Saturday , 17 October 2026

अभिनेता इमरान खान को भारत छोड़ने का फरमान: OCI कार्ड धारक होने के बावजूद क्यों मिला देश छोड़ने का नोटिस? जानिए क्या कहते हैं नियम और कानून

मशहूर अभिनेता आमिर खान के भांजे और बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान की मुश्किलें अचानक बढ़ गई हैं। अमेरिकी नागरिकता रखने वाले इमरान खान को भारत सरकार ने आगामी 28 अक्तूबर तक देश छोड़ने का सख्त आदेश जारी किया है। यह नोटिस 15 अक्तूबर को जारी हुआ। आरोप है कि मुंबई में 10 अक्तूबर को हुए एक विरोध प्रदर्शन में इमरान खान शामिल हुए थे। इमरान खान ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड धारक हैं। चूंकि वे अब भारत के नागरिक नहीं हैं, इसलिए किसी विदेशी नागरिक का भारत में राजनीतिक या सार्वजनिक प्रदर्शनों में भाग लेना नियमों का उल्लंघन माना गया है। चर्चा है कि इमरान खान इस सरकारी फरमान के खिलाफ जल्द ही उच्च न्यायालय की शरण ले सकते हैं।

आइए जानते हैं कि इस पूरे विवाद के कानूनी पहलू क्या हैं, क्या कोई ओसीआई कार्ड धारक ऐसे आदेश को अदालत में चुनौती दे सकता है और इस कार्ड से जुड़े कड़े नियम व शर्तें क्या हैं।

क्या ओसीआई कार्ड धारक सरकारी आदेश को अदालत में चुनौती दे सकता है?

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अश्विनी कुमार दुबे के अनुसार, इमरान खान या किसी भी विदेशी नागरिक के लिए भारतीय न्यायपालिका का दरवाजा खुला है। भारत के संविधान और कानूनी व्यवस्था में विदेशी नागरिकों को भी अदालत में अपनी बात रखने का अधिकार प्राप्त है। पूर्व में भी कई विदेशी नागरिक इमिग्रेशन उल्लंघन, गिरफ्तारी या निर्वासन (deportation) के मामलों को लेकर अदालतों में याचिका दाखिल कर चुके हैं, जहां अदालतों ने कानूनी दायरे में उनकी सुनवाई की है।

किसी भी सरकारी अधिकारी या प्रशासनिक आदेश की कानूनी समीक्षा के लिए संबंधित व्यक्ति उच्च न्यायालय में रिट याचिका दाखिल कर सकता है। अदालत यह जांचती है कि क्या आदेश जारी करने वाले अधिकारी के पास इसका विधिक अधिकार था, प्रक्रिया का सही पालन हुआ या नहीं, और लगाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित हैं या नहीं। इमरान खान के मामले में अदालत का रुख क्या होगा, यह नोटिस की भाषा, साक्ष्यों और संबंधित कानूनों पर निर्भर करेगा।

क्या होता है OCI कार्ड और इसके क्या लाभ हैं?

‘ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया’ (OCI) योजना नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत संचालित होती है। इसके नाम में ‘सिटीजन’ शब्द जरूर आता है, लेकिन यह भारत की नागरिकता नहीं है। OCI कार्ड धारक तकनीकी और कानूनी रूप से विदेशी नागरिक ही रहता है।

यह कार्ड भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों को कई सहूलियतें प्रदान करता है:

  • आवागमन की सुविधा: भारत आने-जाने के लिए आजीवन मल्टीपल एंट्री और बहुउद्देशीय वीजा की सुविधा मिलती है।

  • पंजीकरण से छूट: भारत में लंबे समय तक ठहरने पर भी स्थानीय पुलिस या विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण अधिकारी (FRRO) के पास बार-बार पंजीकरण कराने की जरूरत नहीं होती।

  • आर्थिक व शैक्षिक समानता: गैर-कृषि संपत्तियां खरीदने, बैंक खाता खोलने और कई आर्थिक व शैक्षिक मामलों में अनिवासी भारतीयों (NRI) के समान अधिकार मिलते हैं।

हालांकि, OCI कार्ड धारक को वोट डालने (मतदान), चुनाव लड़ने, संवैधानिक पदों (जैसे राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, न्यायाधीश) पर आसीन होने या सरकारी नौकरी पाने का अधिकार बिल्कुल नहीं होता।

OCI कार्ड के लिए कौन पात्र है और यह कैसे बनता है?

