Tuesday , 6 October 2026

मोबाइल यूजर्स को फिर लगेगा महंगाई का झटका: 4-5 महीनों में 15% तक महंगे हो सकते हैं रिचार्ज प्लान, रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

नई दिल्ली। देश के करोड़ों मोबाइल उपभोक्ताओं की जेब पर एक बार फिर अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है। आगामी 4 से 5 महीनों के भीतर टेलीकॉम कंपनियां अपने टैरिफ प्लान्स की कीमतों में 12 से 15 फीसदी तक का बड़ा इजाफा कर सकती हैं। इसका सीधा असर आम आदमी के मासिक और वार्षिक मोबाइल रिचार्ज बजट पर पड़ेगा। वित्तीय शोध फर्म सेंट्रम इंस्टीट्यूशनल रिसर्च की एक ताजा रिपोर्ट में यह संभावना जताई गई है।

बाजार में सीमित विकल्प और कंसोलिडेशन बना वजह रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में हुए व्यापक मार्केट कंसोलिडेशन के बाद अब कंपनियों के लिए दरें बढ़ाने का माहौल काफी अनुकूल हो चुका है। वर्तमान में बाजार में मुख्य रूप से तीन निजी और एक सरकारी (3+1) प्लेयर ही सक्रिय हैं। प्रतिस्पर्धा संतुलित होने की वजह से कंपनियां अपने नेटवर्क निवेश की भरपाई और मार्जिन सुधारने के लिए अगले 4 से 5 महीनों में टैरिफ में 12-15 प्रतिशत तक की नई वृद्धि लागू करने की पूरी तैयारी में हैं।

Q2FY27 में टेलीकॉम कंपनियों का ARPU सुधरने के संकेत वित्तीय दृष्टिकोण से देखें तो देश की तीनों प्रमुख टेलीकॉम कंपनियां—भारती एयरटेल, रिलायंस जियो और वोडाफोन आइडिया (VIL)—के प्रति यूजर औसत रेवेन्यू (ARPU) में वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2FY27) में तिमाही-दर-तिमाही 0.8 से 2.0 फीसदी की बढ़त दर्ज होने का अनुमान है। इस वृद्धि का मुख्य आधार उपभोक्ताओं का 2G से 4G/5G में तेजी से शिफ्ट होना, पोस्टपेड ग्राहकों की बढ़ती संख्या और चालू तिमाही में दिनों की अधिक संख्या है। रिपोर्ट में यह भी रेखांकित किया गया है कि एयरटेल और जियो लगातार वोडाफोन आइडिया के यूजर बेस में सेंध लगाकर अपना मार्केट शेयर मजबूत कर रहे हैं।

ग्राहक जोड़ने में जियो सबसे आगे, एयरटेल और वोडाफोन भी दौड़ में सेंट्रम की रिपोर्ट के अनुसार, चालू तिमाही में रिलायंस जियो लगभग 80 लाख (8 मिलियन) नए वायरलेस ग्राहक जोड़ सकता है, जिससे उसका कुल यूजर बेस बढ़कर 54.1 करोड़ (541 मिलियन) पर पहुंच जाएगा। वहीं, भारती एयरटेल के तिमाही आधार पर करीब 30 लाख (3 मिलियन) नए भारतीय वायरलेस ग्राहक जोड़ने का अनुमान है, जिससे इसकी कुल ग्राहक संख्या 38 करोड़ (380 मिलियन) हो जाएगी। संकट से जूझ रही वोडाफोन आइडिया (VIL) भी लगभग 10 लाख (1 मिलियन) ग्राहक जोड़कर 19.4 करोड़ (194 मिलियन) का आंकड़ा छू सकती है। 4G और 5G नेटवर्क पर बढ़ती निर्भरता के चलते प्रति ग्राहक डेटा की खपत लगातार उच्च स्तर पर बनी हुई है।

देश के 95% से अधिक जिलों में पहुंचा 5G कवरेज नेटवर्क विस्तार के मोर्चे पर रिलायंस जियो और भारती एयरटेल ने देश के 95 फीसदी से ज्यादा जिलों में अपनी 5G सेवाएं सफलतापूर्वक पहुंचा दी हैं। अब दोनों दिग्गज कंपनियों का फोकस अपने नेटवर्क पर अधिक से अधिक 5G डिवाइस जोड़ने और 5G फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA) व ब्रॉडबैंड सेवाओं को विस्तार देने पर है। दूसरी तरफ, वोडाफोन आइडिया का 5G नेटवर्क फिलहाल करीब 200 शहरों में उपलब्ध है। कंपनी अपने नेटवर्क विस्तार और FY27E-29E के 45,000 करोड़ रुपये (450 अरब रुपये) के पूंजीगत खर्च (कैपेक्स) को पूरा करने के लिए बैंकों से 25,000 करोड़ रुपये (250 अरब रुपये) का डेट फंड जुटाने को लेकर बातचीत के अंतिम दौर में है।

कंपनियों के ARPU और वित्तीय प्रदर्शन का गणित रिलायंस जियो का मासिक ARPU 1 फीसदी बढ़कर 218 रुपये प्रति माह पहुंचने की संभावना है, जिससे इसके राजस्व में तिमाही आधार पर 2.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हो सकती है। भारती एयरटेल का ARPU 2.0 प्रतिशत के उछाल के साथ 269 रुपये प्रति माह पहुंचने का अनुमान है, जो पूरी इंडस्ट्री में सबसे अधिक बना हुआ है; इससे एयरटेल के रेवेन्यू में 3.1 प्रतिशत की वृद्धि होगी। वोडाफोन आइडिया का ब्लेंडेड ARPU 0.8 फीसदी सुधरकर 178 रुपये प्रति माह रहने की उम्मीद है।

इंडस टावर्स और टाटा कम्युनिकेशंस के आंकड़ों पर भी बाजार की नजर टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स के साथ-साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल सेवा कंपनियों के आंकड़े भी मजबूत रहने के आसार हैं। इंडस टावर्स के रेवेन्यू में तिमाही-दर-तिमाही 1.7 फीसदी की बढ़ोतरी का अनुमान है, जिसे वोडाफोन आइडिया के नेटवर्क विस्तार और को-लोकेशन में 1.5 फीसदी वृद्धि का सीधा फायदा मिलेगा। वहीं, डिजिटल प्लेटफॉर्म और डेटा सर्विसेज में बेहतर प्रदर्शन के दम पर टाटा कम्युनिकेशंस के राजस्व में 1.6 प्रतिशत की बढ़त और EBITDA मार्जिन में 61 बेसिस प्वाइंट्स के सुधार के साथ इसके 19.3 प्रतिशत पर पहुंचने की उम्मीद है।

 

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