Monday , 28 September 2026

विनीत मिनोचा हत्याकांड में बड़ा मोड़: बेकसूर बहू शालू को पुलिस ने दी क्लीन चिट, 21 दिन बाद आज जेल से रिहाई संभव; बेटा ही निकला मुख्य साजिशकर्ता

कानपुर के चर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में एक बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। ससुर की हत्या के आरोप में सलाखों के पीछे भेजी गई बहू शालू 21 दिन बाद आज जेल से रिहा हो सकती है। पुलिस ने गहन तफ्तीश और नए साक्ष्यों के आधार पर शालू को पूरी तरह निर्दोष पाते हुए अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है। न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद यदि सोमवार को कोर्ट से रिहाई परवाना जारी हो जाता है, तो शालू जेल से बाहर आ जाएंगी। इस फैसले के बाद शालू के मायके में खुशी का माहौल है और माता-पिता सहित पूरे परिवार ने राहत की सांस ली है।

मायके वालों का विश्वास जीता: ‘हमें पहले दिन से यकीन था कि बेटी बेकसूर है’

शालू की रिहाई की खबर मिलते ही उनके परिजनों की आंखों से आंसू छलक आए। परिजनों का कहना है कि जब पुलिस ने शुरुआती बयानों के आधार पर शालू को गिरफ्तार किया था, तब भी उन्हें अपनी बेटी के बेकसूर होने पर पूरा भरोसा था। जिस पुलिस ने जल्दबाजी में उसे जेल भेजा, उसी ने निष्पक्ष जांच कर शालू की बेगुनाही साबित की और कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट लगाई। शालू का मासूम बेटा श्रीजय घटना के बाद से ही अपने नाना-नानी के पास रह रहा है। रिहाई के बाद शालू घटना स्थल रहे रतन ऑर्बिट वाले फ्लैट में न जाकर सीधे अपने मायके पहुंचेगी और बेटे को गले लगाएगी।

5 सितंबर को फ्लैट में घुसकर चाकुओं से गोदा था, नौकर ने लिया था बहू का नाम

कल्याणपुर थाना क्षेत्र के पॉश अपार्टमेंट ‘रतन ऑर्बिट’ में रहने वाले प्रमुख दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की बीते 5 सितंबर को उनके फ्लैट के अंदर घुसकर नृशंस हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने उन पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार किए थे। शुरुआती जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने कारोबारी के पुराने घरेलू नौकर विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पूछताछ के दौरान शातिर नौकर विशाल ने पुलिस को गुमराह करते हुए दावा किया था कि यह पूरी वारदात विनीत की बहू शालू के इशारे पर की गई है। नौकर के इसी मनगढ़ंत बयान के आधार पर पुलिस ने शालू को भी हिरासत में लेकर जेल भेज दिया था।

पुलिस रिमांड में खुला खौफनाक सच: सगा बेटा सुब्रत ही निकला मास्टरमाइंड

हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए जब पुलिस ने अदालत से विशाल गौतम, राजकिशोर और शालू की पुलिस कस्टडी रिमांड (PCR) हासिल की, तब असली साजिश की परतें खुलीं। तीनों से आमने-सामने की गई कड़ी पूछताछ, मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल में चौंकाने वाला सच बाहर आया। हत्याकांड का असली मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि विनीत मिनोचा का अपना सगा बेटा सुब्रत निकला। पुलिस को सुब्रत के खिलाफ ठोस और पुख्ता सबूत मिले, जिससे साफ हो गया कि शालू को सिर्फ फंसाने की साजिश रची गई थी और हत्याकांड में उसकी कोई संलिप्तता नहीं थी।

पुलिस कमिश्नर का बयान: ‘शालू का कोई दोष नहीं, रिहाई के लिए भेजी क्लोजर रिपोर्ट’

पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने पूरे मामले की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया कि विनीत मिनोचा हत्याकांड में शालू का कोई दोष नहीं पाया गया है। तफ्तीश पूरी होने के बाद पुलिस ने त्वरित संज्ञान लेते हुए कोर्ट में शालू के पक्ष में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है। कानूनी औपचारिकताएं और रिहाई परवाना जारी होते ही शालू को सोमवार को जेल से रिहा कर दिया जाएगा।

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