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे की ओर मोड़ दिया और आपातकालीन लैंडिंग कराई। फ्लाईदुबई ने बाद में पुष्टि की कि विमान में सवार सभी 180 यात्री और क्रू सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं।

नेतन्याहू बोले- पायलट गिरफ्तार, इजरायली रक्षा मंत्री ने बताया आतंकी साजिश इस खौफनाक घटना पर इजराइल के शीर्ष नेतृत्व की ओर से भी त्वरित प्रतिक्रिया आई है। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पुष्टि की कि कॉकपिट में एक पायलट ने दूसरे पर चाकू से हमला कर विमान को क्रैश करने का प्रयास किया था। उन्होंने बताया कि सऊदी अरब के सुरक्षा अधिकारियों ने आरोपी को-पायलट को हिरासत में ले लिया है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है। वहीं, इजराइल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ ने इसे एक ‘जिहादी आतंकवादी हमले का प्रयास’ करार दिया और कहा कि को-पायलट का मकसद विमान को तबाह करना था। हालांकि, इजराइली प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि यह घटना अपहरण नहीं थी और सभी इजरायली यात्रियों को सुरक्षित स्वदेश लाने के लिए जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं।

 

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