OCI कार्ड के लिए आवेदन का मुख्य आधार भारतीय मूल या भारत से मजबूत पारिवारिक संबंध होना है:

  • पात्रता: वह विदेशी नागरिक जिसके माता-पिता, दादा-दादी या परदादा-परदादी कभी भारत के नागरिक रहे हों या 26 जनवरी 1950 के बाद नागरिक बनने के पात्र थे।

  • अपवाद: यदि आवेदक स्वयं, उसके माता-पिता या पूर्वज कभी पाकिस्तान या बांग्लादेश के नागरिक रहे हों, तो उन्हें OCI कार्ड की पात्रता नहीं मिलती।

आवेदन प्रक्रिया:

आवेदक को भारत सरकार के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करना होता है। इसके साथ वर्तमान विदेशी पासपोर्ट, विदेशी नागरिकता का प्रमाण और भारतीय मूल को प्रमाणित करने वाले पुराने दस्तावेज (जैसे पुराना भारतीय पासपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र आदि) अपलोड करने होते हैं। संबंधित भारतीय दूतावास या उच्चायोग द्वारा दस्तावेजों की जांच, सुरक्षा क्लीयरेंस और बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही OCI कार्ड जारी किया जाता है।

OCI कार्ड धारक के लिए कौन-सी शर्तें मानना अनिवार्य है?

भारत में रहने के दौरान OCI कार्ड धारक को एक विदेशी नागरिक के तौर पर सभी स्थानीय कानूनों का कड़ाई से पालन करना पड़ता है:

  • राजनीतिक गतिविधियों पर रोक: विदेशी नागरिकों के देश में किसी भी राजनीतिक आंदोलन, धरने या विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पर सख्त मनाही होती है।

  • संपत्ति की सीमा: वे सामान्य आवासीय या व्यावसायिक संपत्ति तो खरीद सकते हैं, लेकिन कृषि भूमि, फार्महाउस या बागान (प्लांटेशन प्रॉपर्टी) खरीदने की अनुमति नहीं होती।

  • गतिविधि का दायरा: बिना विशेष सरकारी अनुमति के वे पर्वतारोहण, शोध कार्य, पत्रकारिता या प्रतिबंधित/संरक्षित क्षेत्रों की यात्रा नहीं कर सकते।

यदि कोई OCI धारक इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत सरकार को उसका OCI पंजीकरण रद्द करने का पूरा अधिकार है।

इमरान खान को किस कानून के तहत जारी हुआ नोटिस?

सामने आई जानकारियों के अनुसार, इमरान खान को यह नोटिस ‘इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट 2025’ की धारा 7 और धारा 29 के तहत जारी किया गया है। यह कानून विदेशी नागरिकों के भारत में प्रवेश, ठहरने, उनकी गतिविधियों और देश छोड़ने (एग्जिट) के नियमों को नियंत्रित करता है।

अधिवक्ता अश्विनी कुमार दुबे का कहना है कि OCI कार्ड भारत में रहने और यात्रा करने के लिए एक विशेष सुविधा मात्र है, इसे पूर्ण नागरिकता के तौर पर नहीं देखा जा सकता। यदि सरकार यह पाती है कि किसी व्यक्ति ने विदेशी नागरिक के तौर पर लागू नियमों या वीजा/इमिग्रेशन शर्तों का उल्लंघन किया है, तो वह देश छोड़ने का आदेश देने के साथ-साथ OCI कार्ड को निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर सकती है।

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