कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जंतर-मंतर पर शनिवार को प्रस्तावित ‘हल्लाबोल’ प्रदर्शन को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े और अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। केंद्रीय गृह सचिव की ओर से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के सख्त निर्देशों के बाद दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 35 हजार से अधिक जवानों को रणनीतिक मोर्चों पर तैनात किया गया है। लुटियंस दिल्ली और जंतर-मंतर के आसपास के इलाके को पूरी तरह किले में तब्दील कर दिया गया है। प्रदर्शन की अनुमति न होने के बावजूद जुटने वाले कार्यकर्ताओं और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने व्यापक धरपकड़ की योजना बनाई है।
खुफिया इनपुट के अनुसार, शनिवार को बड़ी तादाद में लोगों के जुटने की आशंका थी, जिसके मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली से दूर बाहरी इलाकों में 10 बड़े परिसरों को अस्थायी हिरासत केंद्रों (डिटेंशन सेंटर्स) के रूप में चिह्नित किया है। इन केंद्रों पर भी अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं, ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में रहे।
सूत्रों के मुताबिक, हिरासत में लिए जाने वाले लोगों को रखने के लिए मॉडल टाउन स्थित छत्रसाल स्टेडियम, न्यू पुलिस लाइन, बवाना का राजीव गांधी स्टेडियम, नांगलोई का सूरजमल स्टेडियम तथा दक्षिण दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम और जवाहर लाल नेहरू (JLN) स्टेडियम का चयन किया गया है। इसके अलावा कई अन्य प्रमुख मैदानों और परिसरों को भी सुरक्षित रिजर्व केंद्रों के रूप में तैयार रखा गया है।
शनिवार सुबह से ही पुलिस ने धरपकड़ की कार्रवाई शुरू कर दी है। कनॉट प्लेस और जनपथ के आसपास जमा होने की कोशिश कर रहे कई प्रदर्शनकारियों को फौरन हिरासत में ले लिया गया। पुलिस की टीमें विशेष रूप से उन संदिग्धों और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले तत्वों पर पैनी नजर रख रही हैं जो भीड़ को उकसाने या सोशल मीडिया के जरिए भ्रम फैलाने का काम कर सकते हैं। दिल्ली पुलिस ने आम नागरिकों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने और बिना अनुमति वाले किसी भी जमावड़े का हिस्सा न बनने की अपील की है।
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